Rajasthan: घोड़ी पर चढ़कर आएगा दूल्हा तो शादी होगी कैंसिल, यहां डीजे और आतिशबाजी पर भी रोक


न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पाली
Published by: रोमा रागिनी
Updated Thu, 23 Jun 2022 02:18 PM IST

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पाली के जाट समाज ने दूल्हों के लिए नए नियम बनाए हैं। समाज के अनुसार दूल्हा पैदल चलकर आएगा, तब ही अपनी दुल्हनिया से शादी कर सकेगा। इसके साथ ही उसका क्लीन शेव होना जरूरी है। 

रोहट में स्थित हनुमान मंदिर में जाट समाज के पांच खेड़ा की बैठक में यह फैसला लिया गया। शादी समारोहों में सामाजिक समानता बनी रही, इसको ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में तय किया गया कि अब से शादी ब्याह में फिजूलखर्ची नहीं की जाएगी। इसके लिए समाज की ओर से कुछ नियम तय किए गए हैं। नियमों को उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। फैसले में शादी में घोड़ी और डीजे पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

इसके साथ साथ ही विवाह समारोह और सामाजिक कार्यक्रम में शराब पीने पर पाबंदी रहेगी। शादी में मायरा कार्यक्रम में सीमित लेन-देन होगा। किसी की मृत्यु होने पर की जाने वाली पहरावनी और ओढ़ावनी की रस्म भी नाम मात्र की होगी।

जाट विकास समिति के सदस्य व भाकरीवाला सरपंच अमराराम बेनीवाल ने बताया कि दुल्हन के गांव में घोड़ी-बैंड, डीजे की व्यवस्था दूल्हे पक्ष को करनी होती है। ऐसे में कई बार आर्थिक रूप से कमजोर दूल्हे घोड़ी की जगह पैदल आते हैं। सभी में एक समानता नजर आए इसलिए घोड़ी पर तोरण टीकने आने और डीजे पर पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि लंबी दाढ़ी रखना हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं। इसलिए फेरे लेने के दौरान दूल्हे को क्लीन शेव ही होना चाहिए।

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पाली के जाट समाज ने दूल्हों के लिए नए नियम बनाए हैं। समाज के अनुसार दूल्हा पैदल चलकर आएगा, तब ही अपनी दुल्हनिया से शादी कर सकेगा। इसके साथ ही उसका क्लीन शेव होना जरूरी है। 


रोहट में स्थित हनुमान मंदिर में जाट समाज के पांच खेड़ा की बैठक में यह फैसला लिया गया। शादी समारोहों में सामाजिक समानता बनी रही, इसको ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में तय किया गया कि अब से शादी ब्याह में फिजूलखर्ची नहीं की जाएगी। इसके लिए समाज की ओर से कुछ नियम तय किए गए हैं। नियमों को उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। फैसले में शादी में घोड़ी और डीजे पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

इसके साथ साथ ही विवाह समारोह और सामाजिक कार्यक्रम में शराब पीने पर पाबंदी रहेगी। शादी में मायरा कार्यक्रम में सीमित लेन-देन होगा। किसी की मृत्यु होने पर की जाने वाली पहरावनी और ओढ़ावनी की रस्म भी नाम मात्र की होगी।

जाट विकास समिति के सदस्य व भाकरीवाला सरपंच अमराराम बेनीवाल ने बताया कि दुल्हन के गांव में घोड़ी-बैंड, डीजे की व्यवस्था दूल्हे पक्ष को करनी होती है। ऐसे में कई बार आर्थिक रूप से कमजोर दूल्हे घोड़ी की जगह पैदल आते हैं। सभी में एक समानता नजर आए इसलिए घोड़ी पर तोरण टीकने आने और डीजे पर पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि लंबी दाढ़ी रखना हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं। इसलिए फेरे लेने के दौरान दूल्हे को क्लीन शेव ही होना चाहिए।



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