Rajasthan: सचिन पायलट ने दी दिल्ली में गिरफ्तारी, कहा-तानाशाही के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा


न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: रोमा रागिनी
Updated Thu, 16 Jun 2022 03:22 PM IST

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राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने समर्थक विधायकों और नेताओं के साथ दिल्ली में गिरफ्तारी दी है। राहुल गांधी को ईडी के समन देने के विरोध में दिल्ली पुलिस ने सचिन पायलट समेत कांग्रेस नेताओं को कांग्रेस मुख्यालय में एंट्री नहीं दी। इसके बाद पालयट को पुलिस नरेला पुलिस स्टेशन ले गई। हालांकि, पायलट को देर रात रिहा कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार पायलट के साथ विधायक मुकेश भाकर और वेदप्रकाश सोलंकी भी है। वहीं सचिन पायलट ने ट्वीट कर लिखा कि आज जिस प्रकार से पुलिस ने हमें कांग्रेस मुख्यालय जाने से रोका और जबरन गिरफ्तार किया गया, वह लोकतंत्र में बहुत गलत है। लोकतंत्र के लिए इस प्रकार तानाशाही रवैया बुरा संकेत है। इस अन्याय और तानाशाही के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने आगे लिखा कि केंद्र सरकार जो नफरत और बदले की राजनीति कर रही है, वह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। असत्य, अन्याय और अनीति द्वारा सत्य को दबाने के भाजपा के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। सत्य राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ है, जो किसी भी अत्याचार के समक्ष न झुकेगा और न डरेगा। 

इससे पहले मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दिल्ली में अपनी गिरफ्तारी दी थी। इसके बाद बुधवार को वे एआईसीसी मुख्यालय के बाहर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ धरना देते दिखाई दिए। हालांकि कांग्रेस के प्रमुख नेता तीन दिनों से दिल्ली में डटे हुए हैं लेकिन निर्देश के बावजूद ज्यादातर कांग्रेस के विधायक और मंत्री दिल्ली नहीं पहुंचे हैं। 

विस्तार

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने समर्थक विधायकों और नेताओं के साथ दिल्ली में गिरफ्तारी दी है। राहुल गांधी को ईडी के समन देने के विरोध में दिल्ली पुलिस ने सचिन पायलट समेत कांग्रेस नेताओं को कांग्रेस मुख्यालय में एंट्री नहीं दी। इसके बाद पालयट को पुलिस नरेला पुलिस स्टेशन ले गई। हालांकि, पायलट को देर रात रिहा कर दिया गया है।


मीडिया रिपोर्टस के अनुसार पायलट के साथ विधायक मुकेश भाकर और वेदप्रकाश सोलंकी भी है। वहीं सचिन पायलट ने ट्वीट कर लिखा कि आज जिस प्रकार से पुलिस ने हमें कांग्रेस मुख्यालय जाने से रोका और जबरन गिरफ्तार किया गया, वह लोकतंत्र में बहुत गलत है। लोकतंत्र के लिए इस प्रकार तानाशाही रवैया बुरा संकेत है। इस अन्याय और तानाशाही के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने आगे लिखा कि केंद्र सरकार जो नफरत और बदले की राजनीति कर रही है, वह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। असत्य, अन्याय और अनीति द्वारा सत्य को दबाने के भाजपा के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे। सत्य राहुल गांधी और कांग्रेस के साथ है, जो किसी भी अत्याचार के समक्ष न झुकेगा और न डरेगा। 


इससे पहले मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दिल्ली में अपनी गिरफ्तारी दी थी। इसके बाद बुधवार को वे एआईसीसी मुख्यालय के बाहर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ धरना देते दिखाई दिए। हालांकि कांग्रेस के प्रमुख नेता तीन दिनों से दिल्ली में डटे हुए हैं लेकिन निर्देश के बावजूद ज्यादातर कांग्रेस के विधायक और मंत्री दिल्ली नहीं पहुंचे हैं। 



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