Rajasthan rajya sabha election: राजस्थान में कौन-कौन हैं प्रत्याशी, किस दल का पलड़ा भारी; जानिए क्या है समीकरण


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राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की चार सीटों के लिए मतदान सुबह नौ बजे से शुरू हो चुका है। भाजपा की पहली बस विधायकों को लेकर विधानसभा पहुंच गई है। वहीं सीएम अशोक गहलोत भी विधायकों के साथ विधानसभा पहुंच गए हैं। होटल लीला पैलेस से कांग्रेस विधायकों की एक बस विधानसभा पहुंचने वाली है।

राजस्थान राज्यसभा चुनाव के लिए पांच उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस की दो और भाजपा की एक सीट पर जीत पक्की दिख रही है। सारा घमासान चौथी सीट का है। भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा के चुनावी मैदान में आने से मुकाबला रोचक हो गया है। क्रॉसवोटिंग की आशंका जताई जा रही है। जानिए राजस्थान के राज्यसभा चुनाव का पूरा समीकरण।

कांग्रेस को अपने तीन उम्मीदवारों के लिए 123 विधायकों के वोट चाहिए। जबकि कांग्रेस ने दावा किया कि बाड़ाबंदी में इससे भी ज्यादा 126 विधायक मौजूद रहे। हालांकि, कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग, धन-बल और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग की बात कहते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी। इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। वहीं कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों ने अपने विधायकों की बाड़ेबंदी की। अब दोनों पार्टियों के विधायक आज उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

 
एक राज्यसभा उम्मीदवार को जीत के लिए कितने वाेट चाहिए?

इस राज्यसभा चुनाव में एक विधायक की वोट की वेटेज 100 आंकी गई है। यानी 4,001 वेटेज वोट मिलने पर एक राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होगा। इस लिहाज से हर चुने जाने वाले राज्यसभा सदस्य को 40.1 (40.1X100 = 4001) विधायकों के वोट की आवश्यकता है। या यूं कहें तो 41 विधायक एक राज्यसभा सदस्य को जीता सकते हैं।

कांग्रेस के पास कितने विधायक

राजस्थान विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 200 हैं। इनमें से 126 विधायक कांग्रेस के साथ हैं। पार्टी का दावा है कि इनमें कांग्रेस के 108, निर्दलीय -13, बीटीपी-दो, सीपीएम – दो और एक विधायक आरएलडी से है। यह सभी उनके साथ है। एक सदस्य के लिए 41 तो 3 सदस्यों के लिए 123 विधायकों का समर्थन चाहिए। इस तरह से कांग्रेस और कांग्रेस के समर्थन वाले विधायकों की कुल संख्या 126 को देखते हुए यह साफ है कि कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसद सीधे तौर पर चुने जा सकते हैं। इसके साथ ही तीन विधायकों के मत अतिरिक्त हैं।

भाजपा का क्या है हाल
भारतीय जनता पार्टी के कुल विधायकों की संख्या 71 है। इसके अलावा सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायक हैं। हनुमान बेनीवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा को समर्थन देने का एलान किया है। वहीं स्पष्ट है कि भाजपा के पास एक राज्यसभा उम्मीदवार को चुनने के लिए 41 विधायक हैं। इसलिए भाजपा की सीट पर जीत पक्की है।

निर्दलीय को कैसे मिल सकती है जीत
निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार के तौर सुभाष चंद्रा पांचवें प्रत्याशी हैं। सुभाष चंद्रा के नामांकन पत्र का अनुमोदन करने वाले सभी 10 प्रपोज़र राजस्थान के भाजपा विधायक हैं। यदि भाजपा और उसके समर्थक विधायकों के कुल 33 अतिरिक्त वोट भी सुभाष चंद्रा को मिलेंगे तो भी जीत के लिए आठ वोटों की कमी रहेगी। वहीं चंद्रा ने दावा किया कि कांग्रेस के आठ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

इन दिग्गजों की साख दांव पर

कांग्रेस ने तीन उम्मीदवारों रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा ने एक उम्मीदवार घनश्याम तिवाड़ी को राज्यसभा चुनाव में उतारा है। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सुभाष चंद्रा मैदान में हैं।

कांग्रेस कैंप से ये विधायक बाहर 
कांग्रेस ने 126 विधायकों के साथ होने का दावा किया है। विधायकों को जयपुर में बाड़ेबंदी में रखा गया है। हालांकि, कांग्रेस कैंप में माकपा के दो और निर्दलीय बलजीत यादव कैंप के बाहर हैं। वहीं कांग्रेस विधायकों में से भरत सिंह भी कैंप में शामिल नहीं है। कहा जा रहा है कि वे सीधे मतदान स्थल पहुंचेंगे। वहीं दीपेंद्र सिंह शेखावत, मुरारी मीणा, परसराम मोरदिया, रूपाराम मेघवाल की तबीयत खराब है। जिसके चलते वे कैंप में शामिल नहीं हुए और उसकी अनुमति इन्होंने पार्टी से ले रखी है। वहीं बीटीपी के दो विधायक उदयपुर से कांग्रेस नेताओं के साथ जयपुर आए हैं।

बीटीपी और माकपा विधायकों पर रहेगी नजरें
 राज्यसभा चुनाव में बीटीपी ने मतदान नहीं करने का निर्णय लिया है। बीटीपी ने अपने दो विधायकों को व्हिप जारी कर तटस्थ रहने को कहा है। हालांकि, पार्टी उन्हें व्हिप मानने के लिए मजबूर नहीं कर सकती है। पार्टी स्तर व्हिप का उल्लंघन करने पर भी विधायकों द्वारा दिया गया वोट खारिज नहीं हो सकता। ऐसे में सबकी निगाहें दोनों बीटीपी विधायकों पर रहेगी। दो बीटीपी विधायकों ने हाल ही में मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात की है। दूसरी ओर कांग्रेस माकपा विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है लेकिन माकपा ने अब तक पार्टी स्तर पर इसका निर्णय नहीं सुनाया है। माकपा के भी राजस्थान में दो विधायक हैं।

बसों में सवार होकर वोट देने आएंगे विधायक
राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह नौ बजे मतदान शुरू हो जाएगा, जो शाम चार बजे तक चलेगा। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस और अन्य विधायक अपने बाड़ेबंदी स्थल से बसों में सवार होकर मतदान स्थल तक पहुंचेंगे। हर बस में पार्टी से जुड़े बड़े पदाधिकारी तैनात रहेंगे और बस बाड़ेबंदी स्थल से रवाना होकर सीधे विधानसभा में बने मतदान स्थल पर पहुंचेगे। 

विस्तार

राजस्थान में राज्यसभा चुनाव की चार सीटों के लिए मतदान सुबह नौ बजे से शुरू हो चुका है। भाजपा की पहली बस विधायकों को लेकर विधानसभा पहुंच गई है। वहीं सीएम अशोक गहलोत भी विधायकों के साथ विधानसभा पहुंच गए हैं। होटल लीला पैलेस से कांग्रेस विधायकों की एक बस विधानसभा पहुंचने वाली है।

राजस्थान राज्यसभा चुनाव के लिए पांच उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस की दो और भाजपा की एक सीट पर जीत पक्की दिख रही है। सारा घमासान चौथी सीट का है। भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा के चुनावी मैदान में आने से मुकाबला रोचक हो गया है। क्रॉसवोटिंग की आशंका जताई जा रही है। जानिए राजस्थान के राज्यसभा चुनाव का पूरा समीकरण।


कांग्रेस को अपने तीन उम्मीदवारों के लिए 123 विधायकों के वोट चाहिए। जबकि कांग्रेस ने दावा किया कि बाड़ाबंदी में इससे भी ज्यादा 126 विधायक मौजूद रहे। हालांकि, कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग, धन-बल और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग की बात कहते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखी। इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। वहीं कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों ने अपने विधायकों की बाड़ेबंदी की। अब दोनों पार्टियों के विधायक आज उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

 

एक राज्यसभा उम्मीदवार को जीत के लिए कितने वाेट चाहिए?

इस राज्यसभा चुनाव में एक विधायक की वोट की वेटेज 100 आंकी गई है। यानी 4,001 वेटेज वोट मिलने पर एक राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होगा। इस लिहाज से हर चुने जाने वाले राज्यसभा सदस्य को 40.1 (40.1X100 = 4001) विधायकों के वोट की आवश्यकता है। या यूं कहें तो 41 विधायक एक राज्यसभा सदस्य को जीता सकते हैं।

कांग्रेस के पास कितने विधायक

राजस्थान विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 200 हैं। इनमें से 126 विधायक कांग्रेस के साथ हैं। पार्टी का दावा है कि इनमें कांग्रेस के 108, निर्दलीय -13, बीटीपी-दो, सीपीएम – दो और एक विधायक आरएलडी से है। यह सभी उनके साथ है। एक सदस्य के लिए 41 तो 3 सदस्यों के लिए 123 विधायकों का समर्थन चाहिए। इस तरह से कांग्रेस और कांग्रेस के समर्थन वाले विधायकों की कुल संख्या 126 को देखते हुए यह साफ है कि कांग्रेस के तीन राज्यसभा सांसद सीधे तौर पर चुने जा सकते हैं। इसके साथ ही तीन विधायकों के मत अतिरिक्त हैं।

भाजपा का क्या है हाल

भारतीय जनता पार्टी के कुल विधायकों की संख्या 71 है। इसके अलावा सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायक हैं। हनुमान बेनीवाल ने निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा को समर्थन देने का एलान किया है। वहीं स्पष्ट है कि भाजपा के पास एक राज्यसभा उम्मीदवार को चुनने के लिए 41 विधायक हैं। इसलिए भाजपा की सीट पर जीत पक्की है।


निर्दलीय को कैसे मिल सकती है जीत

निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार के तौर सुभाष चंद्रा पांचवें प्रत्याशी हैं। सुभाष चंद्रा के नामांकन पत्र का अनुमोदन करने वाले सभी 10 प्रपोज़र राजस्थान के भाजपा विधायक हैं। यदि भाजपा और उसके समर्थक विधायकों के कुल 33 अतिरिक्त वोट भी सुभाष चंद्रा को मिलेंगे तो भी जीत के लिए आठ वोटों की कमी रहेगी। वहीं चंद्रा ने दावा किया कि कांग्रेस के आठ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

इन दिग्गजों की साख दांव पर

कांग्रेस ने तीन उम्मीदवारों रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा ने एक उम्मीदवार घनश्याम तिवाड़ी को राज्यसभा चुनाव में उतारा है। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सुभाष चंद्रा मैदान में हैं।


कांग्रेस कैंप से ये विधायक बाहर 

कांग्रेस ने 126 विधायकों के साथ होने का दावा किया है। विधायकों को जयपुर में बाड़ेबंदी में रखा गया है। हालांकि, कांग्रेस कैंप में माकपा के दो और निर्दलीय बलजीत यादव कैंप के बाहर हैं। वहीं कांग्रेस विधायकों में से भरत सिंह भी कैंप में शामिल नहीं है। कहा जा रहा है कि वे सीधे मतदान स्थल पहुंचेंगे। वहीं दीपेंद्र सिंह शेखावत, मुरारी मीणा, परसराम मोरदिया, रूपाराम मेघवाल की तबीयत खराब है। जिसके चलते वे कैंप में शामिल नहीं हुए और उसकी अनुमति इन्होंने पार्टी से ले रखी है। वहीं बीटीपी के दो विधायक उदयपुर से कांग्रेस नेताओं के साथ जयपुर आए हैं।

बीटीपी और माकपा विधायकों पर रहेगी नजरें

 राज्यसभा चुनाव में बीटीपी ने मतदान नहीं करने का निर्णय लिया है। बीटीपी ने अपने दो विधायकों को व्हिप जारी कर तटस्थ रहने को कहा है। हालांकि, पार्टी उन्हें व्हिप मानने के लिए मजबूर नहीं कर सकती है। पार्टी स्तर व्हिप का उल्लंघन करने पर भी विधायकों द्वारा दिया गया वोट खारिज नहीं हो सकता। ऐसे में सबकी निगाहें दोनों बीटीपी विधायकों पर रहेगी। दो बीटीपी विधायकों ने हाल ही में मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात की है। दूसरी ओर कांग्रेस माकपा विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है लेकिन माकपा ने अब तक पार्टी स्तर पर इसका निर्णय नहीं सुनाया है। माकपा के भी राजस्थान में दो विधायक हैं।

बसों में सवार होकर वोट देने आएंगे विधायक

राज्यसभा चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह नौ बजे मतदान शुरू हो जाएगा, जो शाम चार बजे तक चलेगा। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस और अन्य विधायक अपने बाड़ेबंदी स्थल से बसों में सवार होकर मतदान स्थल तक पहुंचेंगे। हर बस में पार्टी से जुड़े बड़े पदाधिकारी तैनात रहेंगे और बस बाड़ेबंदी स्थल से रवाना होकर सीधे विधानसभा में बने मतदान स्थल पर पहुंचेगे। 



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