Rajasthan: सरकारी डॉक्टर आठ हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, सिजेरियन डिलेवरी करवाने के एवज में मांगी थी रिश्वत


न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: रोमा रागिनी
Updated Fri, 17 Jun 2022 08:24 AM IST

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बांसवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक सरकारी डॉक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी ने दानपुर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्रदीप शर्मा को एक प्रसूता की सिजेरियन डिलेवरी करवाने की एवज में आठ हजार रुपए घूस लेते पकड़ा।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार डॉक्टर शर्मा के खिलाफ प्रसूता के देवर पीरुमल ने शिकायत की थी कि उसकी भाभी का ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर रिश्वत मांग रहे थे। दानपुर निवासी परिवादी पीरुमल के भाई की पत्नी को 12 जून को पीएचसी दानपुर ले गए थे। वहां डॉ. शर्मा ने जांच के बाद बताया कि बच्चा पेट में ही मर चुका है। उसे निकलवाने के लिए ऑपरेशन की बात पर डॉ. शर्मा ने बांसवाड़ा में एमजी अस्पताल के अपने एक अजीज डॉक्टर से संपर्क कर केस रेफर किया। दूसरे दिन महिला को बांसवाड़ा लाया गया। इस बीच  ऑपरेशन करवाने के लिए डॉक्टर ने रुपयों की मांग की। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया और ट्रैप की कार्रवाई की। 

एसीबी ने परिवादी को डॉक्टर शर्मा के पास दानपुर भेजा। जैसे ही डॉक्टर ने राशि ली, एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की। डॉ. प्रदीप शर्मा पुत्र भगवान सहाय शर्मा दौसा जिले के महवा थानांतर्गत पाली गांव का है। एसीबी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया है। ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. के निर्देशन में डॉक्टर के आवास और अन्य ठिकानों पर टीमें भेजकर तलाशी करवाई गई है। आरोपी को बांसवाड़ा चौकी लाकर टीम आगे पूछताछ कर कार्रवाई में जुटी है।

विस्तार

बांसवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक सरकारी डॉक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी ने दानपुर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्रदीप शर्मा को एक प्रसूता की सिजेरियन डिलेवरी करवाने की एवज में आठ हजार रुपए घूस लेते पकड़ा।


मीडिया रिपोर्टस के अनुसार डॉक्टर शर्मा के खिलाफ प्रसूता के देवर पीरुमल ने शिकायत की थी कि उसकी भाभी का ऑपरेशन करने के लिए डॉक्टर रिश्वत मांग रहे थे। दानपुर निवासी परिवादी पीरुमल के भाई की पत्नी को 12 जून को पीएचसी दानपुर ले गए थे। वहां डॉ. शर्मा ने जांच के बाद बताया कि बच्चा पेट में ही मर चुका है। उसे निकलवाने के लिए ऑपरेशन की बात पर डॉ. शर्मा ने बांसवाड़ा में एमजी अस्पताल के अपने एक अजीज डॉक्टर से संपर्क कर केस रेफर किया। दूसरे दिन महिला को बांसवाड़ा लाया गया। इस बीच  ऑपरेशन करवाने के लिए डॉक्टर ने रुपयों की मांग की। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया और ट्रैप की कार्रवाई की। 


एसीबी ने परिवादी को डॉक्टर शर्मा के पास दानपुर भेजा। जैसे ही डॉक्टर ने राशि ली, एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की। डॉ. प्रदीप शर्मा पुत्र भगवान सहाय शर्मा दौसा जिले के महवा थानांतर्गत पाली गांव का है। एसीबी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया है। ब्यूरो के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. के निर्देशन में डॉक्टर के आवास और अन्य ठिकानों पर टीमें भेजकर तलाशी करवाई गई है। आरोपी को बांसवाड़ा चौकी लाकर टीम आगे पूछताछ कर कार्रवाई में जुटी है।



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