Rajya Sabha Elections: वसुंधरा राजे का गहलोत पर हमला- विधायकों के पीछे लगी पुलिस, यह इमरजेंसी नहीं तो क्या है?


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 08 Jun 2022 09:14 PM IST

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भाजपा नेत्री और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मन से आपातकाल की भावना अभी भी नहीं निकली है। आज भी इनका आचरण इमरजेंसी जैसा ही है। यही कारण है कि इन्होंने सरकार के मुख्य अंग- विधायकों, के पीछे तक पुलिस लगा रखी है। उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है। यह इमरजेंसी नहीं तो और क्या है?

राज्यसभा चुनावों के लिए की गई भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी में बुधवार को राजे ने ‘आपातकाल व लोकतंत्र बहाली में हमारी भूमिका’ विषय पर संबोधन दिया। उन्होंने आपातकाल के कठिन दौर से लड़कर देश में फिर से लोकतंत्र की स्थापना करने वाले जनसंघ के नेताओं को भी नमन किया।

उन्होंने कहा कि मेरे पहले कार्यकाल में भाजपा सरकार ने मीसा और डीआईआर के तहत जेल गए सभी लोगों की पेंशन चालू की थी। जब 2008 में कांग्रेस सरकार आई तो उन्होंने इसे बंद कर दिया। 2013 में हमारी सरकार ने न केवल पेंशन दोबारा शुरू की बल्कि उन्हें लोकतंत्र सेनानी का दर्जा भी दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान अशोक गहलोत सरकार ने फिर से मीसाबंदियों की पेंशन बंद कर दी हो, मैं विश्वास दिलाती हूं कि वर्ष 2023 में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी। कांग्रेस ने लोकतंत्र सेनानियों का जो सम्मान छीना है, उन्हें ब्याज सहित वापस लौटाएगी। उनकी पेंशन फिर से शुरू होगी। आपातकाल के दौरान प्रधानमंत्रीजी के सेवाभाव को भी मेरा प्रणाम। वे हमारे नेताओं तक अहम जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए भेष बदलकर जेल जाया करते थे। वहीं जिन नेताओं के पीछे पुलिस लगी हुई थी, मोदी जी उन्हें स्कूटर से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाते थे। भाजपा की पहली प्राथमिकता भारत की समृद्धि व लोकतंत्र की रक्षा है। मुझे विश्वास है कि आगामी चुनावों में भाजपा का हर नेता इसी भावना के साथ आगे बढ़ेगा। अब अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा।

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भाजपा नेत्री और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मन से आपातकाल की भावना अभी भी नहीं निकली है। आज भी इनका आचरण इमरजेंसी जैसा ही है। यही कारण है कि इन्होंने सरकार के मुख्य अंग- विधायकों, के पीछे तक पुलिस लगा रखी है। उनके साथ अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है। यह इमरजेंसी नहीं तो और क्या है?

राज्यसभा चुनावों के लिए की गई भाजपा विधायकों की बाड़ेबंदी में बुधवार को राजे ने ‘आपातकाल व लोकतंत्र बहाली में हमारी भूमिका’ विषय पर संबोधन दिया। उन्होंने आपातकाल के कठिन दौर से लड़कर देश में फिर से लोकतंत्र की स्थापना करने वाले जनसंघ के नेताओं को भी नमन किया।

उन्होंने कहा कि मेरे पहले कार्यकाल में भाजपा सरकार ने मीसा और डीआईआर के तहत जेल गए सभी लोगों की पेंशन चालू की थी। जब 2008 में कांग्रेस सरकार आई तो उन्होंने इसे बंद कर दिया। 2013 में हमारी सरकार ने न केवल पेंशन दोबारा शुरू की बल्कि उन्हें लोकतंत्र सेनानी का दर्जा भी दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान अशोक गहलोत सरकार ने फिर से मीसाबंदियों की पेंशन बंद कर दी हो, मैं विश्वास दिलाती हूं कि वर्ष 2023 में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी। कांग्रेस ने लोकतंत्र सेनानियों का जो सम्मान छीना है, उन्हें ब्याज सहित वापस लौटाएगी। उनकी पेंशन फिर से शुरू होगी। आपातकाल के दौरान प्रधानमंत्रीजी के सेवाभाव को भी मेरा प्रणाम। वे हमारे नेताओं तक अहम जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए भेष बदलकर जेल जाया करते थे। वहीं जिन नेताओं के पीछे पुलिस लगी हुई थी, मोदी जी उन्हें स्कूटर से एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाते थे। भाजपा की पहली प्राथमिकता भारत की समृद्धि व लोकतंत्र की रक्षा है। मुझे विश्वास है कि आगामी चुनावों में भाजपा का हर नेता इसी भावना के साथ आगे बढ़ेगा। अब अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा।



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