Rajasthan: चंद्रकांता मेघवाल ने जमानत के लिए लगाई अर्जी, विधायक पति ने कटारिया को ठहराया जिम्मेदार


न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: रोमा रागिनी
Updated Thu, 09 Jun 2022 03:14 PM IST

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भाजपा विधायक चंद्रकांता मेघवाल पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पांच साल पुराने केस में उन्हें कोटा पुलिस स्टेशन पहुंचना था लेकिन वो बाड़ेबंदी में बंद हैं। ऐसे में वो थाने नहीं पहुंची। अब उनके पति नरेंद्र मेघवाल ने आरोप लगाया कि गुलाबचंद कटारिया की गलती विधायक को भारी पड़ रही है।

विधायक चंद्रकांता मेघवाल की तरफ से गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई। इसके बाद विधायक के पति नरेंद्र मेघवाल ने बताया कि पुलिस की तरफ से दर्ज किए गए राजकार्य की बाधा के मुकदमे में हमारे नौ लोग नामजद हैं। इसके अलावा 50 से 60 अन्य लोग हैं। ऐसे में 60 से 70 लोगों की गिरफ्तारी होगी, तो बवाल मचेगा। उन्होंने कहा कि चंद्रकांता मेघवाल प्रदेश की दलित नेता हैं। ऐसे में पूरे राजस्थान में उनके समर्थन में पहले भी विरोध प्रदर्शन हुए थे और अब दोबारा भी होंगे। किस पार्टी को फायदा और किस पार्टी को नुकसान होगा, यह बाद में देखा जाएगा, लेकिन प्रदेश भर में हंगामा जरूर होगा। 

क्या है मामला

मामला 2017 का है। तब वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थीं और गुलाबचंद कटारिया गृहमंत्री थे। चंद्रकांता मेघवाल के पति के अनुसार विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने पुलिस के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज करवाए थे। इसके अलावा एक मुकदमा तत्कालीन मंडल अध्यक्ष बाबूलाल रेनवाल ने दर्ज करवाया था। विधायक चंद्रकांता मेघवाल के मुकदमे में न्यायालय में 164 के बयान होने के बाद एफआईआर लग गई। यह मामला सीआईडी सीबी में दर्ज था। सीआईडी सीबी के मामले में हेड ऑफ डिपार्टमेंट ही अनुमति देता है। उसके बाद ही चालान पेश होती है। 

विधायक के पति ने कहा कि ऐसे में तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बहुत बड़ी गलती की। उन्होंने पुलिस का पक्ष लिया दूसरा पक्ष नहीं। इस एफआईआर की स्वीकृति पर तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के हस्ताक्षर हैं, जबकि पुलिस के मामले अब भी चल रहे हैं। उन्हीं मामलों में गिरफ्तारी की नौबत आ गई है।

विस्तार

भाजपा विधायक चंद्रकांता मेघवाल पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पांच साल पुराने केस में उन्हें कोटा पुलिस स्टेशन पहुंचना था लेकिन वो बाड़ेबंदी में बंद हैं। ऐसे में वो थाने नहीं पहुंची। अब उनके पति नरेंद्र मेघवाल ने आरोप लगाया कि गुलाबचंद कटारिया की गलती विधायक को भारी पड़ रही है।


विधायक चंद्रकांता मेघवाल की तरफ से गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई। इसके बाद विधायक के पति नरेंद्र मेघवाल ने बताया कि पुलिस की तरफ से दर्ज किए गए राजकार्य की बाधा के मुकदमे में हमारे नौ लोग नामजद हैं। इसके अलावा 50 से 60 अन्य लोग हैं। ऐसे में 60 से 70 लोगों की गिरफ्तारी होगी, तो बवाल मचेगा। उन्होंने कहा कि चंद्रकांता मेघवाल प्रदेश की दलित नेता हैं। ऐसे में पूरे राजस्थान में उनके समर्थन में पहले भी विरोध प्रदर्शन हुए थे और अब दोबारा भी होंगे। किस पार्टी को फायदा और किस पार्टी को नुकसान होगा, यह बाद में देखा जाएगा, लेकिन प्रदेश भर में हंगामा जरूर होगा। 

क्या है मामला

मामला 2017 का है। तब वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थीं और गुलाबचंद कटारिया गृहमंत्री थे। चंद्रकांता मेघवाल के पति के अनुसार विधायक चंद्रकांता मेघवाल ने पुलिस के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज करवाए थे। इसके अलावा एक मुकदमा तत्कालीन मंडल अध्यक्ष बाबूलाल रेनवाल ने दर्ज करवाया था। विधायक चंद्रकांता मेघवाल के मुकदमे में न्यायालय में 164 के बयान होने के बाद एफआईआर लग गई। यह मामला सीआईडी सीबी में दर्ज था। सीआईडी सीबी के मामले में हेड ऑफ डिपार्टमेंट ही अनुमति देता है। उसके बाद ही चालान पेश होती है। 


विधायक के पति ने कहा कि ऐसे में तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बहुत बड़ी गलती की। उन्होंने पुलिस का पक्ष लिया दूसरा पक्ष नहीं। इस एफआईआर की स्वीकृति पर तत्कालीन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के हस्ताक्षर हैं, जबकि पुलिस के मामले अब भी चल रहे हैं। उन्हीं मामलों में गिरफ्तारी की नौबत आ गई है।



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