गहलोत ने पायलट के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह को बताया निकम्मा, कहा- एब्सेंट माइंड होकर बैठते हैं; जानें मामला


राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधा है। सीएम गहलोत ने ईआसीपी (ERCP) को लेकर कहा कि पीएम मोदी के साथ ऐसे निकम्मे मंत्री है उन्हें यह पता नहीं कि पीएम क्या बोल रहे हैं। गहलोत ने कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री कहते हैं कि पीएम ने इस तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया, लेकिन उन्हें यह याद रखना चाहिए कि जिन सभाओं में पीएम ने ERCP को लेकर बयान दिए, उन सभाओं में शेखावत भी मौजूद थे। लेकिन वह कहते हैं कि मैंने यह बात नहीं सुनी। ये बड़ी गंभीर बात है कि पीएम मोदी मीटिंग में कोई बात कह रहे हैं और उनके मंत्री एब्सेंट माइंड होकर बैठते हैं। ऐसे निकम्मे मंत्री हैं कि उन्हें यही पता नहीं कि पीएम क्या बोल रहे हैं। इतना ही नहीं गहलोत ने यहां तक कहा कि जो मंत्री प्रधानमंत्री की बैठक में एब्सेंट माइंड रहते हों, ऐसे निकम्मे मंत्रियों को पीएम को अपने साथ रखने की क्या जरूरत है।

मुख्यमंत्री आवास पर  हुई ERCP को लेकर अहम बैठक 

उल्लेखनीय है कि सीएम गहलोत इससे पहले सचिन पायलट को निकम्मा कह चुके हैं। साल 2020 में जब पायलट ने बगावत की थी। उस समय सीएम गहलोत ने पायलच को निकम्मा कहा था। सीएम अशोक गहलोत ने आज मुख्यमंत्री आवास पर ERCP को लेकर अहम बैठक ली। इस बैठक में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) का काम रोकने के लिए लिखे गए केंद्रीय पत्र पर गहलोत ने कहा कि इस योजना को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राजस्थान के दौरे के दौरान आश्वासन दिया था, लेकिन अब केंद्रीय जल शक्ति मंत्री इस तरह के किसी भी आश्वासन के लिए मना करते हैं। जबकि हकीकत यह है कि पीएम मोदी ने अजमेर और जयपुर की जनसभा में ईआरसीपी को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने का वादा किया था। लेकिन अब केंद्रीय मंत्री सरासर झूठ बोल रहे हैं कि पीएम मोदी ने ऐसा कोई वादा नहीं किया। 

जनता इंतजार कर रही है सन्यास कब लेंगे 

सीएम ने कहा कि  पिछले दिनों 5 राज्यों के मंत्रियों की बैठक हुई। इस बैठक में राजस्थान के कैबिनेट मंत्री महेश जोशी इनोसेंट तरीके से अपनी बात बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो आश्वासन दिया इआरसीपी परियोजना को लेकर, उसे पूरा किया जाना चाहिए। इस बीच केंद्रीय जल शक्ति मंत्री अनावश्यक बोल पड़े और उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने इस तरह की कोई बात नहीं की। अगर ऐसा कुछ कहा है तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। जनता इंतजार कर रही है कि शेखावत कब राजनीति से सन्यास लेंगे। गहलोत ने कहा कि अब हमने उनके सामने वह बयान पेश किया है जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया है। गजेंद्र सिंह शेखावत को इस्तीफा देना चाहिए, क्यों नहीं दे रहे हैं। गहलोत ने कहा कि शेखावत ने हमारे लिए भी फरमान जारी कर दिया था कि अगर पीएम मोदी ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है तो वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें। अब आप बताइए कि जिस मीटिंग में खुद गजेंद्र सिंह शेखावत मौजूद थे और वह इस तरह के बयान दे रहे हैं। इसका क्या मतलब निकालें। 



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