डोटासरा ने मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को लिया निशाने पर, पीसीसी चीफ ने कहा- मर्यादा में रहकर बात करें, गुढ़ा ने धारीवाल पर किया था कटाक्ष


राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को मर्यादा में रहने की सलाह दी है। डोटासरा ने मंत्री शांति धारीवाल पर गुढ़ा के दिए बयान पर नाराजगी जताई है। डोटासरा ने कहा कि सभी मंत्रियों और पदाधिकारियों को पीसीसी कार्यालय में आने पर मर्यादा में रहना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने शुक्रवार को कहा कि था वह कांग्रेस के कल्चर के नहीं है। मंत्री शांति धारीवाल का एलाइनमेंट गड़बड़ है। डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बात करते हए नाराजगी जताई। चाहे राजेंद्र गुढ़ा जैसे वरिष्ठ मंत्री हों या फिर कोई अन्य मंत्री या खुद मेरे पदाधिकारी हों, किसी को भी सार्वजनिक रूप से मंत्रियों या अन्य कांग्रेस के नेताओं पर सवाल नहीं खड़े करने चाहिए। राजेंद्र गुढ़ा कांग्रेस आलाकमान और मुख्यमंत्री के बनाए हुए मंत्री हैं। हम उनका आदर करते हैं लेकिन उनसे यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह इस तरीके की बात करें। 

सार्वजनिक रूप से बयानबाजी गलत 

पीसीसी चीफ ने कहा कि  मैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सभी मंत्री, विधायकों ,पदाधिकारियों से आग्रह करूंगा कि वह चाहे मंत्री धारीवाल हों या कोई और हो, किसी के भी खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान नहीं दे। यह गलत बात है कि कोई भी पदाधिकारी, एमएलए या मंत्री किसी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से इस तरीके की गलत बयानबाजी करें। डोटासरा ने कहा कि राजेंद्र गुढ़ा सीनियर लीडर हैं और मंत्री भी हैं लेकिन किसी के भी खिलाफ उनको इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। मैं भविष्य में उम्मीद करता हूं कि राजेंद्र गुढ़ा हों या अन्य कोई भी हो अपनी मर्यादा का ध्यान रखेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में तो इस तरीके की बयानबाजी को बिल्कुल भी सही नहीं माना जा सकता। हमारी सरकार के मंत्री के खिलाफ हमारा ही मंत्री या कोई पदाधिकारी इस तरीके की बयानबाजी करे तो यह ठीक नहीं है।

गुढ़ा बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए थे

उल्लेखनीय है कि मंत्री राजेंद्र गुढ़ा समेत 6 विधायक बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। पायलट कैंप की बगावत से पहले सीएम गहलोत ने इन विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराया था। पायलट की बगावत के समेत इन विधायकों ने सीएम गहलोत को साथ दिया था। गहलोत सरकार को गिराने से बचाने में अहम रोल रहा। हालांकि, राज्यसभा चुनाव के दौरान मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने खुलकर नाराजगी जताई थी। गुढ़ा का कहना था कि कांग्रेस ने अपना वादा पूरा नहीं किया है। हालांकि, बाद में सीएम गहलोत से मुलाकात के बाद इन इन विधायकों की नाराजगी दूर हो गई थी। दरअसल, गुढ़ा का कैबिनेट मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज बताए जा रहे हैं।



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