कुलदीप बिश्नोई का वसुंधरा राजे ने किया स्वागत, क्या राजस्थान में बदलेंगे सियासी समीकरण?; इनसाइड स्टोरी


कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई औपचारिक तौर पर भाजपा में शामिल हो गए है। राजस्थान में विश्नोई समाज बड़ी तादात है। पश्चिमी राजस्थान की करीब 40 सीटों पर विश्नोई समाज हार-जीत में निर्णायक भूमिका में रहा है। सीएम अशोक गहलोत के गृह जिले जोधपुर में बिश्नोई समाज की बड़ी तादात है। कुलदीप बिश्नोई के भाजपा में शामिल होने से नए समीकरण बने हैं। राजस्थान में 2023 के अंत में विधानसभा चुनाव होने है। ऐसे में कांग्रेस के सियासी समीकरण बिगड़ सकते हैं। कुलदीप बिश्नोई के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कुलदीप विश्नोई का भाजपा में शामिल होने पर स्वागत किया है। पूर्व सीएम ने ट्वीट कर लिखा- हरियाणा के दिग्गज नेता कुलदीप विश्नोई का भाजपा में मैं स्वागत करती हूं। मुझे विश्वास है कि आप भाजपा परिवार के समर्पित और कर्मठ सदस्य के रूप में भारत के नव निर्माण में अहम भागीदारी निभाएंगे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान का बिश्नोई समाज फ़िल्म स्टार सलमान खान के हाथों काले हिरणों के शिकार का मामला सामने आया तो वे सड़कों पर आ गए थे। सलमान खान को सड़कों पर ले आए थे।

भजनलाल के बाद रामसिंह बिश्नोई हुए बड़े नेता

राजस्थान में बिश्नोई समाज का झुकाव कांग्रेस-भाजपा दोनों ही दलों की तरफ रहा है। कांग्रेस के दिग्गज नेता रामसिंह बिश्नोई के निधन के बाद कांग्रेस की बिश्नोई समाज में पकड़ कमजोर हो गई है। अतीत में बिश्नोई समाज का झुकाव कांग्रेस की तरफ ज्यादा रहा है, लेकिन कालांतर में झुकाव कम होता चला गया। बिश्नोई समाज में भजन लाल के अलावा राजस्थान में बिश्नोई समाज के एक और दिग्गज नेता रामसिंह बिश्नोई हुआ करते थे, लेकिन उनका निधन हो गया है। रामसिंह बिश्नोई के बेटे और कांग्रेस विधायक मलखान सिंह वर्तमान में नर्स भंवरी के अपहरण व हत्या मामले में जेल जाने पर कांग्रेस को फजीहत का सामना करना पड़ा था। अब वे सीएम गहलोत के कट्टर विरोधी हैं। विधानसभा चुनाव में नया रास्ता तलाशने और कांग्रेस से बिश्नोई समाज का मोहभंग होने की बात कहते रहे हैं। अब कुलदीप बिश्नोई के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। नए सियासी समीकरण से चिंतित सीएम गहलोत ने पार्टी के बिश्नोई नेताओं से सक्रिय होने के लिए कहा है। 

राज्यसभा चुनाव में की थी क्रॉस वोटिंग

उल्लेखनीय है कि हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे कुलदीप बिश्नोई ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। गुरुवार को उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली। बुधवार को ही उन्होंने आदमपुर विधायक के तौर पर इस्तीफा दिया था। खास बात है कि कांग्रेस ने जून में ही उन्होंने निष्कासित कर दिया था। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग की थी। कुलदीप बिश्नोई ने दूसरी बार कांग्रेस पार्टी छोड़ी है। इससे पहले हरियाणा जनहित कांग्रेस का गठन किया था। लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। करीब 6 साल बाद कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस छोड़ी है। 



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