फिर संकट में फंसेगी अशोक गहलोत सरकार? बुरे वक्त में 'पायलट' बने 6 विधायक हुए नाराज


राजस्थान में राजनीतिक संकट का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए विधायक और सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने उनके प्रति मंत्रियों के व्यवहार की शिकायत की है। उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार ने उनसे जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया है। गुढ़ा बसपा के उन 6 बागी विधायकों में से एक हैं, जिन्होंने कांग्रेस में शामिल होकर गहलोत सरकार को स्थिरता दी और इसके विधायकों की संख्या बढ़कर 106 हो गई। 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान भी उन्होंने गहलोत सरकार का साथ दिया। 
 
‘सोनिया-राहुल से मुलाकात का भी था वादा’
गुढ़ा ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है, ”लगभग सभी (बसपा से आए 6 विधायक) मानते हैं कि जिस तरह की उम्मीदें थीं और जो वादे किए गए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया। इससे अविश्वास बढ़ गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में टिकट मिलने की संभावना भी कम हो गई है। गुढ़ा ने कहा, ”हमें भरोसा दिया गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात कराया जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यदि कुछ नहीं हुआ तो हमें सोचना पड़ेगा, क्योंकि हर कोई चिंतित है।”

बोर्ड, गाड़ी और स्टाफ नहीं मिलने की भी नाराजगी
असुरक्षा की भावना पर गुढ़ा ने कहा, ”पिछली बार (गहलोत के पुराने कार्यकाल) सभी को टिकट दिया गया था। तीन को मंत्री बनाया गया और तीन को संसदीय सचिव, इसी तरह की चीजें तब भी दिमाग में थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है, और रुख को देखते हुए लग रहा है कि अविश्वास है।” उन्होंने कहा, ”मैंने बाकी विधायकों (बसपा से आए अन्य 5 विधायक) से बात की और सीएम की ओर से उन्हें कई भरोसा दिया। विधायक वाजिब अली और संदीप को कोई बोर्ड नहीं दिया गया। विधायक लखन को गाड़ी, स्टाफ और ऑफिस नहीं दिया गया।” उन्होंने कहा कि मूल बात यह है कि चूनाव आ रहे हैं और असुरक्षा की भावना है। 

गुढ़ा ने राज्यसभा चुनाव से पहले भी जाहिर किया था असंतोष
इससे पहले गुढ़ा ने राज्यसभा चुनाव से पहले जून में भी सार्वजनिक रूप से अपनी शिकायतों का इजहार किया था। 6 में से 5 विधायकों ने उदयपुर में दूसरे विधायकों के साथ बैठक में हिस्सा नहीं लिया और फिर अशोक गहलोत के साथ मुलाकात के बाद राजकीय विमान से गए, जहां दूसरे विधायकों को हॉर्स ट्रेडिंग के डर से रखा गया था। तब गुढ़ा ने राजस्थान के प्रभारी अजय मानक पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्होंने वादे किए, लेकिन पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा, ”राजनीति में वादों को पूरा करना चाहिए।” गुढ़ा की ओर से कही गई बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवक्ता आरसी चौधरी ने कहा कि वे कांग्रेस विधायक दल का हिस्सा हैं और यदि कोई मुद्दा है तो पार्टी नेता देखेंगे। यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि मुद्दे सही प्लैटफॉर्म पर उठाए जाएं। 



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