बीजेपी परिवर्तन यात्रा रथ
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राजस्थान में विधानसभा चुनाव में तीन महीने से भी कम का समय बचा है। लेकिन प्रदेश में चुनावी धरातल पर बीजेपी का माहौल नहीं बन पाया है। ऐसे में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए शुरू की गई परिवर्तन संकल्प यात्राओं दौरान भाजपा का चुनावी माहौल तैयार में लगी है। बीजेपी ने प्रदेश के चारों दिशाओं से चार परिवर्तन यात्राएं शुरू की है। प्रदेश के सभी 200 विधानसभा सीटों को इन परिवर्तन यात्राओं के जरिए साधने का रूट मैप तैयार किया गया है। परिवर्तन यात्राओं के जरिए बीजेपी करीब सवा करोड़ लोगों से संपर्क बनाएगी। परिवर्तन यात्राएं गांव-गांव ढाणी ढाणी से होकर निकलेगी, जिससे बीजेपी के पक्ष में माहौल तैयार होगा।

परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत केंद्र के चारों बड़े नेता जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने किया है। इस दौरान प्रदेश बीजेपी कोर कमेटी के नेता के भी मौजूद रहे। वहीं, दूसरी ओर परिवर्तन यात्राओं के दौरान हर रोज एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी। इस हिसाब से हर कल के बाद हर रोज चार जनसभाएं आयोजित की जाएगी। सभा को सम्बोधित करने के लिए स्थानीय प्रदेश स्तरीय नेताओं के साथ ही दूसरे राज्यों के प्रमुख नेताओं को भी बुलाया जा रहा है। प्रत्येक क्षेत्र में जातीय, क्षेत्रीय समीकरण के आधार पर प्रदेश स्तरीय नेताओं की यात्राओं के दौरान सभा को सम्बोधित करने की जिम्मेदारी तय की गई है।

एजेंसी जुटी है सर्वे में, टिकट यात्रा के बाद

पार्टी सूत्रों का कहना है कि बीजेपी भी हर बार की तरह सर्वे करा रही है। परिवर्तन यात्रा के दौरान बीजेपी के ज्यादातर नेता व्यस्त रहेंगे। इस दौरान एजेंसी को अपना सर्वे करने का पूरा समय मिल जाएगा। सर्वे एजेंसी वर्तमान में विधायकों के कामकाज, क्षेत्र में दावेदारों की सक्रियता के साथ ही जनता की पसंद को लेकर भी तथ्य जुटा रही है। साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाएगा कि क्षेत्र में पार्टी की वर्तमान में पॉजिशन क्या है और यात्रा के बाद क्या हालात बनेंगे। परिवर्तन यात्रा में दावेदारों की भूमिका को भी परखा जाएगा। यही कारण है कि टिकटों पर परिवर्तन यात्रा के बाद विचार किया जाएगा। क्योंकि अगर किसी एक का टिकट देना तय हो गया तो बाकी दावेदार पूरा सहयोग नहीं कर पाएंगे। बीजेपी इस प्रकार का रिस्क नहीं उठाना चाहेगी।  वहीं दूसरी ओर 25 सितम्बर को पीएम मोदी की रैली है ऐसे में  राजस्थान को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भी इसके बाद ही होने की संभावना है।

सांसद विधायकों को क्षेत्र में यात्रा की जिम्मेदारी

जानकार सूत्रों का कहना है कि बीजेपी नेतृत्व में पार्टी के प्रदेश के सभी सांसदों, तीनों मंत्रियों सहित सभी विधायकों और प्रत्याशियों तथा दावेदारों को परिवर्तन यात्रा गुजरने के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में रहने के निर्देश दिए गए हैं। इससे परिवर्तन यात्रा की मॉनिटिरंग के साथ ही उसके सफल होने की जिम्मेदारी भी सांसदों विधायकों को दी गई है। खैर बीजेपी की सत्ता परिवर्तन की इन यात्राओं का आगाज हो चुका है। यात्राओं के रथों ने अपनी गति पकड़ना भी शुरू कर दिया है। अब ज्यों-ज्यों परिवर्तन के रथ गांव ढाणी में जाकर लोगों से सम्पर्क करेंगे वैसे ही माहौल बनना शुरू होगा। अब देखना है यह है कि बीजेपी इन परिवर्तन यात्राओं के जरिए कांग्रेस को उखाड़ फेंककर सत्ता परिवर्तन में कितना सफल हो पाती है।

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