केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को याद आई पायलट की बगावत, कहा- पायलट में थोड़ी खामी रह गई; जानें मामला


केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को गहलोत सरकार नहीं गिरने का मलाल है। शेखावत ने कहा कि राजस्थान में सचिन पायलट से थोड़ी चूक हो गई। पायलट जी में थोड़ी खामी रह गई। अगर मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान में सबकुछ ठीक-ठाक हो जाता तो अब तक ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट पर काम चालू हो जाता। मैं आज जिम्मेदारी से कहता हूं। जिस तरह 2018 के बाद 2020 में मध्य प्रदेश के विधायकों ने फैसला किया। उसी तरह राजस्थान में हो गया होता तो 13 जिले अब तक प्यासे नहीं रहे होते। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में पायलट गुट ने गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी थी। सीएम गहलोत ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर उनकी सरकार गिराने का आरोप लगाया था। केंद्रीय मंत्री का नाम फोन टैपिंग मामले में भी उछला था। हालांकि, बाद में शेखावत ने सरकार गिराने में उनकी भूमिका से इंकार किया था। लेकिन वाॅयस सैंपल देने से इंकार कर दिया। 

ईआरसीपी पर गहलोत तैयार नहीं 

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जयपुर जिले के चौमू में आयोजित भाजपा की जनाक्रोश रैली को संबोधित करते हुए सीएम गहलोत को निशाने पर लिया। शेखावत ने कहा कि  ERCP को लेकर गहलोत सरकार गंभीर नहीं है। गहलोत सरकार के मंत्रियों को शायद मेरे ऑफिस में आने में डर लगता है। कोई मंत्री बात करने के लिए नहीं आया। मध्यप्रदेश की तरह राजस्थान में भाजपा की सरकार होती तो प्रोजेक्ट में मंजूरी मिल जाती। लेकिन सीएम गहलोत प्रोजेक्ट को अटकाना चाहते हैं। शेखालत ने कहा कि राजस्थान में मध्यप्रदेश जैसे हालात हो जाते तो अब तक ईआरसीपी प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती। मैं इसे तुरंत स्वीकृत करवा देता। शेखावत ने सीएम गहलोत पर ईआरसीपी प्रोजेक्ट के प्रति गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। 

पूनिया बोले- गहलोत सरकार की विदाई तय

चौमू में आयोजित भाजाप की जनाक्रोश रैली को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी संबोधित किया। सतीश पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। 2023 में राजस्थान से गहलोत सरकार की विदाई तय है। गहलोत सरकार ने जो वादे किए थे आज तक पूरे नहीं हुए है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पटरी से उतरी है। दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। दुष्कर्म की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। सीएम गहलोत दिल्ली से सरकार चला रहे हैं। रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। रैली को भाजपा प्रवक्ता एवं चौमू विधायक रामलाल शर्मा ने भी संबोधित किया। हालांकि, भाजपा की जनक्रोश रैली से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की दूरी चर्चा का विषय बनी रही। वसुंधरा राजे के नहीं आने के सवाल पर भाजपा नेताओं ने बोलने से इंकार कर दिया। 



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