Bhilwara: महिला पार्षद और पति डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत ले रहे थे, एसीबी ने किया रंगे हाथ गिरफ्तार


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 22 Jun 2022 04:13 PM IST

सार

राजस्थान के भीलवाड़ा में महिला पार्षद और उसके पति को एसीबी ने डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। 

भीलवाड़ा में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ाई महिला पार्षद और उसका पति।

भीलवाड़ा में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ाई महिला पार्षद और उसका पति।
– फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

राजस्थान के भीलवाड़ा में ठेकेदार से डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत ले रहे महिला पार्षद और उसके पति को रंगे हाथों पकड़ा है। मामला नाले के निर्माण का था, जिसके लिए पार्षद ने पैसे की डिमांड की थी। 

राजस्थान के भीलवाड़ा नगर परिषद के वार्ड नंबर 29 की महिला पार्षद लक्ष्मीदेवी सेन और उसके पति मुकेश सेन को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बुधवार को डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। रिश्वत की यह राशि पार्षद पति ने ठेकेदार से नाला निर्माण कार्य शुरू करने की एवज में ली। एसीबी की इस कार्रवाई के बाद नगर परिषद की निर्माण शाखा में हड़कंप मच गया है।

एसीबी इंस्पेक्टर नरसीलाल मीणा के अनुसार गुढ़ा का खेड़ा बरसनी निवासी और महालक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर ठेकेदार सुवालाल पुत्र मांगीलाल कुमावत ने एसीबी में शिकायत दी कि उसे वार्ड 29 काशीपुरी में विष्णु जलपान गृह के पास नाला निर्माण का ठेका मिला। इस निर्माण कार्य को शुरू करने देने की एवज में वहां की पार्षद लक्ष्मीदेवी सेन व उसके पति मुकेश सेन ने डेढ़ लाख रुपए की मांग की है। एसीबी ने इस शिकायत का सत्यापन करवाया। सत्यापन के बाद बुधवार को ही  ठेकेदार सुवालाल कुमावत डेढ़ लाख रुपए (एक लाख 20 हजार का चेक और 30 हजार रुपये नकद) लेकर विष्णु जलपान गृह के पास पहुंचा जहां उससे पति मुकेश सेन ने उक्त रिश्वत की राशि ली। इसी दौरान परिवादी का संकेत पाकर एसीबी की टीम मौके पर पहुंची और पार्षद पति को रिश्वत राशि सहित दबोच लिया। 

निर्माण विभाग के इंजीनियरों की भूमिका होने का अंदेशा

एसीबी नगर परिषद की निर्माण शाखा से इस निर्माण कार्य से संबंधित पत्रावली को प्राप्त करने की कार्रवाई कर रही है जिससे वहां हड़कंप मचा है। इस कार्रवाई से समूचे सिस्टम पर सवालिया निशान लग गया है। सूत्रों का कहना है कि पार्षद और उसके पति पर हुई कार्रवाई ने परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए हैं। 

 



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