राजस्थान राज्यसभा चुनाव: नतीजों के बाद भी हार मानने को तैयार नहीं भाजपा, पूनियां बोले- यह विपक्ष की नैतिक जीत


राजस्थान की चार सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव में तीन सीटें कांग्रेस ने जीत ली हैं, वहीं एक सीट भाजपा के पास गई है। भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा को भी हार का सामना करना पड़ा है। राज्य में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रही भाजपा ने चुनावी नतीजों को पार्टी की नैतिक जीत बताया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनियां ने राज्यसभा चुनाव परिणाम पर कहा है कि इसमें वह विपक्ष की नैतिक जीत और कांग्रेस की नैतिक पराजय मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की नैतिक पराजय इसलिए मानते हैं, क्योंकि सरकार की नीयत ठीक नहीं थी। अगर उनमें ईमान एवं एकता होती तो उन्हें भगोड़े की तरह उदयपुर नहीं जाना पड़ता। 

कांग्रेस को था पर्चा लीक होने का डर: पूनियां
पूनियां ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद में नेटबंदी होती हैं तो कांग्रेस सवाल उठाती है लेकिन कांग्रेस की बांड़ेबंदी के लिए बारह घंटे के लिए नेटबंदी होना क्या संदेश देता है? उन्होंने कहा, ‘लगता है कांग्रेस को आशंका थी कि कहीं उनका पर्चा लीक न हो जाए। जनता ने यह दृश्य देखा हैं।’ उन्होंने कहा,’2023 में हम राजस्थान को कांग्रेस मुक्त करेंगे। इस चुनाव में हमारे पास एक उम्मीदवार जीतने लायक बहुमत था और दूसरे (निर्दलीय उम्मीदवार चंद्रा) के लिए कोशिश की थी लेकिन अंतर बहुत अधिक था।’

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कटारिया बोले- हमने गहलोत को घुटने के बल चला दिया
राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में उसके पास एक उम्मीदवार के लिए ही बहुमत होने के बावजूद बचे हुए मतों के आधार पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को घुटने के बल चला दिया और लोकतांत्रिक तरीके से राज्य सरकार की असफलता को जनता के सामने ला दिया। उन्होंने कहा, ‘हमारी जीत तो एक ही सीट पर प्राप्त होने वाली थी, लेकिन प्रथम वरीयता के बाद हमारे बचे हुए मतों के आधार पर मुख्यमंत्री को घुटने के बल पर चला दिया और उन्हें कैंप में बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री को सब काम छोड़कर उदयपुर जाना पड़ा।’ 

जीत के बाद यह बोले रणदीप सुरजेवाला
नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह सच्चाई की जीत है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जादू था। हालांकि भाजपा के उपनेता (प्रतिपक्ष) राजेंद्र राठौड़ ने सरकार पर इन चुनाव के दौरान निर्लज्जता पर उतरने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार के कृत्यों से लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। उन्होंने कहा, ‘लिटमस टेस्ट में राज्य सरकार विफल रही है।’

सुभाष चंद्रा को मिले सिर्फ 30 वोट
आपको बता दें कि कुल 200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा में प्रत्येक प्रत्याशी को जीतने के लिए 41 वोट चाहिए थे। निर्वाचन अधिकारी जोगाराम ने बताया कि कांग्रेस प्रत्याशी मुकुल वासनिक को 42 वोट, रणदीप सुरजेवाला को 43 एवं प्रमोद तिवारी को 41 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी को 43 वोट प्राप्त हुए। निर्दलीय सुभाष चन्द्रा को 30 वोट मिले। कुल 200 मतों में से एक मतगणना के समय खारिज किया गया। यह वोट भाजपा प्रत्याशी ने कांग्रेस के प्रमोद तिवारी को दिया था।

राजे ने दी घनश्याम तिवाड़ी को बधाई
वहीं भाजपा के विजयी उम्मीदवार घनश्याम तिवाड़ी ने जीत के बाद पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने तिवाड़ी को बधाई देते हुए ट्वीट किया, ‘विश्वस्त हूं कि उच्च सदन राज्यसभा में आप राजस्थान के हित एवं अधिकारों की आवाज को मजबूती प्रदान करेंगे।’



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