भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का बड़ा सियासी बयान, कहा- जैसा महाराष्ट्र में हो रहा है वैसा राजस्थान में होगा; बताई ये वजह


पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा सियासी बयान दिया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जैसा महाराष्ट्र में हो रहा है वैसा ही राजस्थान में होगा। उसके बाद पश्चिचम बंगाल का नंबर आएगा। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र के बाद सीधे बंगाल का नंबर नहीं आएगा। उससे पहले गैर भाजपा शासित राज्यों झारखंड और राजस्थान सरकार की विदाई होगी। उसके बाद बंगाल का नंबर आएगा। शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पहले महाराष्ट्र का संकट हल निकल जाएगा। उसके बाद नंबर आएगा झारखंड और राजस्थान का। उसके बाद पश्चिम बंगाल में ऐसा होगा। शुभेंदु अधिकारी के बयान पर राजस्थान कांग्रेस की तरफ से फिलहाल आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन राजस्थान में गहलोत और पायलट गुट के बीच चल रही बयानबाजी से सियासी पारा गर्माया हुआ है। 

भाजपा नेता कर रहे हैं सचिन पायलट के लिए बैटिंग 

राजस्थान में भाजपा नेता सचिन पायलट के लिए बैटिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सचिन पायलट जनाधार वाले नेता है। सीएम अशोक गहलोत और शांति धारीवाल को यह बात चुभ रही है। उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि सचिन पायलट ने भगवान शंकर की तरह विष पिया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी पायलट के पक्ष में बैटिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। चौमू में आयोजित भाजपा की जनाक्रोश रैली में शेखावत ने कहा कि सचिन पायलट में थोड़ी खामियां है। वरना राजस्थान के हालात भी मध्यप्रदेश जैसे होते। राजस्थान के भाजपा नेताओं के बयानों से साफ झलक रहा है कि वे पायलट के लिए बैटिंग कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का पायलट के प्रति उमड़ रहा प्यार प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल की ओर संकेत दे रहा है। 

सीएम गहलोत के निशाने पर सचिन पायलट 

सीएम अशोक गहलोत बार-बार अपनी सरकार गिराने का बयान देकर सचिन पायलट को निशाने पर ले रहे हैं। हालांकि, सचिन पायलट ने कहा कि मेरे धैर्य की तारीफ खुद  राहुल गांधी कर चुके हैं। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना है। सचिन पायलट के बयान से संकेत मिलता है कि पायलट को राजस्थान कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। राहुल गांधी के बयान के बाद गहलोत कैंप पूरी तरह सतर्क हो गया है। गहलोत कैंप के मंत्री पायलट पर लगातार निशाना साध रहे हैं। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में होने है। गहलोत सरकार का करीब डेढ़ साल का कार्यकाल बचा है। जानकारों का कहना है कि सचिन पायलट को पार्टी आलाकमान ने बड़ी जिम्मेदारी नहीं तो एक बार फिर चुनाव से पहले गहलोत सरकार पर सियासी संकट आ सकता है। 



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