कांग्रेस-बीजेपी का खेल बिगाड़ सकती है BSP
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राजस्थान का पूर्वी द्वार कहे जाने वाला भरतपुर संभाग की सीमा उत्तर प्रदेश से लगती है। यही वजह है कि यहां के चुनावों में बहुजन समाज पार्टी का दखल रहता है। बीएसपी राजस्थान की प्रमुख सियासी जमातों में शुमार कांग्रेस-बीजेपी दोनों का खेल बिगाड़ने में सक्षम है। आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर बीएसपी ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। भरतपुर संभाग की सभी तीन विधानसभा सीटों के लिए बीएसपी ने प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

विधानसभा चुनावों के लिए बीएसपी ने भरतपुर की नदबई और नगर विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है। साल 2018 के चुनाव में नदबई विधानसभा सीट और नगर विधानसभा सीट पर बीएसपी प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया था। राजस्थान में साल 2018 विधानसभा चुनाव में बीएसपी छह सीटों पर जीत दर्ज कर प्रदेश में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि, बीएसपी के सभी छह विधायकों ने कांग्रेस में अपना विलय कर लिया था।

बीएसपी आलाकमान सतर्क

बीएसपी के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब पार्टी के सभी छह विधायकों ने कांग्रेस में विलय कर लिया हो। साल 2008 के विधानसभा चुनाव में भी बीएसपी के छह विधायक जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, उस समय भी पार्टी के सभी विधायकों ने कांग्रेस में विलय कर लिया और अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाने में सहयोग किया। साल 2018 के चुनाव में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बने और बीएसपी के सभी छह विधायकों का विलय कांग्रेस में करा लिया। आगामी चुनावों में बीएसपी प्रत्याशियों के चुनाव को लेकर काफी सतर्कता बरत रही है, पार्टी उन प्रत्याशियों को टिकट देने पर जोर दे रही है, जो उसे धोखा न दे।

नदबई से बीएसपी ने इन्हें बनाया उम्मीदवार

बीएसपी ने साल 2023 विधानसभा चुनाव के लिए नदबई विधानसभा सीट से खेमकरण तौली को अपना प्रत्याशी बनाया है। साल 2018 के चुनाव में खैमकरण तौली नदबई विधानसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। बीएसपी के आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी खेमकरण तौली भरतपुर में जिला प्रमुख के पद पर भी रह चुके हैं।

खेमकरण तौली को साल 2018 के चुनाव में कुल 29 हजार 529 वोट मिले थे। साल 2018 के चुनाव में बीएसपी की टिकट पर जोगिंदर सिंह अवाना चुनाव लड़े थे। अवाना बीएसपी के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस का दामन थाम लिए थे। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में जोगिंदर सिंह अवाना को कुल 50 हजार 976 वोट मिले थे। वहीं, बीजेपी की कृष्णेन्द्र कौर दीपा को कुल 46 हजार 882 वोट मिले थे।

बीजेपी के पांच उम्मीदवार यहां से ताल ठोक रहे

भरतपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में से नदबई विधानसभा ऐसी सीट हैं, जहां बीजेपी की टिकट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में दाव पेंच आजमा रहे हैं। सभी उम्मीदवारों ने जनसंपर्क शुरू कर दिया है। नहीं सहेगा राजस्थान आंदोलन के जरिए बीजेपी नदबई विधानसभा क्षेत्र में प्रचार-प्रसार में जुट गई है।

जाट मतदाताओं की संख्या नदबई में सबसे अधिक

सामाजिक और जातीय आधार पर नदबई विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या देखें तो यहां पर सबसे अधिक आबादी जाट की है। नदबई विधानसभा में कुल दो लाख 62 हजार मतदाता हैं। इसमें लगभग एक लाख जाट मतदाता हैं और करीब 40 हजार एससी वोटर माने जाते हैं। ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि साल 2018 में जिस तरह विधायक जोगिंदर सिंह अवाना ने बीएसपी के टिकट पर जीत विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे थे, क्या वह कांग्रेस खेमे में रहते हुए ये सफलता दोरहा पाते हैं? वहीं, इस सीट से बीएसपी के नव नियुक्त प्रत्याशी खेमकरण तौली पर भी पार्टी के वर्चस्व को कायम रखने की जिम्मेदारी होगी।

भरतपुर नगर सीट से खुर्शीद अहमद को टिकट

भरतपुर नगर सीट से बसपा ने खुर्शीद अहमद को टिकट दे दिया है। इस पर बसपा को साल 2018 में जीत मिली थी। मगर, कुछ दिनों के बाद ही बसपा के विधायक वाजिब अली कांग्रेस में शामिल हो गए। वाजिब अली का इस बार टिकट बसपा ने काट दिया है। इस सीट पर साल 2013 में बसपा के सुदेश कुमार को 18,716 (12.77) वोट मिले थे। बसपा चौथे नंबर थी। वहीं, साल 2008 में बसपा तीसरे नंबर पर थी। बसपा के बालगोविंद को 17,972 (16.09) मत मिले थे। इस सीट पर बसपा का मजबूत होल्ड है। यहां पर कुल 2,22,649 वोटर्स हैं, जिनमें 1,18,809 पुरुष और 1,03,840 महिला हैं।

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