बाली में BJP का पलड़ा भारी
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


पाली में स्थित बाली विधानसभा में साल 1952 से 2018 तक हुए चुनावों में सात बार भाजपा, पांच बार कांग्रेस, एक बार स्वतंत्र पार्टी और चार बार निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल कर बाली का विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया है। इस विधानसभा से विधायक रहे भैरो सिंह शेखावत के उपराष्ट्रपति बनने पर यहां साल 2002 में हुए उपचुनावों में भाजपा ने यहां से प्रधान रहे चुके पुष्पेन्द्र सिंह राणावत को चुनाव में उतारा और राणावत की जीत से इस सीट पर भाजपा ही फिर से काबिज हुई।

साल 2002 में हुए उपचुनाव में जीते पुष्पेन्द्र सिंह राणावत इसके बाद 2003, 2008, 2013 और 2018 में हुए चुनावों में लगातार जीत हासिल कर पांचवी बार विधायक चुने गए हैं। इससे पहले इस विधानसभा से भैरो सिंह शेखावत 1993 और 1998 में लगातार दो बार जीते थे। जबकि इससे पहले कांग्रेस के मोहनलाल ने 1962 और 1972 में जीत हासिल की थी। साल 1967 में स्वतंत्र पार्टी के पृथ्वीराज ने जीत हासिल की थी। 

शेखावत ने जैन को पराजित कर की पारी की शुरुआत 

साल 1993 में भैरो सिंह शेखावत द्वारा कांग्रेस के मीठालाल जैन को पराजित करने पर पहली बार यह सीट भाजपा के खाते में गई थी। इसके बाद 1998 में लगातार दूसरी बार भैरो सिंह शेखावत यहां से जीते और उनके उपराष्ट्रपति बनने पर इस सीट पर 2002 में उनके नाम पर हुए उपचुनाव में भाजपा के पुष्पेन्द्र सिंह राणावत जीतकर विधानसभा में पहुंचे। 

विधानसभा चुनाव 2023 में टिकट के दावेदार

बाली विधानसभा सीट से इस बार एक बार फिर से पुष्पेन्द्र सिंह राणावत को भाजपा से टिकट मिलना तय माना जा रहा है। इसके उपरांत भी कई भाजपा नेता टिकट की कतार में हैं, जिनमें नरेश ओझा, भूपेन्द्र सिंह जोधा, हीर सिंह एडवोकेट सहित कई अन्य दावेदार इस बार टिकट के लिए दावेदारी जता रहे हैं।

पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, दुर्गा सिंह राठौड, खेत सिंह मेडतिया, जसवंत मेवाड़ा, सोमेन्द्र गुर्जर, घाणेराव सरपंच, चंद्रशेखर मेवाड़ा, ठाकुर अभिमन्यु सिंह, डॉ दुर्गा सिंह राठौड़, डिम्पल राठौड़, भैरू सिंह राजपुरोहित, रतन जनवा, हितेश सिरोहीया, रेखा कंवर, इंदु चौधरी, विजय राज जणवा, चन्दन सिंह राजपुरोहित, प्रवीण चौहान, चन्द्र शेखर मेवाड़ा, प्रमोद पाल सिंह, बलवीर सिंह, मदन सिंह राजपुरोहित, अमृत परिहार, शैतान सिंह, शरीफ खान, पुष्पेंद्र माली, अनिल भाटी, गजेंद्र सिंह, श्री पाल मेघवाल, अन्नाराम सहित कई नेता शामिल हैं।

पूर्व सांसद तीन स्थानों पर तलाश रहे हैं अपने लिए जमीन

पाली के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इसके पीछे कारण यह है कि उनका नाम बाली, पाली और सुमेरपुर विधानसभा से कांग्रेस के टिकट के दावेदार के रूप में चर्चा में है। यह बात और है कि विधानसभा में उनकी दावेदारी से स्थानीय कांग्रेसियों में नाराजगी का माहौल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *