Rajasthan: केंद्रीय मंत्री शेखावत बोले- पायलट से चूक हो गई, MP की तरह होता तो ईआरसीपी का काम शुरू हो गया होता 


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सचिन पायलट से राजस्थान में चूक हो गई, अगर मध्यप्रदेश की तरह यहां भी सब ठीक हो जाता तो पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का काम अब तक शुरू हो जाता। यह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कही। वह सोमवार रात जयपुर के चौमूं में भाजपा की जनआक्रोश रैली में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। दरअसल, शेखावत मप्र की तरह राजस्थान में भी कांग्रेस सरकार के गिरने की बात कह रहे थे।

उन्होंने कहा, 13 जिलों में 30 से अधिक बांध हैं, जिनमें पानी भरने का काम अगले 5 साल में पूरा करके दूंगा और केंद्र सरकार योजना को पूरा करेगी, लेकिन गहलोत लोगों को पानी नहीं पिलाना चाहते। वह सिर्फ सूखे और प्यासे कंठों के नाम पर राजनीति करके एक बार फिर सत्ता की कुर्सी पाना चाहते हैं। 

शेखावत ने कहा, सीएम अशोक गहलोत को ईआरसीपी के प्रस्ताव को संशोधित कर केंद्र को भेजना हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए यह इस पर कुंडली मारकर बैठे हैं। अगर, यह आज प्रस्ताव भेज दें तो दो महीने में इसे लागू करवा दूंगा। अगर, यह ऐसा नहीं करते हैं तो 2023 में आप इन्हें भेज देना। उसके बाद अपनी (भाजपा) सरकार आएगी और हम इसे लागू करेंगे।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा, गहलोत साहब जब मुख्यमंत्री बने और ईआरसीपी पर चर्चा की तो सबसे पहली आपत्ति मध्यप्रदेश के मुखिया कमलनाथ ने दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था, यह योजना जिन नियमों से बनाई है, वह केंद्र और देश के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसमें सुधार करने की आवश्यकता है। मध्य प्रदेश सरकार को इस पर आपत्ति है, हम इसे पारित नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा, 2019 में जब मैं जलशक्ति मंत्री बना तो मैंने एक बैठक बुलाई। राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंत्रियों-अफसरों को बुलाया। अधिकारी तो आए, लेकिन राजस्थान के मंत्रियों को शायद मेरे ऑफिस में आने से डर लगता है, क्योंकि गहलोत साहब के बेटे को जोधपुर की जनता ने हरा दिया था। मैंने 7 बार मीटिंग की और सातों बार मंत्री नहीं आए। गहलोत रोज झूठ बोलते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी ने ईआरसीपी को लेकर वादा किया था। सच्चाई यह है कि यह योजना 2018 में भारत सरकार के पास पहुंची थी। उस समय तक योजना के किसी भी पक्ष से चर्चा या समीक्षा नहीं हो पाई थी। पीएम ने जयपुर और अजमेर में सिर्फ यह कहा था कि इस योजना को पर विचार चल रहा है।  

शेखावत ने कहा, जल जीवन मिशन में राजस्थान को सबसे ज्यादा 27,000 करोड रुपये आवंटित किए गए हैं, लेकिन गहलोत सरकार काम की गति को नहीं बढ़ा रही। राजस्थान सरकार चाहे कितनी भी ताकत लगा ले, चाहे कितना भी रोक ले, मैं वाद करता हूं कि राजस्थान में 2024 के अंत तक यह योजना पूरी होगी। एक भी माता-बहन को सिर पर घड़ा रखकर पानी लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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सचिन पायलट से राजस्थान में चूक हो गई, अगर मध्यप्रदेश की तरह यहां भी सब ठीक हो जाता तो पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का काम अब तक शुरू हो जाता। यह केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कही। वह सोमवार रात जयपुर के चौमूं में भाजपा की जनआक्रोश रैली में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। दरअसल, शेखावत मप्र की तरह राजस्थान में भी कांग्रेस सरकार के गिरने की बात कह रहे थे।

उन्होंने कहा, 13 जिलों में 30 से अधिक बांध हैं, जिनमें पानी भरने का काम अगले 5 साल में पूरा करके दूंगा और केंद्र सरकार योजना को पूरा करेगी, लेकिन गहलोत लोगों को पानी नहीं पिलाना चाहते। वह सिर्फ सूखे और प्यासे कंठों के नाम पर राजनीति करके एक बार फिर सत्ता की कुर्सी पाना चाहते हैं। 

शेखावत ने कहा, सीएम अशोक गहलोत को ईआरसीपी के प्रस्ताव को संशोधित कर केंद्र को भेजना हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए यह इस पर कुंडली मारकर बैठे हैं। अगर, यह आज प्रस्ताव भेज दें तो दो महीने में इसे लागू करवा दूंगा। अगर, यह ऐसा नहीं करते हैं तो 2023 में आप इन्हें भेज देना। उसके बाद अपनी (भाजपा) सरकार आएगी और हम इसे लागू करेंगे।

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा, गहलोत साहब जब मुख्यमंत्री बने और ईआरसीपी पर चर्चा की तो सबसे पहली आपत्ति मध्यप्रदेश के मुखिया कमलनाथ ने दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था, यह योजना जिन नियमों से बनाई है, वह केंद्र और देश के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसमें सुधार करने की आवश्यकता है। मध्य प्रदेश सरकार को इस पर आपत्ति है, हम इसे पारित नहीं होने देंगे।

उन्होंने कहा, 2019 में जब मैं जलशक्ति मंत्री बना तो मैंने एक बैठक बुलाई। राजस्थान और मध्य प्रदेश के मंत्रियों-अफसरों को बुलाया। अधिकारी तो आए, लेकिन राजस्थान के मंत्रियों को शायद मेरे ऑफिस में आने से डर लगता है, क्योंकि गहलोत साहब के बेटे को जोधपुर की जनता ने हरा दिया था। मैंने 7 बार मीटिंग की और सातों बार मंत्री नहीं आए। गहलोत रोज झूठ बोलते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी ने ईआरसीपी को लेकर वादा किया था। सच्चाई यह है कि यह योजना 2018 में भारत सरकार के पास पहुंची थी। उस समय तक योजना के किसी भी पक्ष से चर्चा या समीक्षा नहीं हो पाई थी। पीएम ने जयपुर और अजमेर में सिर्फ यह कहा था कि इस योजना को पर विचार चल रहा है।  

शेखावत ने कहा, जल जीवन मिशन में राजस्थान को सबसे ज्यादा 27,000 करोड रुपये आवंटित किए गए हैं, लेकिन गहलोत सरकार काम की गति को नहीं बढ़ा रही। राजस्थान सरकार चाहे कितनी भी ताकत लगा ले, चाहे कितना भी रोक ले, मैं वाद करता हूं कि राजस्थान में 2024 के अंत तक यह योजना पूरी होगी। एक भी माता-बहन को सिर पर घड़ा रखकर पानी लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।



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