राज्यसभा चुनाव: बीत गई 'कयामत की रात', आज वोटिंग में पूरे होंगे कांग्रेस के ख्वाब या भाजपा करेगी खेल? समझें पूरा गणित


राजस्थान से राज्यसभा की चार सीट के लिए शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इसबीच बीते एक सप्ताह से उदयपुर के होटल में वक्त बिता रहे कांग्रेस और उसे समर्थन दे रहे विधायकों ने राजधानी जयपुर में रात बिताई। राज्यसभा चुनाव के रोमांच के बीच शुक्रवार को लगभग सप्ताह भर से जारी आरोपों, उम्मीदों व अटकलों के दौर का खत्म हो जाएगा। सत्तारूढ़ कांग्रेस व विपक्षी दल भाजपा ने आशंका जताई थी कि इस चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त हो सकती है, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को उम्मीद है कि आठ विधायकों की क्रॉस वोटिंग के समर्थन से वह जीतेंगे। हालांकि तीन सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल के कांग्रेस के दावे के बावजूद चौथी सीट पर पेच को लेकर अटकलें जारी हैं। 

राजस्थान विधानसभा परिसर में शुक्रवार सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा और उसके बाद मतगणना होगी। राज्य के 200 विधायक चार सीटों के लिए मतदान करेंगे। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने तीन सीट के लिए मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी और रणदीप सुरजेवाला को मैदान में उतारा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है, हालांकि वह मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा का भी समर्थन कर रही है। चंद्रा ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। 

यह है नंबर गेम
संख्या बल के हिसाब से राजस्थान की 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस अपने 108 विधायकों के साथ दो सीटें व भाजपा 71 विधायकों के साथ एक सीट आराम से जीत सकती है। दो सीटों के बाद कांग्रेस के पास 26 अधिशेष व भाजपा के पास 30 अधिशेष वोट होंगे। कांग्रेस को तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए 15 और वोट (कुल 41) चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निर्दलीय व भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायकों को मिलाकर उनके पास कुल मिलाकर 126 विधायकों का समर्थन है। वहीं भाजपा के बचे हुए 30 और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के तीन (कुल 33) मत निर्दलीय चंद्रा के पास हैं। उन्हें जीतने के लिए 41 मत चाहिए, जिनसे वह केवल आठ मत दूर हैं। 

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बता दें कि चंद्रा के मैदान में उतरने के बाद से कांग्रेस इन चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त (होर्स ट्रेडिंग) की आशंका जता रही है। वह अपने और समर्थक विधायकों को उदयपुर के एक होटल में ले गई, जहां से वे गुरुवार शाम एक विशेष विमान से वापस लौटे। उधर भाजपा ने भी छह जून को अपने विधायकों को प्रशिक्षण शिविर के नाम पर जयपुर के बाहरी इलाके में एक होटल में इकट्ठा कर लिया। वहीं विधानसभा में सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने इस बारे में पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो व उसके बाद निर्वाचन आयोग को शिकायत की। 

भाजपा ने की खरीद-फरोख्त की शिकायत
दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस पर खरीद-फरोख्त के प्रयास का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और प्रवर्तन निदेशालय को शिकायत की। विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका के बीच निर्दलीय उम्मीदवार चंद्रा के इस बयान ने कांग्रेस की चिंताएं बढ़ा दी कि आठ विधायक क्रॉस वोटिंग करेंगे। चंद्रा ने दावा किया था कि आठ विधायकों की क्रॉस वोटिंग के समर्थन से वह राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करेंगे। हालांकि सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेता लगातार कह रहे हैं कि उसके तीनों उम्मीदवार जीतेंगे। 

कांग्रेस बोली- हमारे पास बहुमत
मुख्य सचेतक जोशी ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी के तीनों उम्मीदवार जीतेंगे। हमारे पास बहुमत है।’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के पास बहुमत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘जब नंबर हमारे पास होंगे तो निर्दलीय उम्मीदवार को वोट कहां से मिलेगा? हॉर्स ट्रेडिंग के प्रयास की आशंका को देखते हुए हमारी पार्टी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और भारतीय निर्वाचन आयोग को शिकायत दी है।’

भाजपा बोली- जीतेंगे सुभाष चंद्रा
वहीं भाजपा प्रवक्ता ने भी पार्टी प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी के साथ-साथ निर्दलीय चंद्रा की जीत का भरोसा जताया। गुरुवार को प्रवक्ता ने कहा, ‘हम जीत को लेकर आश्वस्त हैं और यह कल चुनाव परिणामों में स्पष्ट होगा।’ बहुजन समाज पार्टी से कांग्रेस में आए कुछ विधायकों सहित कई विधायकों द्वारा खुलकर नाराजगी जताए जाने के बावजूद सत्तारूढ़ कांग्रेस हालांकि अपने अधिकांश समर्थक विधायकों को फिर से एकजुट करने में सफल रही है, लेकिन बसपा व भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के आधिकारिक व्हिप कुछ अलग ही निर्देश दे रहे हैं। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष ने चार जून को एक व्हिप जारी कर विधायकों को कांग्रेस या भाजपा उम्मीदवार को नहीं, बल्कि निर्दलीय उम्मीदवार को वोट देने का निर्देश दिया। इसी तरह, बीटीपी ने बुधवार को एक व्हिप जारी कर विधायकों को 10 जून को मतदान से परहेज करने का निर्देश दिया। बीटीपी के दो विधायक हैं, जिन्होंने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की है।
 
ये हैं राजस्थान से उम्मीदवार
राज्य में कुल 13 निर्दलीय विधायकों में से एक अब भी कांग्रेस खेमे से दूर है। वहीं माकपा के दो विधायकों ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि वे किसे वोट करेंगे। इनके रुख को लेकर अटकलें ही लगाई जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान से राज्यसभा की 10 सीट हैं और फिलहाल भाजपा के पास सात और कांग्रेस के तीन सांसद हैं। भाजपा के ओमप्रकाश माथुर, केजे अल्फोंस, रामकुमार वर्मा और हर्षवर्धन सिंह डूंगरपुर का कार्यकाल चार जुलाई को पूरा हो रहा है। भाजपा के अन्य तीन राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल, भूपेंद्र यादव (केंद्रीय मंत्री) और राजेंद्र गहलोत हैं। राजस्थान से कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्यों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संगठन के प्रभारी महासचिव के सी वेणुगोपाल और नीरज डांगी हैं।



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