Rajasthan: सीएम गहलोत बोले-सीबीआई के टारगेट पर राजस्थान, मेरे कारण भाई को भी तंग कर रहे


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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रविवार को कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में जमकर केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीबीआई के टारगेट पर राजस्थान है। चुनाव आने वाले हैं। आने वाले दिनों में केंद्रीय जांच एजेंसियां हमारे नेताओं पर छापामार कार्रवाई करेंगी।

सीएम ने कहा कि राहुल गांधी जी से पूछताछ तीन दिन तक हो चुकी है और मैं समझता हूं कि वो तो ओपन हैं पर इस प्रकार के जो हालात देश में बन गए हैं, पूरा देश चिंतित है। मैंने सीबीआई के डायरेक्टर साहब से और ईडी के डायरेक्टर से मिलने का टाइम मांगा था। मुझसे मिलने में क्या हर्ज है? मैं फिर टाइम मांग रहा हूं उन्हें मिलना ही तो है, चाय पिलाओ नहीं पिलाओ तुम्हारी मर्जी है। खाली जाकर मैं बात तो कहूं अपनी? ये तो मेरा एक नागरिक के तौर पर भी एक राजस्थान के स्टेट के मुख्यमंत्री के तौर पर क्या मैं टाइम नहीं मांग सकता? इनके पास जवाब कोई है क्या मना करने का? 

मेरे परिवार को क्यों तंग कर रहे
भाई पर सीबीआई की कार्रवाई को लेकर भी सीएम का दर्द छलका। गहलोत बोले कि मेरे कारण से भाई तकलीफ पा रहे हैं, जब क्राइसिस था, उस वक्त तो ईडी घुस गई। अब सीबीआई को घुसवा दिया। अब खाली बस इनकम टैक्स बाकी रह गया है, ये तरीका गलत है। कोई किसी का भाई हो, परिवार का आदमी हो, राजनीति में हम लोग हैं, हमारे खिलाफ कोई कार्रवाई करो तो आपकी मर्जी है। आपको लगे तो करनी चाहिए, पर आप परिवार के लोगों को क्यों तंग कर रहे हो? मेरे कारण मेरे परिवार के लोग तंग हो रहे हैं और मुझे अच्छा नहीं लग रहा है।

अग्निपथ योजना को लेकर चर्चा होनी चाहिए थी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग की है। सीएम ने कहा कि योजना को लेकर लगातार युवा उद्वेलित हैं। सरकार बार-बार संशोधन कर रही है। कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार से मांग कर रही है कि ये योजना वापस लो। उन्होंने कहा कि अग्निपथ इतना बड़ा फैसला है, तो पार्लियामेंट के अंदर भी इसपर डिस्कशन होना चाहिए था।

अग्निपथ का फैसला नोटबंदी की तरह आननफानन में किया
उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क के भविष्य का सवाल है। सीमाओं की रक्षा का सवाल है। इतना बड़ा फैसला इन्होंने आननफानन में कर दिया, जैसे नोटबंदी की गई थी। इसपर कम से कम नेशनल डिबेट होती, पार्लियामेंट में डिस्कशन होता, कमेटी बनी हुई है डिफेंस की, उसमें डिस्कशन हो जाता। उसके बाद फैसला करते। वहीं उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं से अपील की कि वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। आप धरना दो, प्रदर्शन करो, शांति से करो।

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रविवार को कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में जमकर केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीबीआई के टारगेट पर राजस्थान है। चुनाव आने वाले हैं। आने वाले दिनों में केंद्रीय जांच एजेंसियां हमारे नेताओं पर छापामार कार्रवाई करेंगी।

सीएम ने कहा कि राहुल गांधी जी से पूछताछ तीन दिन तक हो चुकी है और मैं समझता हूं कि वो तो ओपन हैं पर इस प्रकार के जो हालात देश में बन गए हैं, पूरा देश चिंतित है। मैंने सीबीआई के डायरेक्टर साहब से और ईडी के डायरेक्टर से मिलने का टाइम मांगा था। मुझसे मिलने में क्या हर्ज है? मैं फिर टाइम मांग रहा हूं उन्हें मिलना ही तो है, चाय पिलाओ नहीं पिलाओ तुम्हारी मर्जी है। खाली जाकर मैं बात तो कहूं अपनी? ये तो मेरा एक नागरिक के तौर पर भी एक राजस्थान के स्टेट के मुख्यमंत्री के तौर पर क्या मैं टाइम नहीं मांग सकता? इनके पास जवाब कोई है क्या मना करने का? 

मेरे परिवार को क्यों तंग कर रहे

भाई पर सीबीआई की कार्रवाई को लेकर भी सीएम का दर्द छलका। गहलोत बोले कि मेरे कारण से भाई तकलीफ पा रहे हैं, जब क्राइसिस था, उस वक्त तो ईडी घुस गई। अब सीबीआई को घुसवा दिया। अब खाली बस इनकम टैक्स बाकी रह गया है, ये तरीका गलत है। कोई किसी का भाई हो, परिवार का आदमी हो, राजनीति में हम लोग हैं, हमारे खिलाफ कोई कार्रवाई करो तो आपकी मर्जी है। आपको लगे तो करनी चाहिए, पर आप परिवार के लोगों को क्यों तंग कर रहे हो? मेरे कारण मेरे परिवार के लोग तंग हो रहे हैं और मुझे अच्छा नहीं लग रहा है।

अग्निपथ योजना को लेकर चर्चा होनी चाहिए थी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग की है। सीएम ने कहा कि योजना को लेकर लगातार युवा उद्वेलित हैं। सरकार बार-बार संशोधन कर रही है। कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार से मांग कर रही है कि ये योजना वापस लो। उन्होंने कहा कि अग्निपथ इतना बड़ा फैसला है, तो पार्लियामेंट के अंदर भी इसपर डिस्कशन होना चाहिए था।


अग्निपथ का फैसला नोटबंदी की तरह आननफानन में किया

उन्होंने कहा कि पूरे मुल्क के भविष्य का सवाल है। सीमाओं की रक्षा का सवाल है। इतना बड़ा फैसला इन्होंने आननफानन में कर दिया, जैसे नोटबंदी की गई थी। इसपर कम से कम नेशनल डिबेट होती, पार्लियामेंट में डिस्कशन होता, कमेटी बनी हुई है डिफेंस की, उसमें डिस्कशन हो जाता। उसके बाद फैसला करते। वहीं उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं से अपील की कि वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। आप धरना दो, प्रदर्शन करो, शांति से करो।



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