Karauli: मृत्युभोज में खाना खाने से 200 लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार, गांव पहुंची चिकित्सा विभाग की टीम


न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
Published by: रोमा रागिनी
Updated Wed, 15 Jun 2022 08:15 AM IST

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करौली जिले के ग्राम पंचायत सांकरवाड़ा में करीब 200 लोगों फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए। सोमवार को गांव में मृत्युभोज में खाना खाने के बाद ग्रामीणों को पेट दर्द और उल्टी होने लगी। जिसके बाद बीमारों का मंगलवार देर रात तक चिकित्सालय में आना जारी रहा। 

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार गांव में ही एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत होने पर सोमवार को मृत्युभोज का कार्यक्रम था। दोपहर करीब चार बजे सभी लोग खाना खाने के लिए गए थे। ऐसे में खाना खाने के बाद ग्रामीणों को रात करीब 10 बजे उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। जिसके बाद लोग एक-एक करके कस्बे के चिकित्सालय पहुंचने लगे। सूचना मिलने पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. अमर सिंह मीना ने गांव सांकरवाड़ा में डॉ. ताराचंद के नेतृत्व में टीम को भेजा। जहां सभी महिला और पुरुष और बच्चों का प्राथमिक इलाज किया गया।

चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि ज्यादा सीरियस लोगों को टोडाभीम अस्पताल में रेफर किया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि 150 से 200 के करीब ग्रामीण फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं। मृत्युभोज में प्रथम दृष्टया दही-बड़े का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग होने की संभावना जताई जा रही है।

विस्तार

करौली जिले के ग्राम पंचायत सांकरवाड़ा में करीब 200 लोगों फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए। सोमवार को गांव में मृत्युभोज में खाना खाने के बाद ग्रामीणों को पेट दर्द और उल्टी होने लगी। जिसके बाद बीमारों का मंगलवार देर रात तक चिकित्सालय में आना जारी रहा। 

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार गांव में ही एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत होने पर सोमवार को मृत्युभोज का कार्यक्रम था। दोपहर करीब चार बजे सभी लोग खाना खाने के लिए गए थे। ऐसे में खाना खाने के बाद ग्रामीणों को रात करीब 10 बजे उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। जिसके बाद लोग एक-एक करके कस्बे के चिकित्सालय पहुंचने लगे। सूचना मिलने पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. अमर सिंह मीना ने गांव सांकरवाड़ा में डॉ. ताराचंद के नेतृत्व में टीम को भेजा। जहां सभी महिला और पुरुष और बच्चों का प्राथमिक इलाज किया गया।


चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि ज्यादा सीरियस लोगों को टोडाभीम अस्पताल में रेफर किया गया। फिलहाल स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि 150 से 200 के करीब ग्रामीण फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं। मृत्युभोज में प्रथम दृष्टया दही-बड़े का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग होने की संभावना जताई जा रही है।



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