राजस्थान राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस और बीजेपी में सियासी घमासान, मंत्री महेश जोशी ने भाजपा पर लगाया हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप, बताई ये वजह


राजस्थान में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस एवं बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने के साथ ही दोनों ही दलों के नेताओं में जुबानी जंग तेज हो गई है। सुभाष चंद्रा की एंट्री के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। गहलोत के जलदाय मंत्री महेश जोशी ने कहा कि भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है। जोशी ने दावा किया कि कांग्रेस के पास 126 विधायकों का समर्थन है और इन चुनाव में कांग्रेस के तीनों प्रत्याशी जीतेंगे। जोशी ने कहा कि पूरी जनता देख रही है कि बीजेपी चुनाव में किस तरह हॉर्स ट्रेडिंग करती है। अब यह जनता को ही तय करना है कि इन चुनाव में एक राजनीतिक व्यक्ति को जिताना है या फिर उद्योगपति को। महेश जोशी ने भाजपा के समर्थन में उतारे गए डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर कहा कि बीजेपी कितना भी प्रयास कर ले लेकिन 10 जून को जब परिणाम आएगा सब साफ हो जाएगा कि कांग्रेस के तीनों प्रत्याशी जीत गए। लेकिन बीजेपी के घनश्याम तिवाड़ी जीतेंगे या डॉ सुभाष चंद्रा यह तो समय ही बताएगा।

बदली परिस्थितियों में बदले समीकरण 

राजस्थान की चार राज्यसभा सीटों पर पांच उम्मीदवार आने से सियासी समीकरण पूरी तरह से बदल गए है। कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार की जीत के लिए राह मुश्किल हो गई है। मौजूदा सियासी गणित कांग्रेस के पक्ष में है लेकिन बीजेपी समर्थित सुभाष चंद्रा ने कांग्रेस के लिए मुश्किलें पैदा कर दी है। बीजेपी की चुनौती से निपटने के लिए कांग्रेस ने रणनीति बदली है। माना जा रहा कि कांग्रेस जयपुर के एक होटल में विधायकों को प्रशिक्षण के नाम पर बाड़ेबंदी की तैयारी कर ली है। कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। तीनों ही उम्मीदवार बाहरी है। कांग्रेस विधायक बाहरी उम्मीदवारों को विरोध कर रहे हैं। डॉक्टर सुभाष चंद्रा ने विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। इस दौरान वसुंधरा राजे, सतीश पूनिया, गुलाबचंद कटारिया और राजेंद्र राठौड़ समेत तमाम वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे.

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बीजेपी को दूसरी सीट के लिए उसे 11 वोट चाहिए

मौजूदा ​संख्या बल के हिसाब से BJP एक सीट पर जीत रही है। दूसरी सीट के लिए उसे 11 वोट चाहिए। भाजपा ने घनश्याम तिवाड़ी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। सुभाष चंद्रा भी मैदान में है। भाजपा के 71 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट चाहिए। दो उम्मीदवारों के लिए 82 वोट चाहिए। भाजपा समर्थक दूसरे उम्मीदवार को जीतने के लिए 11 वोट कम पड़ रहे हैं। अगर हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के 3 विधायकों का सपोर्ट भाजपा को मिलता है तो कुल संख्या 74 हो जाती है। फिर दूसरे उम्मीदवार के लिए 8 वोटों की कमी रहती है। कांग्रेसी खेमे में सेंध लगाकर आठ वोट का प्रबंध करने पर ही भाजपा समर्थक दूसरा उम्मीदवार जीत सकता है। कांग्रेस के रणनीतिकार कांग्रेस के 108, 13 निर्दलीय, एक आरएलडी, दो सीपीएम और दो बीटीपी विधायकों को मिलाकर 126 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। इसलिए मुकाबला बहुत रोचक है। कांग्रेसी खेमे से भाजपा कुछ निर्दलीयों और नाराज कांग्रेस विधायकों में सेंध लगाने के प्रयास में है।



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