Rajasthan: जुमे की नमाज के बाद अजमेर में सड़क पर उतरे हजारों लोग, कहा- नुपूर शर्मा को गिरफ्तार करो 


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 17 Jun 2022 07:55 PM IST

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नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मुहम्मद पर की गई टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को राजस्थान में विरोध-प्रदर्शन हुआ। जुमे की नमाज के बाद गरीब नवाज की दरगाह के मुख्य निजाम गेट के बाहर से हजारों मुस्लिम लोगों ने नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही शहर काजी तौसीफ सिद्दकी की सदारत में मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया। इस दौरान झुलुस के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। साथ ही पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी भी रखी गई।  

मौन जुलूस के रूप में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे मुस्लिम समाज के लोगों ने कलेक्टर अंशदीप को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और नुपुर शर्मा पर कार्रवाई की मांग की। वहीं झुलुस के दौरान दरगाह बाजार सहित आसपास के दुकानदारों ने 3 घंटे तक दुकानें बंद कर अपना समर्थन भी दिया। 

अजमेर दरगाह दीवान के पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा, हजरत मोहम्मद पैगंबर साहब पर की गई विवादित टिप्पणी से देश के सांप्रदायिक माहौल को खराब करने की साजिश रची जा रही है। इससे मुस्लिम समाज में रोष है। किसी भी नेता को इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। धर्म पर टिप्पणी करने वालों पर सख्त कानून बनाना चाहिए, जिससे कोई भी व्यक्ति या नेता किसी भी धर्म पर टिप्पणी नहीं कर सके। 

विस्तार

नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मुहम्मद पर की गई टिप्पणी के विरोध में शुक्रवार को राजस्थान में विरोध-प्रदर्शन हुआ। जुमे की नमाज के बाद गरीब नवाज की दरगाह के मुख्य निजाम गेट के बाहर से हजारों मुस्लिम लोगों ने नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही शहर काजी तौसीफ सिद्दकी की सदारत में मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया। इस दौरान झुलुस के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। साथ ही पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी भी रखी गई।  

मौन जुलूस के रूप में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे मुस्लिम समाज के लोगों ने कलेक्टर अंशदीप को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और नुपुर शर्मा पर कार्रवाई की मांग की। वहीं झुलुस के दौरान दरगाह बाजार सहित आसपास के दुकानदारों ने 3 घंटे तक दुकानें बंद कर अपना समर्थन भी दिया। 

अजमेर दरगाह दीवान के पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा, हजरत मोहम्मद पैगंबर साहब पर की गई विवादित टिप्पणी से देश के सांप्रदायिक माहौल को खराब करने की साजिश रची जा रही है। इससे मुस्लिम समाज में रोष है। किसी भी नेता को इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। धर्म पर टिप्पणी करने वालों पर सख्त कानून बनाना चाहिए, जिससे कोई भी व्यक्ति या नेता किसी भी धर्म पर टिप्पणी नहीं कर सके। 



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