REET 2022 Exam: नकल रोकने के लिए लागू किए गए सख्त गाइडलाइंस, अभय कमांड सेंटर से होगी परीक्षा हॉल की निगरानी


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रीट परीक्षा शनिवार और रविवार यानी 23 और 24 जुलाई को आयोजित होगी। पिछली परीक्षा में पेपर लीक के बाद सरकार ने नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों और कार्मिकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। 

परीक्षार्थियों को एग्जाम हॉल तक पहुंचने के लिए थ्री टियर सिक्योरिटी से गुजरना होगा। परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर प्रवेश बंद कर दिए जाएंगे। यहां तक की अभ्यर्थियों के अलावा कार्मिकों को भी गाइडलाइन के तहत परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा हॉल में इसबार पहली बार दोनों वीक्षक सरकारी कर्मचारी होंगे।

क्या है गाइडलाइन्स

परीक्षा के दौरान सुरक्षा को देखते हुए सेंटर पर ड्यूटी देने वाले कार्मिकों को स्मार्ट मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। सेंटर प्रभारियों को साधारण कीपैड मोबाइल ले जाने की अनुमति दी गई है। वहीं परीक्षा सेंटर पर प्राइवेट या निजी व्यक्ति की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। ड्यूटी पर तैनात कार्मिक को जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए आईडी कार्ड के साथ ही एग्जाम सेंटर पर दाखिले की अनुमति होगी। परीक्षा में व्यवस्था और परीक्षा के दौरान निरीक्षण के लिए सतर्कता की टीमों का गठन किया गया है।

अभय कमांड सेंटर से होगी एग्जाम हॉल की निगरानी

प्रश्न पत्र, ओएमआर शीट, परीक्षा केन्द्र और संग्रहण केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहेगी। स्ट्रांग रूम से प्रश्न पत्र का वितरण से लेकर परीक्षा समाप्ति तक प्रत्येक गतिविधि की वीडियोग्राफी की जाएगी। परीक्षा संबंधी कार्य में प्रयुक्त किए जाने वाले प्रत्येक वाहन जीपीएस युक्त होंगे। परीक्षा केन्द्रों की मॉनिटरिंग पुलिस अभय कमाण्ड सेन्टर से की जाएगी

बता दें कि प्रदेश के सभी जिलों में 1376 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां 15 लाख 66 हजार 992 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। वहीं रीट अभ्यर्थियों को निशुल्क यात्रा सुविधा 21 जुलाई से ही शुरू कर दी गई थी। जिसमें राजस्थान रोडवेज, सिटी ट्रांसपोर्ट सेवा और मेट्रो सेवा शामिल है। 

नए कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई

वहीं इस परीक्षा में नया नकल विरोधी कानून लागू रहेगा। जिसके तहत नकल करने वाले और करवाने वालों के खिलाफ नए कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा में नकल करवाने और पेपर लीक करने जैसे मामलों को गैर जमानती अपराध में शामिल किया गया है। नकल विरोधी कानून में पांच से 10 साल की सजा का प्रावधान है। 10 लाख से 10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान भी विधेयक में किया गया है। वहीं नकल गिरोह की संपति भी जब्त कर ली जाएगी। नकल करने पर अभ्यर्थी को तीन साल तक की जेल होगी। नकल करवाने के मामलों में जमानत नहीं होगी।परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक की जांच एडिशनल एसपी स्तर का अफसर ही कर सकेगा।

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रीट परीक्षा शनिवार और रविवार यानी 23 और 24 जुलाई को आयोजित होगी। पिछली परीक्षा में पेपर लीक के बाद सरकार ने नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों और कार्मिकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की गई है। 


परीक्षार्थियों को एग्जाम हॉल तक पहुंचने के लिए थ्री टियर सिक्योरिटी से गुजरना होगा। परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर प्रवेश बंद कर दिए जाएंगे। यहां तक की अभ्यर्थियों के अलावा कार्मिकों को भी गाइडलाइन के तहत परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा हॉल में इसबार पहली बार दोनों वीक्षक सरकारी कर्मचारी होंगे।

क्या है गाइडलाइन्स

परीक्षा के दौरान सुरक्षा को देखते हुए सेंटर पर ड्यूटी देने वाले कार्मिकों को स्मार्ट मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। सेंटर प्रभारियों को साधारण कीपैड मोबाइल ले जाने की अनुमति दी गई है। वहीं परीक्षा सेंटर पर प्राइवेट या निजी व्यक्ति की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। ड्यूटी पर तैनात कार्मिक को जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए आईडी कार्ड के साथ ही एग्जाम सेंटर पर दाखिले की अनुमति होगी। परीक्षा में व्यवस्था और परीक्षा के दौरान निरीक्षण के लिए सतर्कता की टीमों का गठन किया गया है।

अभय कमांड सेंटर से होगी एग्जाम हॉल की निगरानी

प्रश्न पत्र, ओएमआर शीट, परीक्षा केन्द्र और संग्रहण केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहेगी। स्ट्रांग रूम से प्रश्न पत्र का वितरण से लेकर परीक्षा समाप्ति तक प्रत्येक गतिविधि की वीडियोग्राफी की जाएगी। परीक्षा संबंधी कार्य में प्रयुक्त किए जाने वाले प्रत्येक वाहन जीपीएस युक्त होंगे। परीक्षा केन्द्रों की मॉनिटरिंग पुलिस अभय कमाण्ड सेन्टर से की जाएगी


बता दें कि प्रदेश के सभी जिलों में 1376 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जहां 15 लाख 66 हजार 992 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। वहीं रीट अभ्यर्थियों को निशुल्क यात्रा सुविधा 21 जुलाई से ही शुरू कर दी गई थी। जिसमें राजस्थान रोडवेज, सिटी ट्रांसपोर्ट सेवा और मेट्रो सेवा शामिल है। 

नए कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई

वहीं इस परीक्षा में नया नकल विरोधी कानून लागू रहेगा। जिसके तहत नकल करने वाले और करवाने वालों के खिलाफ नए कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा में नकल करवाने और पेपर लीक करने जैसे मामलों को गैर जमानती अपराध में शामिल किया गया है। नकल विरोधी कानून में पांच से 10 साल की सजा का प्रावधान है। 10 लाख से 10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान भी विधेयक में किया गया है। वहीं नकल गिरोह की संपति भी जब्त कर ली जाएगी। नकल करने पर अभ्यर्थी को तीन साल तक की जेल होगी। नकल करवाने के मामलों में जमानत नहीं होगी।परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक की जांच एडिशनल एसपी स्तर का अफसर ही कर सकेगा।



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