Last Rites Of Martyr Kumbhakaran Singh Performed With State Honours In Taranagar Of Churu Rajasthan – Rajasthan: 28 साल के शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़े लोग, पांच साल पहले हुई थी शादी, भाई के बेटे ने दी मुखाग्नि


भारतीय सेना के बहादुर जवान कुंभकरण सिंह राठौड़ का पार्थिव शरीर शनिवार को चूरू के तारानगर तहसील के तोगावास गांव पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते हैं हर आंख नम हो गई। तिरंगे में लिपटे बेटे को देख परिजनों का रो-रोकर बुर हाल था। 

कुछ देर बाद सेना के जवानों की उपस्थिति में उनका पार्थिव शरीर बक्से के मुक्ति धाम लाया गया। इस दौरान रास्ते भर ‘जब तक सूरज चांद रहेगा कुंभकर्ण सिंह तेरा नाम रहेगा’… और भारत मां के जयकारे लगते रहे। मुक्तिधाम में शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के भतीजे विजेंद्र सिंह ने उनकी चिता को अग्नि दी। 

इससे पहले शहीद का पार्थिव शरीर तारानगर पहुंचा तो वहां से तिरंगा यात्रा निकाली गई। जिसमे बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान भी राठौड़ की शहादत को याद करते हुए लोगों ने उनकी जय जयकार की। बतादें कि तोगावास निवासी गुलाब सिंह राठौड़ के बेटे शहीद कुंभकर्ण सिंह भारतीय सेना में 27वीं राजपूत रेजिमेंट के जवान थे। गुरुवार को शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) में ड्यूटी के दौरान कुंभकरण सिंह शहीद हो गए थे। उनकी उम्र महन 28 साल थी। 

जानकारी के अनुसार कुंभकरण सिंह वर्ष 2013 में सेना में भर्ती हुए थे। वे लॉस नायक के पद पर कार्यरत थे। वह आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। पांच साल पहले उनकी शादी हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। बेटी करीब चार साल की है और बेटी दस महीने का है। उनके बड़े भाई नंदलाल सिंह भी सेना में हैं। कुंभकर्ण के पिता किसान हैं और गांव में रहकर खेती करते हैं।

अंतिम यात्रा पर निकले शहीद को लोगों ने दी पुष्पांजलि

शहीद कुंभकरण सिंह की अंतिम यात्रा की तारानगर से शुरू होकर उनके गांव तोगावास पहुंची। इस दौरान उनकी यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्पांजलि कर शहीद की शहादत को नमन किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। भाजपा विधायक राजेंद्र राठौड़ भी शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उनकी अंत्येष्टि से पहले कैप्टन तुषार के नेतृत्व में 3 राउंड गोलियां हवा में दाग कर उन्हें सलामी दी गई। इस दौरान राजेंद्र राठौड़, नरेंद्र बुडानिया, रतनसिह राठोड़, सुरेंद्र सिंह राठौड़, संजय कस्वां, एसडीएम प्रभव ज्योत गिल, डीएसपी ओमप्रकाश गोदारा, राकेश जांगिड़, हरलाल सहारण, निर्मल प्रजापत सहित अन्य मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पत्र के माध्यम से शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।



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