महिला से बर्रबरता पर जांच कमेटी गठित।
– फोटो : Amar Ujala Digital

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राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के एक गांव में गर्भवती महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर गांव घुमाने के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने जांच टीम का गठन किया है। महिला आयोग ने दो दिन तक पुलिस की निष्क्रियता पर नाराजगी जाहिर की है। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

गर्भवती महिला को नग्न करने के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश जारी किया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा यह आरोप है कि दो दिन पहले घटना हुई, लेकिन राजस्थान पुलिस मामले में संज्ञान लेने में फेल रही। इसलिए अब नेशनल कमिशन फॉर वूमेन एक्ट 1990 के सेक्शन 10 के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कमीशन इंक्वारी कमेटी गठित करता है। 

इस कमेटी में चेयरपर्सन डेलिना कोंगडुप को बनाया गया है, जबकि स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी राजस्थान की ओर से वकील दूसरे सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाएगा। वह इंक्वायरी कमेटी का मेंबर होगा।

यह है पूरा मामला

मानवता को शर्मसार कर देने वाला यह मामला राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले का है। पीड़ित महिला मात्र 21 साल की है। राजस्थान पुलिस प्रमुख डीजीपी उमेश मिश्रा ने बताया कि पीड़िता के ससुराल पक्ष उसे जबरदस्ती अपने साथ अपने गांव लेकर गए थे। महिला किसी अन्य पुरुष के साथ रिश्ते में थी, वह उसके साथ ही रहती थी। इसी बात से उसके ससुराल वाले नाराज थे, जिस वजह से महिला के पति ने गुरुवार को उसे गांव के लोगों के सामने निर्वस्त्र किया, जिसका वीडियो शुक्रवार को सामने आया। वीडियो में महिला खुद को बचाने की कोशिश कर रही है। वह चीख रही है। वह चिल्ला रही है। अपनी इज्जत बचाने के लिए वह अपने पति से रहम की भीख मांग रही है। लेकिन उसका पति उसके कपड़े फाड़ रहा है। अपनी ही पत्नी को गांव वालों के सामने निर्वस्त्र कर रहा है। वहीं, गांव के लोग वहां खड़े सिर्फ तमाशा देख रहे हैं। गांव का कोई भी व्यक्ति महिला को बचाने नहीं पहुंचा। बल्कि, गांव के कुछ शख्स निर्वस्त्र करने की वीडियो बना रहे हैं। वीडियो असल में रूह कंपाने वाला है।

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