शेखावत का गहलोत पर पलटवार, केंद्रीय मंत्री ने कहा- सीएम गहलोत का प्रिय शब्द है निकम्मा; बताई ये वजह


राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। गहलोत के निकम्मा पर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने पलटवार किया है। शेखावत ने ट्वीट कर लिखा- ‘बोली एक अनमोल है, जो कोई बोलै जानि. हिये तराजू तौलि के, तब मुख बाहर आनि. ‘गहलोत जी’ की जुबां में मेरे लिए तो बुरा ही बुरा है। हर बार लगता है वे इससे बुरा न कहेंगे लेकिन अगली बार पहले से ज्यादा बुरा कह जाते हैं। विष वमन इसे ही कहते है.’ शेखावत ने तीन ट्विट कर अपनी बात रखी। इसमें उन्होंने लिखा कि ऐसा वे इसलिए करते हैं कि शायद जोधपुर की जनता का लोकसभ चुनाव में मुझे दिया प्रचंड आशीर्वाद वो आज तक पचा नहीं पा रहे हैं। ‘निकम्मा’ शब्द तो शायद उनका प्रिय है। मुझसे पहले अपनी पार्टी के ही एक युवा नेता को कह चुके हैं।

शेखावत बोले- गहलोत को युवाओं से चिढ़

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि शायद युवाओं से ही उनको चिढ़ है। चाहे अपनी पार्टी में हों या विपक्ष में। हर आगे बढ़ने वाले युवा से उनको कष्ट है। भाषण का समापन सारांश से किया जाता है और सीएम साहब ने वह मुझे समर्पित कर दिया। मैं तो यही कहूंगा आपकी भाषा और भावना आपको ही मुबारक। इससे पहले भी सीएम गहलोत और शेखावत के बीच कई बार जुबानी जंग हो चुकी है। 

गहलोत ने शेखावत को बताया निकम्मा 

उल्लेखनीय है कि आज सीएम गहलोत ने ईआरसीपी को लेकर कहा कि पीएम मोदी ने ऐसे निकम्मे मंत्री क्यों रख रखे हैं। गहलोत ने कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री कहते हैं कि पीएम ने इस तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया, लेकिन उन्हें यह याद रखना चाहिए कि जिन सभाओं में पीएम ने ERCP को लेकर बयान दिए, उन सभाओं में शेखावत भी मौजूद थे। लेकिन वह कहते हैं कि मैंने यह बात नहीं सुनी। ये बड़ी गंभीर बात है कि पीएम मोदी मीटिंग में कोई बात कह रहे हैं और उनके मंत्री एब्सेंट माइंड होकर बैठते हैं। ऐसे निकम्मे मंत्री हैं कि उन्हें यही पता नहीं कि पीएम क्या बोल रहे हैं। इतना ही नहीं गहलोत ने यहां तक कहा कि जो मंत्री प्रधानमंत्री की बैठक में एब्सेंट माइंड रहते हों, ऐसे निकम्मे मंत्रियों को पीएम को अपने साथ रखने की क्या जरूरत है।

सीएम बोले- परियोजना का काम चालू रखेगी सरकार 

सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्रीय केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने राजस्थान सरकार को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) का काम रोकने के लिए कहा है, लेकिन राज्य सरकार इस परियोजना को चालू रखेगी। हमारी सरकार ने ERCP के लिए 9,600 करोड़ का बजट राज्य कोष (स्टेट फंड) से जारी किया है। गहलोत ने कहा कि जब इस प्रोजेक्ट में अभी तक राज्य का पैसा लग रहा है और पानी हमारे हिस्से का है तो केन्द्र सरकार हमें ERCP का काम रोकने के लिए कैसे कह सकती है? राजस्थान के 13 जिलों की जनता देख रही है कि उनके हक का पानी रोकने के लिए केन्द्र की भाजपा कैसे रोड़े डाल रही है. प्रदेश सरकार ERCP को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।



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