Rajasthan Rajya Sabha Election: कांग्रेस तीन और भाजपा एक सीट पर जीती, राज्यसभा चुनाव को दिलचस्प बनाने वाले चंद्रा हारे


ख़बर सुनें

राज्यसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस के तीनों प्रत्याशियों की जीत के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर निखर कर समाने आए हैं। मुख्यमंत्री के रूप में इस कार्यकाल में यह दूसरा मौका है जब गहलोत ने साबित किया कि उन्हें ऐसे ही जादूगर नहीं कहा जाता।

सरकार पर संकट के समय में भी गहलोत ने रूठे विधायकों को मना लिया था और इस बार राज्यसभा चुनाव में भी ऐसा ही देखने को मिला। कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों और निर्दलीय विधायकों की कड़ी नाराजगी के बाद भी गहलोत ने उन्हें अपने पाले में कर लिया। जिसका नतीजा रहा है कि कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी की जीत हुई।  

इसके अलावा भाजपा से घनश्याम तिवाड़ी ने भी जीत दर्ज की है। निर्दलीय और भाजपा समर्थित सुभाष चंद्रा को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, पहले से यह साफ था कि कांग्रेस के खाते में तीन और भाजपा के खाते में एक राज्यसभा सीट जाएगी, लेकिन चंद्रा की एंट्री के चुनाव दिलचस्प हो गया था। विधायकों की नाराजगी दूर करने की जिम्मेदारी सीएम गहलोत ने खुद ली थी।   

किसे मिले कितने वोट 

  • भाजपा: घनश्याम तिवाड़ी- 43 
  • कांग्रेस: रणदीप सुरजेवाला- 43 
  • कांग्रेस: मुकुल वासनिक- 42  
  • कांग्रेस: प्रमोद तिवारी-  41  
  • निर्दलीय सुभाष चंद्रा: 30 वोट, हारे
  • कांग्रेस को मिला भाजपा का वोट रिजेक्ट

सीएम का ट्वीट-2023 में भाजपा का यही हाल होगा 
राजस्थान में तीन राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस की विजय लोकतंत्र की जीत है। मैं तीनों नवनिर्वाचित सांसदों प्रमोद तिवारी, मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला को बधाई देता हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि तीनों सांसद दिल्ली में राजस्थान के हक की मजबूती से पैरवी कर सकेंगे। यह शुरू से स्पष्ट था कि कांग्रेस के पास तीनों सीटों के लिए जरूरी बहुमत है। परंतु भाजपा ने एक निर्दलीय को उतारकर हॉर्स ट्रेडिंग का प्रयास किया। हमारे विधायकों की एकजुटता ने इस प्रयास को करारा जवाब दिया है। 2023 विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को इसी तरह हार का सामना करना पड़ेगा।
 


 
क्रॉस वोटिंग करने पर भाजपा विधायक पर गिरी गाज
धौलपुर से भाजपा विधायक शोभा रानी कुशवाहा को क्रॉस वोटिंग करने के चलते पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। शोभा को सात दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है। इसमें उन्हें बताना होगा कि उन्हें निष्कासित क्यों न किया जाए?  दरअसल, शोभा ने वोट देने के बाद अपना मतपत्र एजेंट राजेंद्र राठौड़ को दिखाया था। इस दौरान राठौड़ ने मतपत्र अपने हाथ लिया तो उसमें कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद तिवारी को वोट दिया गया था। इसी कारण से भाजपा ने विधायक पर एक्शन लिया है।  

विस्तार

राज्यसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस के तीनों प्रत्याशियों की जीत के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर निखर कर समाने आए हैं। मुख्यमंत्री के रूप में इस कार्यकाल में यह दूसरा मौका है जब गहलोत ने साबित किया कि उन्हें ऐसे ही जादूगर नहीं कहा जाता।

सरकार पर संकट के समय में भी गहलोत ने रूठे विधायकों को मना लिया था और इस बार राज्यसभा चुनाव में भी ऐसा ही देखने को मिला। कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों और निर्दलीय विधायकों की कड़ी नाराजगी के बाद भी गहलोत ने उन्हें अपने पाले में कर लिया। जिसका नतीजा रहा है कि कांग्रेस के तीनों उम्मीदवार रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी की जीत हुई।  

इसके अलावा भाजपा से घनश्याम तिवाड़ी ने भी जीत दर्ज की है। निर्दलीय और भाजपा समर्थित सुभाष चंद्रा को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, पहले से यह साफ था कि कांग्रेस के खाते में तीन और भाजपा के खाते में एक राज्यसभा सीट जाएगी, लेकिन चंद्रा की एंट्री के चुनाव दिलचस्प हो गया था। विधायकों की नाराजगी दूर करने की जिम्मेदारी सीएम गहलोत ने खुद ली थी।   

किसे मिले कितने वोट 

  • भाजपा: घनश्याम तिवाड़ी- 43 
  • कांग्रेस: रणदीप सुरजेवाला- 43 
  • कांग्रेस: मुकुल वासनिक- 42  
  • कांग्रेस: प्रमोद तिवारी-  41  
  • निर्दलीय सुभाष चंद्रा: 30 वोट, हारे
  • कांग्रेस को मिला भाजपा का वोट रिजेक्ट

सीएम का ट्वीट-2023 में भाजपा का यही हाल होगा 

राजस्थान में तीन राज्यसभा सीटों पर कांग्रेस की विजय लोकतंत्र की जीत है। मैं तीनों नवनिर्वाचित सांसदों प्रमोद तिवारी, मुकुल वासनिक और रणदीप सुरजेवाला को बधाई देता हूं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि तीनों सांसद दिल्ली में राजस्थान के हक की मजबूती से पैरवी कर सकेंगे। यह शुरू से स्पष्ट था कि कांग्रेस के पास तीनों सीटों के लिए जरूरी बहुमत है। परंतु भाजपा ने एक निर्दलीय को उतारकर हॉर्स ट्रेडिंग का प्रयास किया। हमारे विधायकों की एकजुटता ने इस प्रयास को करारा जवाब दिया है। 2023 विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को इसी तरह हार का सामना करना पड़ेगा।

 

 

क्रॉस वोटिंग करने पर भाजपा विधायक पर गिरी गाज

धौलपुर से भाजपा विधायक शोभा रानी कुशवाहा को क्रॉस वोटिंग करने के चलते पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। शोभा को सात दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है। इसमें उन्हें बताना होगा कि उन्हें निष्कासित क्यों न किया जाए?  दरअसल, शोभा ने वोट देने के बाद अपना मतपत्र एजेंट राजेंद्र राठौड़ को दिखाया था। इस दौरान राठौड़ ने मतपत्र अपने हाथ लिया तो उसमें कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद तिवारी को वोट दिया गया था। इसी कारण से भाजपा ने विधायक पर एक्शन लिया है।  



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.