सांसद हनुमान बेनीवाल का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाया, मदेरणा परिवार पर की गई अभद्र भाषा थे आहत, जानें मामला


राजस्थान के नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की दिग्गज जाट नेता परसराम मदेरणा के प्रति की गई असभ्य टिप्पणी को विरोध में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हनुमान बेनीवाल का पुतला जलाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि परसराम मदेरणा 36 कौम के नेता थे। मदेरणा परिवार को प्रति अशोभनीय टिप्पणी का विरोध किया जाएगा। बेनीवाल की टिप्पणी के खिलाफ शनिवार को बावड़ी पंचायत समिति के कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी बावड़ी उपखंड पर पहुंचे और वहां जन आक्रोश सभा करते हुए बेनीवाल द्वारा कि गई टिप्पणी की निंदा का। साथ ही लोगों ने इसको लेकर कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि मदेरणा परिवार किसान वर्ग की आन बान और शान हैं। स्व. परसराम मदेरणा जैसे व्यक्तित्व पर हम किसी तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे। कांग्रेस के कार्यकर्ता आरएलपी पर सोशल मीडिया पर भी निशाना साध रहे हैं। दरअसल, सांसद बेनीवाल ने हुंकार रैली के सिलसिले में जोधपुर में जनसंपर्क अभियान के दौरान दिग्गज जाट नेता परसराम मदेरणा के परिवार पर व्यक्तिगत टिप्पणी की थी। 

सांसद बेनीवाल ने विधायक दिव्या के बारे में यह कहा

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस विधायक एवं जाट नेता परसराम मदेरणा की पोती दिव्या मदेरणा पर जमकर निशाना साधा था। बेनीवाल ने कहा कि दिव्या को विकास की चिंता छोड़कर शादी कर लेनी चाहिए। क्योंकि शादी से दिमाग सही रहता है। बेनीवाल ने कहा कि खींवसर का टेंपरेचर कोई नहीं नाप सकता। आपके दादा जी होते वह भी नहीं नाप पाते। बेनीवाल ने कहा कि ओसियां विधानसभा का चुनाव था तो दोनों मां बेटी रोते हुए मेरे पास आई थी कि हमारी मदद कर दो। अगर मैं अपना उम्मीदवार खड़ा कर देता तो हारना पड़ता।

दिव्या के दादा के बारे में यह कहा

सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि परसराम मदेरणा सीएम बनना चाहते थे तो रोका किसने था। उनको सीएम बनना ही नहीं था बस बार-बार टोपी जरूर बदलते थे। भोपालगढ़ कांड में किसानों पर कार्रवाई हुई तो वे खुद मंत्री थे। परसराम मदेरणा ने जाटों की नाक कटवा दी।

दिव्या के पिता के बारे में यह कहा

सांसद बेनीवाल ने कहा कि महिपाल मदेरणा की भंवरी वाली सीडी आई थी। इतनी लंबी थी की दो से तीन बार में देखना पड़ता। सीडी के आने के बाद देश समाज के मान सम्मान को ठेस लगी। जाट समाज ने सीएम गहलोत के बेटे को सबक सिखाया और बड़े अंतर से हरा दिया। उल्लेखनीय है हनुमान बेनीवाल और दिव्या मदेरणा राजस्थान की राजनीति में बड़े जाट नेता माने जाते हैं। जोधपुर और नागौर की राजनीति में दोनों नेताओं का मजबूत जनाधार माना जाता रहा है। दोनों के बीच असली लड़ाई जाट वोट बैंक पर वर्चस्व  को लेकर है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने अग्निपथ स्कीम के विरोध में 27 जून को जोधपुर में बड़ी रैली का आयोजन करने का आह्वान किया है। 



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