कंप्यूटर ऑपरेटर के केबिन के शीशे भी तोड़े
– फोटो : अमर उजाला

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महंगाई राहत कैंप 24 अप्रैल से भरतपुर में चल रहे हैं। हालांकि, लोगों की संख्या को देखते हुए पहले काफी कैंप लगाए गए। लोगों की सुविधा को देखते हुए वार्डों में भी कैंप लगाए गए, जिसके बाद लगभग अधिकतर लोगों के द्वारा पंजीकरण कराने के बाद जिला मुख्यालय पर सिर्फ जिला कलेक्ट्रेट पर ही कैंप का आयोजन किया जा रहा था।

सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री निशुल्क अन्नपूर्णा फूड किट और स्मार्टफोन गारंटी कार्ड योजना के लिए पंजीकरण कराना आवश्यक होने के बाद एक बार फिर लोगों की भीड कैंप में है। लेकिन प्रशासन के पास इनके लिए उचित इंतजाम नहीं हैं। लोगों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन के द्वारा कैंप की सख्या बढ़ाते हुए नगर निगम में भी कैंप का संचालन दुबारा शुरू किया गया है। लेकिन लोगों की भीड़ इतनी है कि कैंप उनके लिए कम पड़ रहे हैं। नगर निगम में सोमवार को सैंकडों लोग अपना पंजीकरण कराने पहुंच गए। जहां उचित व्यवस्था नहीं मिलने पर लोगों ने जमकर हंगामा मचाया।

महिलाओं ने एक दूसरे की बालों की चोटियां पकड़कर धक्का-मुक्की की

नगर निगम परिसर में एक भी पुलिसकर्मी नहीं लगाया गया और महिलाओं की भीड़ सुबह सात बजे से ही आना शुरू हो गई, जो शाम तक आती रही। काफी संख्या में भीड़ होने पर कूपन समय पर नहीं मिले, तो हंगामा खड़ा हो गया और महिलाओं ने एक दूसरे की बालों की चोटियां पकड़कर धक्का-मुक्की की। इस दौरान केबिन में हंगामे के दौरान लगे हुए शीशे टूट गए। जहां पर कुछ लोगों के चोट भी आई।

गोपालगढ़ निवासी स्नेहा राजपूत ने बताया कि वह अपनी दादी शारदा को लेकर नगर निगम में गई थी और दादी लाइन में लगी हुई थी। इतने में वहां पर धक्का-मुक्की हुई और केबिन के शीशे टूट गए, जिसमें मेरे हाथ में भी शीशा लगा था।

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