Rajasthan: क्रॉस वोटिंग करने वाली विधायक शोभारानी का BJP पर बड़ा हमला, पांच पॉइंट में जानें क्यों हैं नाराज 


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राजस्थान राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाली विधायक शोभा को भाजपा ने निलबिंत कर दिया है। भाजपा ने उन्हें नोटिस देकर सात दिन में जवाब मांगा कि क्यों न उन्हें निष्कासित किया जाए। विधायक शोभारानी कुशवाह ने इसे लेकर भाजपा और पार्टी नेताओं पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने बिना नाम लिए कई पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आइए पांच पॉइंट में जानें विधायक ने क्या क्या कहा?    

मैं भाजपा के पास नहीं गई थी, वह मेरे पास आए 
विधायक शोभा ने कहा, 2017 में धौलपुर उपचुनाव के लिए मैं और मेरा कुशवाहा समाज भाजपा के पास नहीं गया था। मेरे परिवार को तबाह करने के बाद जब इन लोगों (भाजपा) को लगा कि जिले के साथ-साथ पूरे राजस्थान का कुशवाहा समाज इनके के हाथ से निकल सकता है तो खुद चलकर मेरे पास आए थे। समाज के प्रदेश अध्यक्ष, 20 जिम्मेदार बुजुर्गों और युवाओं के सामने कुछ वायदे किए थे, उनमें से एक भी वायदा पूरा नहीं किया गया। भाजपा हाईकमान उन महान बढ़े लोगों से पूछे जो हमें पार्टी में लेकर आए थे, ऐसा क्यों हुआ?

भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने नप के चेयरमैन प्रत्याशी को हराया 
शोभा ने कहा, धौलपुर नगर परिषद चेयरमैन चुनाव में मेरे समर्थक, भाजपा के जन्मजात कार्यकर्ता और अग्रवाल समाज के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश गर्ग की बहू को भाजपा की ओर से नगर परिषद चेयरमैन का प्रत्याशी बनाया गया था। हमारे पास में जीतने के लिए संख्या भरपूर थी, लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने पार्टी के जीते हुए पार्षदों को कांग्रेस को देकर उनका चेयरमैन बनवा दिया। जिसकी जानकारी जयपुर से लेकर दिल्ली तक दी गई, लेकिन उन बड़े नेताओं को निलंबित करना तो दूर उन्हें नोटिस जारी करने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। ऐसी पार्टी में कौन सा कार्यकर्ता या नेता काम करना चाहेगा? 

भाजपा प्रत्याशी को हरवाया 
शोभा ने आरोप लगाया कि, हाल ही में संपन्न हुए पंचायत समिति चुनाव में मैंने धौलपुर पंचायत समिति से लोधा समाज के नवल लोधा जी को भाजपा प्रधान प्रत्याशी बनाया था। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने जानबूझकर अपने ही कार्यकर्ताओं से उन्हें  हरवा दिया। 

सुभाष चंद्रा पर लगाए गंभीर आरोप 
शोभा ने कहा, भाजपा की तरफ से घनश्याम तिवाड़ी को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था। हमको विश्वास पात्रों में शामिल न करते हुए, कहा गया कि आपको निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को वोट करना है। मुझे उस व्यक्ति को वोट करने के लिए कहा गया जिसने 2014 में हमारे खिलाफ पूरे देश में अपने चैनल पर झूठी अफवाह फैलाई थीं। वह व्यक्ति पैसे के दम पर पूरे नंबर न होने के बावजूद भी खुलेआम क्रॉस वोटिंग की चर्चा कर रहा था। ऐसे व्यक्ति को हमारे समर्थकों ने स्वीकार नहीं किया। 

2023 के चुनाव से मुझे बाहर करना चाहती है भाजपा 
विधायक शोभा ने कहा, भाजपा के राष्ट्रीय नेता मेरे समाज के कुछ गुलाम और लालची प्रवृत्ति के लोगों को आगे करके हमारी एकता को तोड़कर 2023 के चुनावों में मुझे राजनीति से बाहर करना चाहते हैं। क्योंकि, इन्हें पता है कि शोभा रानी उस कुशवाहा की पत्नी है जिसने कभी झुकना सीखा ही नहीं। चाहे सामने कितनी ही बड़ी ताकत क्यों न हो। धौलपुर की सीट को हमने लगातार तीन बार जीता है। यह जानते हैं कि अगर चौथी बार यह जीतेंगे तो इनका कद राजनीति में बहुत ऊपर चला चाएगा। 

इसलिए यह चाहते हैं कि कोई ऐसा कुशवाहा गुलाम मिल जाए जो इनकी हां में हां मिलाता रहे और यह लोग कुशवाहा समाज के वोटों को लूटते रहें। मैंने, मेरे कुशवाहा समाज और सभी सर्व समाज के कार्यकर्ताओं ने बहुत धोखा खा लिया, अब कोई हमें दोबारा से धोखा दे यह हमें और हमारे कार्यकर्ताओं को मंजूर नहीं है।

किसी भी नेता का वजूद उनके कार्यकर्ताओं से होता है, इसलिए हमारे कार्यकर्ताओं ने खुद निर्णय लिया है कि वे खुद ऐसी पार्टी में नहीं रहना चाहते जिसके राष्ट्रीय नेता अपने ही प्रत्याशियों को हराने का काम करें। मुझ पर कार्रवाई करने के लिए बहुत-बहुत आभार, लेकिन भाजपा ने जितनी तत्परता मुझे पार्टी से निष्कासित करने में दिखाई है। अगर, इतनी ही इमानदारी से पार्टी के विरोध में काम करने वाले अन्य बड़े नेताओं पर कार्रवाई हो तो आम कार्यकर्ताओं को खुशी होगी।  

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राजस्थान राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाली विधायक शोभा को भाजपा ने निलबिंत कर दिया है। भाजपा ने उन्हें नोटिस देकर सात दिन में जवाब मांगा कि क्यों न उन्हें निष्कासित किया जाए। विधायक शोभारानी कुशवाह ने इसे लेकर भाजपा और पार्टी नेताओं पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने बिना नाम लिए कई पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आइए पांच पॉइंट में जानें विधायक ने क्या क्या कहा?    

मैं भाजपा के पास नहीं गई थी, वह मेरे पास आए 

विधायक शोभा ने कहा, 2017 में धौलपुर उपचुनाव के लिए मैं और मेरा कुशवाहा समाज भाजपा के पास नहीं गया था। मेरे परिवार को तबाह करने के बाद जब इन लोगों (भाजपा) को लगा कि जिले के साथ-साथ पूरे राजस्थान का कुशवाहा समाज इनके के हाथ से निकल सकता है तो खुद चलकर मेरे पास आए थे। समाज के प्रदेश अध्यक्ष, 20 जिम्मेदार बुजुर्गों और युवाओं के सामने कुछ वायदे किए थे, उनमें से एक भी वायदा पूरा नहीं किया गया। भाजपा हाईकमान उन महान बढ़े लोगों से पूछे जो हमें पार्टी में लेकर आए थे, ऐसा क्यों हुआ?



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