राजस्थान में फेल रहा 'ऑपरेशन लोटस', 35 दिन बाड़ेबंदी में रही थी गहलोत सरकार; पढ़िए इनसाइड स्टोरी


गैर भाजपा शासित राज्यों कर्नाटक और मध्यप्रदेश में सत्ता पलट चुकी है, लेकिन राजस्थान में बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोटस’, कामयाब नहीं हुआ। पायलट कैंप की बगावत की भनक लगते ही गहलोत एक्टिव मोड पर आ गए और सरकार 35 दिन तक बाड़ेबंदी में रही। सीएम गहलोत ने भाजपा और पीएम मोदी पर गैर भाजपा राज्यों की सरकार गिराने का षड्यंत्र करने का आरोप लगाया था। उल्लेखनीय है कि जुलाई 2020 में कोरोना महामारी की बीच सचिन पायलट कैंप ने बगावत कर दी और 19 विधायकों के साथ मानेसर गुड़गांव चले गए। शमात के खेल के बीच गहलोत शेष विधायकों के साथ बाड़ेबंदी में चले गए थे। तब सीएम गहलोत ने पीएम मोदी और अमित शाह पर उनकी सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप भी लगे थे। इस दौरान फोन टैपिंग जैसे मामले भी सामने आए थे।

गहलोत ने बीजेपी की हर रणनीति को किया फेल 

साल 2018 में पायलट कैंप की बगावत के बाद बीजेपी गहलोत सरकार पर अल्पमत का दावा करते हुए विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने को लेकर प्रस्ताव लेकर आई थी। गहलोत सरकार ने 14 जून 2020 को विश्वास मत हासिल कर लिया था। सरकार के पक्ष में 126 वोट पड़े थे। इस तरह गहलोत सरकार गिरने से बच गई। पायलट कैंप की बगावत के बावजूद सीएम अशोक गहलोत अपनी सरकार को बचाने में सफल हो गए।

गैर भाजपा शासित सरकारें सियासी संकट झेल चुकी 

राजस्थान में बगावत करने पर सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री से पद से बर्खास्त कर दिया गया था। हालांकि, बाद में प्रियंका गांधी के हस्तक्षेप के बाद पायलट कैंप की नाराजगी दूर हो गई और फिर से कांग्रेस में वापसी हो गई। महाराष्ट्र में शिवसेना के 40 विधायकों की बगावत के चलते उद्धव सरकार संकट में है। शिवसेना ने बीजेपी पर षड्यंत्र कर सरकार गिराने का आरोप लगाया है। साल 2018 से लेकर अब तक राजस्थान सहित 4 राज्यों में गैर भाजपा शासित सरकारें सियासी संकट झेल चुकी है। उन सभी चार राज्यों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में गैर भाजपा सरकार रही है। यही कारण है कि कांग्रेस और अन्य दल बीजेपी और मोदी सरकार पर गैर भाजपा शासित राज्यों में सरकार गिराने की साजिशों के आरोप लगाते रहे हैं। 

मध्यप्रदेश और कर्नाटक में गिरी थी सरकार 

मध्यप्रदेश में दिसंबर 2018 में कमलानाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी थी। लेकिन कमलनाथ सरकार लगभग डेढ़ साल ही चल पाई थी। कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत के चलते कमलनाथ सरकार संकट में आ गई। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 20 मार्च 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने शाम 5 बजे का समय फ्लोर टैस्ट के लिए तय किया था। उससे पहले ही कमलनाथ ने प्रेस वार्ता में इस्तीफे की घोषणा कर दी। इसी प्रकार कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल धर्मनिरपेक्ष गठबंधन सरकार के सीएम एचडी कुमार स्वामी मुख्यमंत्री बने। जुलाई 2019 में गठबंधन के 16 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया। विधानसभा में गठबंधन के पक्ष में 99 वोट पड़े जबकि विश्वास मत के विरोध में 105 वोट पड़े। कुमारस्वामी को इस्तीफा देना पड़ा। 



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