Rajasthan: भाजपा का आदिवासी वोटबैंक में घुसपैठ का अभियान शुरू होते ही फ्लॉप, पदयात्रा में नहीं जुटा सके भीड़


ख़बर सुनें

विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आदिवासी समाज को साधने की पहल राजस्थान में नाकामयाब सिद्ध होती नजर आ रही है। द्रौपदी मूर्मू के देश की पहली महिला आदिवासी  राष्ट्रपति बनने पर बांसवाड़ा में वागड़ जनजाति गौरव पदयात्रा मां त्रिपुरा सुंदरी से शुरू हुई, जो बेणेश्वर धाम पर खत्म हुई। इस पदयात्रा में सतीश पूनिया सहित भाजपा के कई बड़े नेता जुटे लेकिन जिनको साधने गए, वो ही नदारद दिखे।

इस पद यात्रा का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रो में रहने वालों से संपर्क साधना था लेकिन लगता है संदेश ठीक से नहीं पहुंचा। जिसकी वजह से राजस्थान भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी मिलकर भी उतनी संख्या नहीं जुटा पाई, जितनी संख्या में अधिकारी मौजूद थे। भाजपा ने द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनाए जाने पर जनजातीय क्षेत्र में एसटी वोटों को टारगेट करने के लिए जनजाति गौरव यात्रा निकाली थी लेकिन ये विफल नजर आ रही है। यात्रा में भाजपा प्रदेश के पद अधिकारियों समेत कई जिलों के जिला अध्यक्षों के गौरव यात्रा में शामिल होने के बाद भी संख्या 250 पार नहीं पहुंची।

भाजपा की प्रदेश स्तरीय जनजाति गौरव यात्रा में सुशील कटारा प्रदेश महामंत्री, हेमराज मीना, माधो राम चौधरी (प्रदेश उपाध्यक्ष), विजेंद्र पूनिया प्रदेश मंत्री, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अलका मूंदड़ा, हिमांशु शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा, विजेंद्र पूनिया प्रदेश मंत्रीष महेंद्र जाटव प्रदेश मंत्री, हिमांशु शर्मा युवा मोर्चा, जितेंद्र मीणा, हरिराम रणवा किसान मोर्चा अध्यक्ष सहित कई नेता मौजूद रहे। 

राजस्थान में 2023 विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा के इस पदयात्रा में भीड़ नहीं जुटने से चर्चा तेज हो गई है। चर्चा है कि भाजपा को एक ऐसा चेहरा चाहिए, जो भीड़ को खींच सके। राजस्थान भाजपा का
मुकाबला खुद अपने ही नेताओं से नजर आ रहा हैं। जनजाति गौरव यात्रा में भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा नहीं दिखे और ना ही मेवाड़ के दिग्गज नेता गुलाब चंद कटारिया दिखे। साथ ही जन नेता वसुंधरा राजे भी मौजूद नहीं थीं। जन समर्थन नहीं मिलने से इस यात्रा का कोई खास प्रभाव प्रदेश में नहीं दिखाई दिया। चुनाव के ठीक पहले जन समर्थन का अभाव भाजपा के लिए अच्छे संकेत नहीं है। कहीं अंतर्कलह भाजपा को फिर सत्ता सुख से वंचित ना कर दे। 

विस्तार

विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आदिवासी समाज को साधने की पहल राजस्थान में नाकामयाब सिद्ध होती नजर आ रही है। द्रौपदी मूर्मू के देश की पहली महिला आदिवासी  राष्ट्रपति बनने पर बांसवाड़ा में वागड़ जनजाति गौरव पदयात्रा मां त्रिपुरा सुंदरी से शुरू हुई, जो बेणेश्वर धाम पर खत्म हुई। इस पदयात्रा में सतीश पूनिया सहित भाजपा के कई बड़े नेता जुटे लेकिन जिनको साधने गए, वो ही नदारद दिखे।

इस पद यात्रा का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रो में रहने वालों से संपर्क साधना था लेकिन लगता है संदेश ठीक से नहीं पहुंचा। जिसकी वजह से राजस्थान भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी मिलकर भी उतनी संख्या नहीं जुटा पाई, जितनी संख्या में अधिकारी मौजूद थे। भाजपा ने द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनाए जाने पर जनजातीय क्षेत्र में एसटी वोटों को टारगेट करने के लिए जनजाति गौरव यात्रा निकाली थी लेकिन ये विफल नजर आ रही है। यात्रा में भाजपा प्रदेश के पद अधिकारियों समेत कई जिलों के जिला अध्यक्षों के गौरव यात्रा में शामिल होने के बाद भी संख्या 250 पार नहीं पहुंची।


भाजपा की प्रदेश स्तरीय जनजाति गौरव यात्रा में सुशील कटारा प्रदेश महामंत्री, हेमराज मीना, माधो राम चौधरी (प्रदेश उपाध्यक्ष), विजेंद्र पूनिया प्रदेश मंत्री, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अलका मूंदड़ा, हिमांशु शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष युवा मोर्चा, विजेंद्र पूनिया प्रदेश मंत्रीष महेंद्र जाटव प्रदेश मंत्री, हिमांशु शर्मा युवा मोर्चा, जितेंद्र मीणा, हरिराम रणवा किसान मोर्चा अध्यक्ष सहित कई नेता मौजूद रहे। 


राजस्थान में 2023 विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा के इस पदयात्रा में भीड़ नहीं जुटने से चर्चा तेज हो गई है। चर्चा है कि भाजपा को एक ऐसा चेहरा चाहिए, जो भीड़ को खींच सके। राजस्थान भाजपा का

मुकाबला खुद अपने ही नेताओं से नजर आ रहा हैं। जनजाति गौरव यात्रा में भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा नहीं दिखे और ना ही मेवाड़ के दिग्गज नेता गुलाब चंद कटारिया दिखे। साथ ही जन नेता वसुंधरा राजे भी मौजूद नहीं थीं। जन समर्थन नहीं मिलने से इस यात्रा का कोई खास प्रभाव प्रदेश में नहीं दिखाई दिया। चुनाव के ठीक पहले जन समर्थन का अभाव भाजपा के लिए अच्छे संकेत नहीं है। कहीं अंतर्कलह भाजपा को फिर सत्ता सुख से वंचित ना कर दे। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.