Jaipur Maharaj Padmanabh Singh donated his two horses to club make polo accessible to common people

पोलो ग्राउंड
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुलाबी शहर की जीवंत पोलो विरासत को आगे बढ़ाने की तरफ एक प्रयास के रूप में राजस्थान पोलो क्लब ने अपना हॉर्स राइडिंग स्कूल, द सवाई मान सिंह पोलो और राइडिंग अकादमी पुनर्निर्माण के बाद फिर से शुरू कर दिया है। प्रसिद्ध पोलो खिलाड़ी महाराजा  पद्मनाभ सिंह के निर्देशन में अकादमी का उद्देश्य जयपुर में हॉर्स राइडिंग पोलो और अन्य इक्वाइन खेलों को बढ़ावा देना है।

सवाई मान सिंह पोलो और राइडिंग अकादमी में छह साल और उससे अधिक आयु के व्यक्ति घुड़सवारी सीख सकते हैं। अकादमी में हाल में किए गए बदलावों के बाद अब अकादमी पेशेवर घुड़सवारी प्रशिक्षण की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पूर्ण रूप से सुसज्जित है। यह पहल न केवल जयपुर के स्थानीय पोलो खिलाड़ियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि जयपुरवासियों को अंतर्राष्ट्रीय पदक दिलाने वाले इक्वाइन खेलों जैसे ड्रेसाज और जंपिंग में शामिल होने का अवसर भी प्रदान करेगी।

महाराजा पद्मनाभ सिंह ने अकादमी के खुलने पर अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, सवाई मान सिंह पोलो और राइडिंग अकादमी एक रोमांचक और बहुत जरूरी पहल है, जो जयपुर में घुड़सवारी, पोलो और इक्वाइन खेलों के प्रति पैशन को बढ़ावा देती है। हमारा प्राथमिक उद्देश्य लोगों को अपने कौशल को विकसित करने, उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन करने और पोलो के खेल को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच स्थापित करना है। इस प्रकार से हम गुलाबी शहर से अधिक स्थानीय पोलो खिलाड़ियों को आकर्षित करने के साथ ही पोलो से आगे अन्य इक्वाइन खेलों का विस्तार करने की आशा रखते हैं। हमारा विजन विविध पृष्ठभूमि और भिन्न रुचियों से जुड़े व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए, इक्वाइन खेलों के क्षेत्र में गुलाबी शहर की विरासत को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।

अकादमी का समय सुबह 6.30 बजे से आठ बजे तक और शाम को 5:30 बजे से शाम सात बजे तक रहेगा, जिसने न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों से बल्कि सिंगापुर सहित अन्य देशों से भी प्रतिभागियों को आकर्षित किया है। अकादमी के कोच, हैदराबाद के एलन हैं, जिन्हें कोचिंग में 15 साल का अनुभव है और साथ ही वे एक अनुभवी पोलो खिलाड़ी भी हैं। वर्तमान में, अकादमी में छह पूर्ण रूप से प्रशिक्षित पोलो घोड़े हैं, और बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त घोड़े भी खरीदे जा रहे हैं। विभिन्न कौशल स्तरों के राइडर्स के अनुरूप सवाई मान सिंह पोलो और राइडिंग अकादमी में सुबह तीन बैच और शाम को तीन बैच संचालित किए जा रहे हैं। यह व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम घुड़सवारी कौशल विकसित करने, घुड़सवारी को बढ़ावा देने और राईडिंग की कला को जानने और सराहने पर केंद्रित है।

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