गहलोत के शेखावत पर लगाए आरोप सही थे? शेखावत के बयान से गरमाई राजस्थान की सियासत; जानें मामला


केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बयान से राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शेखावत ने कहा कि साल 2018 में सचिन पायलट की बगावत में कुछ खामियां रह गई थी, वरना राजस्थान में भी मध्यप्रदेश जैसे हालात होते। जानकारों का कहना है कि शेखावत ने बयान देकर साफ कर दिया है कि पायलट में खामियां नहीं होती थी बीजेपी समर्थन देने के लिए तैयार थी और राजस्थान में गहलोत सरकार की विदाई हो जाती। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में साल 2018 में पायलट गुट की बगावत के समय सीएम गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर उनकी सरकार गिराने का आरोप लगाया था। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने चौमू में मीडिया से बात करते हुए कहा कि पायलट की बगावत में ही कमियां थी। मैं आज जिम्मेदारी से कहता हूं। जिस तरह 2018 के बाद 2020 में मध्य प्रदेश के विधायकों ने फैसला किया। उसी तरह राजस्थान में हो गया होता तो 13 जिले अब तक प्यासे नहीं रहे होते। 

हाॅर्स ट्रेडिंग में उछला था शेखावत का नाम 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में पायलट गुट ने गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी थी। सीएम गहलोत ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर उनकी सरकार गिराने का आरोप लगाया था। केंद्रीय मंत्री का नाम फोन टैपिंग मामले में भी उछला था। हालांकि, बाद में शेखावत ने सरकार गिराने में उनकी भूमिका से इंकार किया था। लेकिन वाॅयस सैंपल देने से इंकार कर दिया। गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने शेखावत पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर शेखावत ने लोकेश शर्मा के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। फिलहाल मामला कोर्ट में चल रहा है। सीएम गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया था। 

गहलोत-शेखावत की रही है पुरानी अदावत

उल्लेखनीय है कि राजस्थान की राजनीति में सीएम अशोक गहलोत और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की पुरानी अदावत रही है। दोनों ही नेता जोधपुर से आते हैं। लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को चुनाव में हराया था। तब से ही सीएम गहलोत और शेखालत के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा है। ईआरसीपी के मुद्दे पर सीएम गहलोत केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधते रहे हैं। सीएम गहलोत का आरोप है कि राजस्थान के होने के बावजूद केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ईआऱसीपी को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट का दर्जा नहीं दिला पाए। ये कैसे मंत्री है। राजस्थान की राजनीति में केंद्रीय मंत्री शेखावत का कद तेजी से बढ़ रहा है। शेखावत वसुंधरा विरोधी खेमे के नेता माने जाते हैं। 



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