Rajasthan: सीएम के भाई अग्रसेन के घर सीबीआई का छापा, गहलोत बोले- दिल्ली में मेरे विरोध का बदला ले रहे  


ख़बर सुनें

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत के घर शुक्रवार को सीबीआई का छापा पड़ा। इसके बाद से प्रदेश की सियासत में सरगर्मी बढ़ गई है। छापे को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने केंद्रीय एजेंसियों सहित पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा- मैंने तो सीबीबाई, ईडी और इनकम टैक्स के प्रमुख अधिकारियों से 13 जून को मिलने का समय मांगा था। 15 जून को अग्रसेन के खिलाफ केस दर्ज हो गया और 17 जून को छापा भी पड़ गया। क्या अप्रोच है? यह मेरी समझ से परे है।

जयपुर एयरपोर्ट पर गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, सरकार पर आए सियासी संकट के समय भी मेरे भाई पर जोधपुर में ईडी ने छापा मारा था। 40-45 साल से मेरे भाई अपना काम करते हैं और मैं अपना काम करता हूं। हमारे परिवार में बस इतना ही इंवोल्वमेंट है कि जब कोई शादी-विवाह होता है तब भी मैं सिर्फ एक वर्कर की तरह जाता हूं।  

सीएम गहलोत ने कहा, राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ का मैं दिल्ली में विरोध करता हूं तो उसका बदला मेरे भाई से क्यों लिया जा रहा है? उनके परिवार का कोई सदस्य राजनीति में नहीं है, उनका भी राजनीति से कोई संबंध नहीं है। आम जनता को भी यह सब पसंद नहीं है। जितना ज्यादा लोगों को परेशान किया जाएगा उतना ही इनको नुकसान होगा। 

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई को भी कोई नहीं जानता। उसी प्रकार मेरे भाई को कोई नहीं जानता था, पर सीबीआई का छापा पड़ा तो अब पता चल रहा है। अगर कोई राजनीति में है तो उसके परिवार से बदला लेना सही नहीं है। इससे कोई घबराने वाला भी नहीं है। उन्होंने कहा, रविवार को मैं फिर दिल्ली जाऊंगा और सोमवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल होऊंगा।

सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर अन्याय हो रहा है। नेशनल हेराल्ड अखबार 1937 में निकला था। आज तक कांग्रेस इसे फाइनेंस करती आई है। यह नॉन-प्रॉफिटेबल संगठन हैं। एक रुपया भी सोनिया गांधी या राहुल गांधी चाहें तो भी घर में नहीं ले जा सकते, क्योंकि इसमें कानून कहता है कि ये नॉन-प्रॉफिटेबल संगठन हैं और उसमें कोई भी डायरेक्टर लाभांश नहीं ले सकता है। तो मनी लॉन्ड्रिग कैसे हो गई? 2015 में ईडी के जो जॉइंट डायरेक्टर थे या जो आईओ थे उन्होंने तमाम आर्ग्यूमेंट्स देकर केस क्लोज कर दिया था। 

यह भी पढें…

Rajasthan: मुख्यमंत्री गहलोत के भाई के घर पड़ा सीबीआई का छापा, पोटाश घोटाले को लेकर कार्रवाई

Rajasthan: जानिए क्या है पोटाश घोटाला, जिसमें सीएम गहलोत के भाई फंसे, 13 साल पुराने केस में अब सीबीआई का छापा

 

विस्तार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत के घर शुक्रवार को सीबीआई का छापा पड़ा। इसके बाद से प्रदेश की सियासत में सरगर्मी बढ़ गई है। छापे को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने केंद्रीय एजेंसियों सहित पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा- मैंने तो सीबीबाई, ईडी और इनकम टैक्स के प्रमुख अधिकारियों से 13 जून को मिलने का समय मांगा था। 15 जून को अग्रसेन के खिलाफ केस दर्ज हो गया और 17 जून को छापा भी पड़ गया। क्या अप्रोच है? यह मेरी समझ से परे है।

जयपुर एयरपोर्ट पर गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, सरकार पर आए सियासी संकट के समय भी मेरे भाई पर जोधपुर में ईडी ने छापा मारा था। 40-45 साल से मेरे भाई अपना काम करते हैं और मैं अपना काम करता हूं। हमारे परिवार में बस इतना ही इंवोल्वमेंट है कि जब कोई शादी-विवाह होता है तब भी मैं सिर्फ एक वर्कर की तरह जाता हूं।  

सीएम गहलोत ने कहा, राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ का मैं दिल्ली में विरोध करता हूं तो उसका बदला मेरे भाई से क्यों लिया जा रहा है? उनके परिवार का कोई सदस्य राजनीति में नहीं है, उनका भी राजनीति से कोई संबंध नहीं है। आम जनता को भी यह सब पसंद नहीं है। जितना ज्यादा लोगों को परेशान किया जाएगा उतना ही इनको नुकसान होगा। 

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई को भी कोई नहीं जानता। उसी प्रकार मेरे भाई को कोई नहीं जानता था, पर सीबीआई का छापा पड़ा तो अब पता चल रहा है। अगर कोई राजनीति में है तो उसके परिवार से बदला लेना सही नहीं है। इससे कोई घबराने वाला भी नहीं है। उन्होंने कहा, रविवार को मैं फिर दिल्ली जाऊंगा और सोमवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल होऊंगा।

सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर अन्याय हो रहा है। नेशनल हेराल्ड अखबार 1937 में निकला था। आज तक कांग्रेस इसे फाइनेंस करती आई है। यह नॉन-प्रॉफिटेबल संगठन हैं। एक रुपया भी सोनिया गांधी या राहुल गांधी चाहें तो भी घर में नहीं ले जा सकते, क्योंकि इसमें कानून कहता है कि ये नॉन-प्रॉफिटेबल संगठन हैं और उसमें कोई भी डायरेक्टर लाभांश नहीं ले सकता है। तो मनी लॉन्ड्रिग कैसे हो गई? 2015 में ईडी के जो जॉइंट डायरेक्टर थे या जो आईओ थे उन्होंने तमाम आर्ग्यूमेंट्स देकर केस क्लोज कर दिया था। 

यह भी पढें…

Rajasthan: मुख्यमंत्री गहलोत के भाई के घर पड़ा सीबीआई का छापा, पोटाश घोटाले को लेकर कार्रवाई

Rajasthan: जानिए क्या है पोटाश घोटाला, जिसमें सीएम गहलोत के भाई फंसे, 13 साल पुराने केस में अब सीबीआई का छापा

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.