Rajasthan: गहलोत के मंत्री के बेटे को जमानत मिलते ही दुष्कर्म पीड़िता पर हमला, क्या भंवरी देवी जैसा होगा हाल?


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राजस्थान सरकार में मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती का हाल क्या भंवरी देवी जैसा ही होगा? अब यह सवाल खड़ा होने लगा है। पीड़िता पर रोहित की जमानत के दो दिन बाद ही बाइक सवार बदमाशों ने हमला भी किया था। इससे पहले युवती पुलिस के सामने अपनी जान को खतरा बता चुकी है। उसने यह भी कहा था कि इसी डर से उसने आरोपी रोहित के खिलाफ राजस्थान में एफआईआर दर्ज नहीं कराई।

दिल्ली में दर्ज की गई रिपोर्ट में पीड़िता ने पुलिस से कहा था कि रोहित ने उसे भंवरी देवी जैसा हाल करने की धमकी भी दी थी। इस सब के बाद और पुलिस सुरक्षा के बीच युवती पर हमला होना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है। उधर, खुद पर हुए हमले के बाद युवती ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के उस बयान को लेकर निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था, लड़की हूं, लड़ सकती हूं। मंगलवार को युवती ने प्रियंका से पूछा- लड़की हूं मार दी जाऊंगी? 

पहले जानिए मामला क्या है?
आठ मई को जयपुर की रहने वाली एक 23 साल की युवती ने मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी पर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया। उसने बताया कि आरोपी रोहित ने नशीली दवा पिलाकर उसके साथ सवाई माधोपुर में दुष्कर्म किया और फिर अश्लील फोटो और वीडियो बना लिया। इसके बाद शादी का वादा कर लगातार दुष्कर्म करता रहा। गर्भवती होने पर उसके साथ मारपीट की और गर्भपात भी करा दिया। पीड़िता ने मामले की शिकायत दिल्ली के सदर थाना इलाके में की थी। 

रोहित ले लगाया हनीट्रेप में फंसाने का आरोप 
20 मई को रोहित जोशी की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका में रोहित ने कहा, अक्टूबर 2020 में युवती ने उसे सोशल मीडिया पर दोस्ती का प्रस्ताव भेजा था। जिसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। जनवरी 2021 से दोनों ने एक-दूसरे से मिलना शुरू किया। पहली बार सवाई माधोपुर में आपसी सहमति से दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने थे। फरवरी 2022 में युवती ने ब्लैकमेल कर जयपुर में लिव-इन में रहने का दवाब बनाया। रोहित ने याचिका में बताया, मैं अपनी पत्नी से तलाक लेकर युवती से शादी करना चाहता था। इसके लिए मैंने अपने पिता से भी बात की थी, लेकिन वह तैयार नहीं हुए। याचिका में रोहित ने युवती पर उसे हनीट्रैप में फंसाने का आरोप लगाया था।  

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से मिली जमानत 
9 जून को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने रोहित जोशी को अग्रिम जमानत दे दी थी। इससे पहले कई बार उसकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी। कोर्ट से जमानत मिलने से पहले तक रोहित को पुलिस तलाश नहीं कर सकी थी। उधर, अदालत ने सशर्त जमानत देते हुए कहा था, पीड़िता को राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस सुरक्षा मिल चुकी है। ऐसे में इसकी संभावना नहीं है कि आरोपी रोहित जोशी पीड़िता को धमकाए या उसे अपने पक्ष में करने के लिए प्रभावित करे। हालांकि, पुलिस सुरक्षा के बाद भी पीड़िता पर हमला हो गया।

पीड़िता के चेहरे पर फेंका केमिकल, कहा- तू नहीं मानेगी
11 जून को दिल्ली की कालिंदीकुंज रोड पर दो बाइक सवार बदमाशों ने पीड़िता पर संदिग्ध केमिकल फेंक दिया। इस दौरान उसकी मां उसके साथ थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया था। युवती ने शाहीनबाग थाना पुलिस को दिए अपने बयान में कहा, शनिवार रात को अपनी मां के साथ घूम रही थी। इस दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया और जान से मारने की धमकी देते हुए उसके चेहरे पर केमिकल फेंक दिया। हमलावरों ने उसे धमकाते हुए कहा कि तू मानेगी नहीं? केस क्यूं वापस नहीं ले रही है’। शाहीनबाग पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों को तलाश रही है।

लड़की हूं मार दी जाउंगी या आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ेगा?
13 जून को पीड़िता ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को ट्वीट कर लिखा है कि ‘लड़की हूं पर अब नहीं लड़ पा रही हूं। क्या इंसाफ की जगह पर मार मिलेगी? लड़की हूं इसलिए मार दी जाउंगी या आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ेगा? इसके साथ ही पीड़िता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह को भी ट्वीट कर न्याय की गुहार लगाई है। एक अन्य ट्वीट में युवती ने अमित शाह, असदुद्दीन औवेसी और पीएमओ सहित अन्य को टैग करते हुए मदद की मांग की थी। 

अब जानिए क्या है भंवरी देवी हत्याकांड  
जोधपुर के जलीवाड़ा गांव के एक उपकेंद्र में सहायक नर्स के पद पर तैनात भंवरी देवी साधारण परिवार से थी, लेकिन राजस्थानी फिल्मों में नाम कमाने के चलते वह ड्यूटी छोड़कर शूटिंग पर चली जाती थी। इस कारण उसे सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन मलखान सिंह और मंत्री महिपाल मदेरणा की मदद से उसने निलंबन रद्द करवा लिया। इसके बाद से तीनों के बीच नजदीकियां शुरू हों गईं और भंवरी पर ग्लैमर से ज्यादा राजनीति का नशा चढ़ने लगा था।

चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं देने पर वह दोनों नेताओं को धमकाने लगी थी। मुश्किलें बढ़ती देख मलखान और महिपाल ने उससे दूरी बना ली। इस बीच एक सीडी वायरल हुई और इसके दम पर भंवरी तीन दिन में सरकार गिराने का दावा करने लगी। इससे मलखान और महिपाल से उसकी दुश्मनी और बढ़ गई। भंवरी के साथ मदेरणा की सीडी सार्वजनिक हुई तो तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मदेरणा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था। 

एक सितंबर 2011 को लापता हुई थी भंवरी देवी 
सितंबर 2011 में भंवरी देवी लापता हो गई थी। पति अमरचंद ने कहा, महिपाल मदेरणा के इशारे पर भंवरी का अपहरण किया गया है। हालांकि अमरचंद भी इस मामले में लिप्त था। सीबीआई जांच में सामने आया कि भंवरी एक सितंबर 2011 को दोपहर एक बजे अपने घर से रवाना हुई। वह सोहनलाल विश्नोई से कार सौदे के रुपये लेने जा रही थी। करीब चार बजे सोहनलाल ने उसे अपनी गाड़ी में बैठाया और कई घंटे तक घुमाता रहा। कार में शहाबुद्दीन और कुंभाराम उर्फ बलदेव भी मौजूद थे। सोहनलाल जयपुर में महिपाल मदेरणा के मकान के आसपास मंडरा रहे सहीराम और उमेशाराम से भी बात करता रहा। सहीराम ने भंवरी को मारने की जिम्मेदारी विशनाराम विश्नोई और उसकी गैंग को दी थी। इनका काम भंवरी को विशनाराम को सौंपना था, लेकिन शहाबुद्दीन के होने के कारण विशनाराम भंवरी को नहीं लेना चाहता था। भंवरी के दबाव देने पर यह लोग उसे लेकर बोरुंदा रवाना हो गए।

इस तरह हुई थी भंवरी की मौत, लाश को ठिकाने लगाया  
बोरुंदा पहुंचने से पहले विशनाराम भंवरी को ले जाने के लिए तैयार हो गया। जैसे ही बलदेव ने गाड़ी को वापस घुमाया तो भंवरी को शक हो गया और उसने चलती कार से कूदने की कोशिश की। यह देख सोहनलाल और शहाबुद्दीन ने उसे आगे की सीट की तरफ खींचा। दोनों ने भंवरी का सिर और गर्दन सीटों के बीच में दबा दिया। कुछ देर बाद दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद यह लोग जालोड़ा इलाके पहंचे और विशनाराम से मिले। भंवरी को मरा देख उसने शव लेने से इनकार कर दिया। सहीराम ने विशनाराम की महिपाल मदेरणा से फोन पर बात कराई। महिपाल ने विशनाराम से शव ठिकाने लगाने की बात कही। इसके बाद विशनाराम ने भंवरी का शव अपनी गाड़ी में रखवाया और अज्ञात स्थान पर ले जाकर जलाने के बाद नहर में फेंक दिया। उसके साथ अशोक, कैलाश और ओमप्रकाश भी थे।

17 आरोपी गिरफ्तार किए गए, 16 को मिली जमानत 
सीबीआई ने नहर की तलाशी करवाई तो अस्थियां विसर्जित करने वाला बोरा मिल गया। इसमें कुछ ही अस्थियां भी बची थीं। जांच के लिए भंवरी के बेटे और बेटी के डीएनए के साथ भंवरी की अस्थियों को अमेरिका में एफबीआई के पास भेजा। जांच रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि भंवरी अब जिंदा नहीं है। जांच के बाद सीबीआई ने सहीराम, उमेशाराम, महिपाल मदेरणा, विशनाराम, सोहनलाल, मलखान सिंह विश्नोई, उसका भाई परसराम और भंवरी के पति अमरचंद, इंद्रा विश्नोई सहित 17 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस केस में मलखान की बहन इंद्रा विश्नोई को छोड़कर 16 आरोपियों को जमानत दी जा चुकी है।

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राजस्थान सरकार में मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती का हाल क्या भंवरी देवी जैसा ही होगा? अब यह सवाल खड़ा होने लगा है। पीड़िता पर रोहित की जमानत के दो दिन बाद ही बाइक सवार बदमाशों ने हमला भी किया था। इससे पहले युवती पुलिस के सामने अपनी जान को खतरा बता चुकी है। उसने यह भी कहा था कि इसी डर से उसने आरोपी रोहित के खिलाफ राजस्थान में एफआईआर दर्ज नहीं कराई।

दिल्ली में दर्ज की गई रिपोर्ट में पीड़िता ने पुलिस से कहा था कि रोहित ने उसे भंवरी देवी जैसा हाल करने की धमकी भी दी थी। इस सब के बाद और पुलिस सुरक्षा के बीच युवती पर हमला होना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है। उधर, खुद पर हुए हमले के बाद युवती ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के उस बयान को लेकर निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था, लड़की हूं, लड़ सकती हूं। मंगलवार को युवती ने प्रियंका से पूछा- लड़की हूं मार दी जाऊंगी? 



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