Rajasthan: गहलोत के मंत्री का कांग्रेस हाईकमान पर हमला, बोले- फैसले पर कायम नहीं रहते, हमसे क्या उम्मीद करोगे?   


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राजस्थान में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने विधायकों की नाराजगी भले ही दूर कर दी हो, लेकिन पार्टी में अंर्तकलह अब भी जारी है। समय-समय पर कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए जाने वाले बयानों यह साफ जाहिर हो जाता है। शनिवार को मंत्री शांति धारीवाल ने ऐसा ही एक बयान दिया, जिसने कांग्रेस पार्टी की नीतियों पर ही सवाल उठा दिए। साथ ही अंर्तकलह को भी हवा दे दी है। 

दरअसल, मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, फैसले करने वाले ही उस पर कायम नहीं रहते तो फिर वह हमसे क्या उम्मीद करेंगे? वह पार्टी के नव संकल्प घोषणापत्र के क्रियान्वयन पर कोटा में जिलास्तरीय कार्यशाला में चर्चा कर रहे थे। दो बार चुनाव हार चुके नेताओं को टिकट नहीं देने को लेकर उन्होंने कहा हमें इन सब बातों को पड़ेगा। इस तरह के फैसले कभी नहीं होते हैं। दो बार चुनाव हार चुके व्यक्ति को तीसरी बार टिकट नहीं देंगे, इस तरह का फैसला पहले भी हो चुका है। कई बार ऐसे लोगों को टिकट नहीं दिया गया, लेकिन जरूरत पड़ी तो ऐसा करना पड़ा। 

बीकानेर से बीडी कल्ला का उदाहरण देते हुए मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, कल्ला जी दो बार हारे हुए थे। पार्टी ने उन्हें तीसरी बार भी टिकट दिया। अगर पाबंदी थी तो उन्हें क्यों दिया? दूसरे व्यक्ति को क्यों नहीं दिया गया? इस तरह की चीजों पर फैसला होना चाहिए। फैसले करने वाले ही उस पर कायम नहीं रहते तो फिर वो हमसे क्या उम्मीद करेंगे?

पार्टी पर नहीं बीडी कल्ला पर निशाना 
सियासी गलियारों में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का बयान कांग्रेस हाईकमान पर नहीं, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला पर हमला माना जा रहा है। दरअसल, पिछली मंत्रिपरिषद की बैठक में धारीवाल और कल्ला की बहस हो गई थी। धारीवाल ने शिक्षा विभाग में आरएसएस से जुड़े कर्मचारियों और शिक्षकों के लंबे समय से एक ही जगह पर रहने को लेकर सवाल उठाए थे। इसे लेकर दोनों नेता आपस में भिड़ गए थे।  

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राजस्थान में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने विधायकों की नाराजगी भले ही दूर कर दी हो, लेकिन पार्टी में अंर्तकलह अब भी जारी है। समय-समय पर कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए जाने वाले बयानों यह साफ जाहिर हो जाता है। शनिवार को मंत्री शांति धारीवाल ने ऐसा ही एक बयान दिया, जिसने कांग्रेस पार्टी की नीतियों पर ही सवाल उठा दिए। साथ ही अंर्तकलह को भी हवा दे दी है। 

दरअसल, मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, फैसले करने वाले ही उस पर कायम नहीं रहते तो फिर वह हमसे क्या उम्मीद करेंगे? वह पार्टी के नव संकल्प घोषणापत्र के क्रियान्वयन पर कोटा में जिलास्तरीय कार्यशाला में चर्चा कर रहे थे। दो बार चुनाव हार चुके नेताओं को टिकट नहीं देने को लेकर उन्होंने कहा हमें इन सब बातों को पड़ेगा। इस तरह के फैसले कभी नहीं होते हैं। दो बार चुनाव हार चुके व्यक्ति को तीसरी बार टिकट नहीं देंगे, इस तरह का फैसला पहले भी हो चुका है। कई बार ऐसे लोगों को टिकट नहीं दिया गया, लेकिन जरूरत पड़ी तो ऐसा करना पड़ा। 

बीकानेर से बीडी कल्ला का उदाहरण देते हुए मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, कल्ला जी दो बार हारे हुए थे। पार्टी ने उन्हें तीसरी बार भी टिकट दिया। अगर पाबंदी थी तो उन्हें क्यों दिया? दूसरे व्यक्ति को क्यों नहीं दिया गया? इस तरह की चीजों पर फैसला होना चाहिए। फैसले करने वाले ही उस पर कायम नहीं रहते तो फिर वो हमसे क्या उम्मीद करेंगे?

पार्टी पर नहीं बीडी कल्ला पर निशाना 

सियासी गलियारों में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का बयान कांग्रेस हाईकमान पर नहीं, शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला पर हमला माना जा रहा है। दरअसल, पिछली मंत्रिपरिषद की बैठक में धारीवाल और कल्ला की बहस हो गई थी। धारीवाल ने शिक्षा विभाग में आरएसएस से जुड़े कर्मचारियों और शिक्षकों के लंबे समय से एक ही जगह पर रहने को लेकर सवाल उठाए थे। इसे लेकर दोनों नेता आपस में भिड़ गए थे।  



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