राहुल गांधी ने पायलट का उदाहरण देकर गहलोत को दिया सियासी संदेश, पायलट को मिलेगा वफादारी का इनाम?; पढ़िए ये रिपोर्ट


कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष  राहुल गांधी ने सब्र रखने में खुद के साथ सचिन पायलट का उदाहरण देकर नई सियासी चर्चाएं छेड़ दी है। राहुल गांधी के बयान के बाद प्रदेश के सियासत में एक बार फिर सियासी चर्चाएं उफान पर है और अटकलों का बाजार गर्म है। विधानसभा चुनाव 2023 में सचिन पायलट को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। राहुल गांधी ने संकेत दिया है कि राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत का विकल्प तैयार है। पार्टी सचिन पायलट में संभावनाएं देखती है। पंजाब की तरह नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने कहा कि ईडी के अफसरों ने मुझसे आखिरी दिन पूछा कि आपने सब सवालों के जवाब दिए, इतना पेशेंस कहां से आता है। मैंने कहा यह तो बता नहीं सकता। राहुल गांधी ने कहा- जानते हो, पेशेंस कहा से आया। कांग्रेस में 2004 से काम कर रहा हूं। पेशेंस नहीं आएगा तो क्या आएगा। इस बात को कांग्रेस का हर नेता समझता है। देखो सचिन पायलट बैठे है। राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली में एआईसीसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 

सचिन पायलट बेहद आक्रामक दिखे

सोनिया गांधी-राहुल गांधी को ईडी का समन देने विरोध में दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान सचिन पायलट बेहद आक्रामक दिखाई दिए। सचिन पायलट अपने समर्थकों के साथ दिल्ली पुलिस से भिड़ते हुए भी नजर आए। आमतौर पर शांत दिखने वाले पायलट का बेहद आक्रामक हो जाना अचंभित करने वाला है। सचिन पायलट ने जिस तरह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जवाब देकर साफ कर दिया है कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि राजस्थान में सचिन पायलट से चूक हो गई। राजस्थान में मध्यप्रदेश जैस हालात नहीं हो पाए। सचिन पायलट ने केंद्रीय मंत्री शेखावत पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता आपको चुनने में चूक नहीं करेगी। राज्य की जनता सब जानती है। इन दिनों सचिन पायलट भाजपा पर लगातार कांउटर कर कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान की तरफ से सचिन पायलट को संकेत मिले हैं सब्र रखिए। सब कुछ ठीक होगा।  राजस्थान कांग्रेस में सीएम अशोक गहलोत के बाद सचिन पायलट ही सर्वमान्य नेता माने जाते हैं। सचिन पायलट 

संकट में गांधी परिवार के साथ पायलट 

सचिन पायलट ने भले ही साल 2020 में गहलोत के खिलाफ बगावत कर कांग्रेस को मुश्किल में डाल दिया हो, लेकिन सचिन पायलट संकट के समय गांधी परिवार के साथ खड़े रहे। भाजपा पर जवाबी हमला बोल रहे हैं। दिल्ली में सीएम अशोक गहलोत के बाद सचिन पायलट ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा रहे हैं और भाजपा पर कांउटर अटैक कर रहे हैं। सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ईडी का समन देने के विरोध में सचिन पायलट ने दिल्ली में मोर्चा संभाल रखा है। पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार के अहंकार और द्वेष की राजनीति के विरुद्ध कांग्रेस पार्टी सोनिया गांधी के नेतृत्व में धैर्य एवं अहिंसा के साथ सत्याग्रह के मार्ग पर चल रही है। लोकतंत्र की रक्षा एवं युवाओं के भविष्य के लिए हमारा सत्याग्रह जारी रहेगा।



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