सहायक पुलिस निरीक्षक रामजीत
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अलवर की पॉक्सो अदालत नंबर चार ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के एक मामले में अरावली विहार पुलिस थाने में कार्यरत रहे सहायक पुलिस निरीक्षक रामजीत को 10 साल की सजा सुनाई है और 22 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया है।

पीड़िता के वकील राजेश गुप्ता ने बताया कि एक विवाहिता ने दो मार्च 2021 को अलवर के महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि रामजीत, सहायक पुलिस निरीक्षक अरावली विहार थाने में तैनात है। मेरे पति से मेरे तलाक का केस चल रहा है। इस सिलसिले में मैं अलवर आती थी, उसी दौरान रामजीत से मुलाकात हो गई और मुझे कहा गया कि मैं तेरे पति को जेल करा दूंगा। उसने पहले मुझसे दोस्ती के संबंध बनाए। फिर मेरे घर आने-जाने लग गया।

मैं उसी दौरान पति से दूर किराए के मकान में अलवर रहने लग गई। साल 2018 में वह मेरे अलवर स्थित घर पर आया और इच्छा के खिलाफ उसने दुष्कर्म किया। इसके बाद वह मुझे झांसा देता रहा कि मैं तुझसे शादी कर लूंगा और खुद को उसने अविवाहित बताया और मैं उसके झांसे में आ गई। उसने मेरे से शारीरिक संबंध बना लिए। उसने मेरी अश्लील वीडियो भी बना ली और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो मैं पुलिस में हूं जिससे तेरी जान को खतरा होगा। वह लगातार दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद मैं गर्भवती हो गई।

पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया कि जब मैंने उस पर शादी करने का दबाव डाला और कहा कि मेरी समाज में बदनामी होगी। शीघ्र शादी कर लो। तो उसने शादी करने से इनकार कर दिया और कहा कि तू अभी गर्भपात करा ले, एक दिन मुझे धोखे से किसी निजी अस्पताल में वह ले गया और 17 जून 2020 को उसने धोखे से गर्भपात की गोली खिला दी, जिससे मेरे गर्भपात करा दिया। इसके बाद इस संबंध में महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जिस पर पॉक्सो अदालत नंबर चार ने आरोपी सहायक पुलिस निरीक्षक रामजीत सिंह को धारा 376 (2)ए और 506 में 10 साल का कारावास की सजा सुनाई है।

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