'रेवड़ी कल्चर' पर गहलोत ने पीएम मोदी को दिया जवाब, 'अमीरों का 5 लाख करोड़ का टैक्स माफ कर दिया'


राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने रेवड़ी कल्चर वाले बयान पर पीएम मोदी पर फिर निशाना साधा है।  सीएम गहलोत ने कहा कि मेरी दृष्टि में ये रेवड़ियां हीं जरुरतमंद तबके के साथ सामाजिक न्याय है। सीएम गहलोत ने एक अंग्रेजी अखबार में छपे लेख का हवाला दिया है। लेख में लिखा है कि गरीबों को जीवनयापन करने के लिए जो राशि और खाद्य सामग्री दी जात है उसे हमारे प्रधानमंत्री रेवड़ी कह रहे हैं। जबकि काॅरपोरेट घरानों और उद्योगपतियों के लिए 5 लाख करोड़ का टैक्स कर देना इन्सेन्टिवज कहलाता है। देश के वर्तमान लोकतंत्र की विडंबना है कि जब गरीब को कोई चीज निशुल्क दी जाती है तो वह रेवड़ी बन जाती है और वह चीज अमीर को दी जाती है तो इन्सेन्टिवज बन जाती है। इसलिए अब समय आ गया है कि इसका वर्गीकरण किया जाए कि कौनसी निशुल्क सुविधाओं, वस्तुओं और सेवाओं को रेवड़ी के रूप में वर्गीकृत करके उन्हें समाप्त किया जाए। कौनसी वस्तुओं और सेवाओं को गरीब के जीवन यापन हेतु चालू रखा जाए। 

विपक्षी दलों द्वारा निशुल्क वस्तुओं और सेवाओं को रेवड़ी बताते हैं

सीएम गहलोत द्वारा अपने ट्वीटर पर जारी लेख में कहा गया है कि प्रधानमंत्री केंद्र सरकार की निशुल्क योजनाओं को रेवड़ी नहीं बताकर विपक्षी दलों द्वारा निशुल्क वस्तुओं और सेवाओं को रेवड़ी बताते हुए कहा कि ये चीजें देश के विकास के लिए नुकसानदायक है। भारत में चुनाव के दौरान निशुल्क वादा करना कोई नई बात नहीं है। निशुल्क टेलीविजन बांटना रेवड़ी में रखा जा सकता है। परंतु पीडीएस के तहत निशुल्क अथवा सब्सिडी वाला राशन, मिड डे मिल के तहत दिया जाने वाला निशुल्क भोजन, आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा दिए जाने वाला निशुल्क  सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन तथा मनरेगा के तहत दिया जाने वाला कार्य क्या रेवड़ी कहा जा सकता है। प्रधानमंत्री और भाजपा के सदस्य बार-बार कहते है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत निशुल्क खाद्य वितरण करते विश्व की सबसे बड़ी खाद्य योजना को लागू किया है। प्रधानमंत्री इस योजना के तहत वितरण खाद्य सामग्री को मुफ्त की रेवड़ी क्यों नहीं मान रहे हैं। 

गहलोत ने पहले भी साधा था निशाना 

उल्लेखनीय है कि सीएम गहलोत ने कुछ दिनों पहले ही पीएम मोदी के रेवड़ी कल्चर वाले बयान पर निशाना साधा था। सीएम गहलोत ने कहा कि पीएम मोदी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी मुफ्त की रेवड़ियां बता रहे हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि वो कहते हैं कि हम राजस्थान में रेवड़ियां बांट रहे हैं, लेकिन यह रेवड़ियां नहीं बल्कि आम आदमी की जरूरत है। उसके स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए चलाई जा रही निशुल्क इलाज की योजना को वे रेवड़ियां बता रहे हैं। आम आदमी के लिए सामाजिक सुरक्षा आवश्यक है। 



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