National Herald Case: गहलोत बोले- सोनिया और राहुल गांधी को टारगेट कर की गई यह हरकत, केस 2015 में खत्म


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National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से आज लगातार दूसरे दिन भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ जारी है। इससे पहले सोमवार को राहुल से करीब 10 घंटे की पूछताछ की गई थी। राहुंल को पूछताछ के लिए ईडी दफ्तार बुलाए जाने के खिलाफ कांग्रेस नेता केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी केंद्र पर लगातार निशाना साध रहे हैं। साथ ही उनके निशाने पर जांच एजेंसियां भी है। 

अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा, आज जो यह केस हुआ है ईडी वाला, नेशनल हेराल्ड अखबार 1937 में निकला था। आज तक कांग्रेस इसे फाइनेंस करती आई है। धीरे-धीरे वह कमजोर हो गया जैसे आज कई प्रिंट मीडिया वाले कमजोर हो गए हैं। वह अपने संवाददाताओं की तनख्वाह घटा रहे हैं और छंटनी कर रहे हैं। वही हालत हेराल्ड की थी और खराब हालत थी।

यह जो तमाम संगठन बने हुए हैं, जिसके बारे में ईडी बुला रही है। यह नॉन-प्रॉफिटेबल संगठन हैं। एक रुपया भी सोनिया गांधी या राहुल गांधी चाहें तो भी घर में नहीं ले जा सकते, क्योंकि इसमें कानून कहता है कि ये नॉन-प्रॉफिटेबल संगठन हैं और उसमें कोई भी डायरेक्टर लाभांश नहीं ले सकता है।

सीएम गहलोत ने कहा, मैं प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहूंगा कि ईडी के छापे बंद करवाओ। कल मैंने ईडी के डायरेक्टर, सीबीआई के डायरेक्टर और इनकम टैक्स के चेयरमैन से टाइम मांगा था। कहा था कि मैं आपसे मिलना चाहता हूं। मैं अपनी बात एक नागरिक के रूप में, एक राज्य के चुने हुए मुख्यमंत्री के रूप में और मैं क्या फील करता हूं, देशवासी क्या फील कर रहे हैं आपके बारे में यह बताना चाहता हूं। 

उन्होंने कहा, तीनों एजेंसियां हमारी प्रीमियर और प्रतिष्ठित एजेंसियां हैं। उनको मैं बताऊं कि आप खुद समझ रहे हैं कि दबाव में काम कर रहे हैं तो आपको चाहिए कि आप दबाव से मुक्त भी हों। अगर आपको गलत काम करने को कहें तो आपमें हिम्मत होनी चाहिए, साहस होना चाहिए कि मेरा जमीर मुझे गवाही नहीं दे रहा है, इसलिए हम यह रेड नहीं कर सकते हैं।

गहलोत ने कहा, ईडी को यह बताना चाहिए किसके दबाव में वह काम कर रही है? 2015 के अंदर ईडी के जो जॉइंट डायरेक्टर थे या जो आईओ थे उन्होंने तमाम आर्ग्यूमेंट्स देकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बारे में केस क्लोज कर दिया था। उसके बाद क्या कारण रहे?  केस क्लोज होने के बाद उसे पुनः खोला गया है और टारगेट करके इस प्रकार की हरकत की गई है। उससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में बहुत आक्रोश है, देशभर में लोगों में आक्रोश है, क्योंकि कानून का राज सब चाहते हैं।

गहलोत ने कहा, कानून सबके लिए बराबर है, परंतु टारगेट बनाकर यह लोग आज सोनिया और राहुल गांधी तक पहुंचे हैं। पूरे देश के अंदर 8 साल से ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई का तमाशा हो रहा है। यह तमाशा बर्दाश्त करते-करते लोग दुःखी हो गए हैं।

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National Herald Case: नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से आज लगातार दूसरे दिन भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ जारी है। इससे पहले सोमवार को राहुल से करीब 10 घंटे की पूछताछ की गई थी। राहुंल को पूछताछ के लिए ईडी दफ्तार बुलाए जाने के खिलाफ कांग्रेस नेता केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी केंद्र पर लगातार निशाना साध रहे हैं। साथ ही उनके निशाने पर जांच एजेंसियां भी है। 

अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा, आज जो यह केस हुआ है ईडी वाला, नेशनल हेराल्ड अखबार 1937 में निकला था। आज तक कांग्रेस इसे फाइनेंस करती आई है। धीरे-धीरे वह कमजोर हो गया जैसे आज कई प्रिंट मीडिया वाले कमजोर हो गए हैं। वह अपने संवाददाताओं की तनख्वाह घटा रहे हैं और छंटनी कर रहे हैं। वही हालत हेराल्ड की थी और खराब हालत थी।

यह जो तमाम संगठन बने हुए हैं, जिसके बारे में ईडी बुला रही है। यह नॉन-प्रॉफिटेबल संगठन हैं। एक रुपया भी सोनिया गांधी या राहुल गांधी चाहें तो भी घर में नहीं ले जा सकते, क्योंकि इसमें कानून कहता है कि ये नॉन-प्रॉफिटेबल संगठन हैं और उसमें कोई भी डायरेक्टर लाभांश नहीं ले सकता है।

सीएम गहलोत ने कहा, मैं प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहूंगा कि ईडी के छापे बंद करवाओ। कल मैंने ईडी के डायरेक्टर, सीबीआई के डायरेक्टर और इनकम टैक्स के चेयरमैन से टाइम मांगा था। कहा था कि मैं आपसे मिलना चाहता हूं। मैं अपनी बात एक नागरिक के रूप में, एक राज्य के चुने हुए मुख्यमंत्री के रूप में और मैं क्या फील करता हूं, देशवासी क्या फील कर रहे हैं आपके बारे में यह बताना चाहता हूं। 

उन्होंने कहा, तीनों एजेंसियां हमारी प्रीमियर और प्रतिष्ठित एजेंसियां हैं। उनको मैं बताऊं कि आप खुद समझ रहे हैं कि दबाव में काम कर रहे हैं तो आपको चाहिए कि आप दबाव से मुक्त भी हों। अगर आपको गलत काम करने को कहें तो आपमें हिम्मत होनी चाहिए, साहस होना चाहिए कि मेरा जमीर मुझे गवाही नहीं दे रहा है, इसलिए हम यह रेड नहीं कर सकते हैं।

गहलोत ने कहा, ईडी को यह बताना चाहिए किसके दबाव में वह काम कर रही है? 2015 के अंदर ईडी के जो जॉइंट डायरेक्टर थे या जो आईओ थे उन्होंने तमाम आर्ग्यूमेंट्स देकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बारे में केस क्लोज कर दिया था। उसके बाद क्या कारण रहे?  केस क्लोज होने के बाद उसे पुनः खोला गया है और टारगेट करके इस प्रकार की हरकत की गई है। उससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में बहुत आक्रोश है, देशभर में लोगों में आक्रोश है, क्योंकि कानून का राज सब चाहते हैं।

गहलोत ने कहा, कानून सबके लिए बराबर है, परंतु टारगेट बनाकर यह लोग आज सोनिया और राहुल गांधी तक पहुंचे हैं। पूरे देश के अंदर 8 साल से ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई का तमाशा हो रहा है। यह तमाशा बर्दाश्त करते-करते लोग दुःखी हो गए हैं।



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