भाजपा नेता अरूण चतुर्वेदी
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर कुछ ही महीनों का समय बचा है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। दौसा में भाजपा नेता ने कांग्रेस की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की क्या औकात है ? जो सनातन धर्म के खत्म होने की बात करती है। उनसे पहले भी कई लोग आकर चले गए, वो लोगों से भी सनातन का कुछ नहीं कर पाए, तो तुम क्या कर लोगे?

दौसा में अरुण चतुर्वेदी ने यह दिया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बाद धीरे-धीरे भाजपा के अन्य नेता भी इस तरह के विवादित बयान देने लगे हैं। अरुण चतुर्वेदी ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा है कि सनातन धर्म को समाप्त करने के लिए कांग्रेस के दादा, परदादा, मुगल आये और उनसे भी कई पीढ़ियां आई, वो लोग ही सनातन धर्म को जब समाप्त नहीं कर पाए तो तुम्हारी क्या औकात है कि तुम सनातन धर्म को समाप्त कर दोगे। पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि यह सनातन वह है जो जरासंध है, यह सनातन वह है जो भारत की संस्कृति को, संस्कार को, वेद से संस्कारित बनाने का काम करता है और आज उसी सनातन के माध्यम से नरेंद्र मोदी के द्वारा वसुधैव कुटुंबकम का संदेश पूरे विश्व में जा रहा है।

वहीं, प्रभु लाल सैनी ने गहलोत सरकार की कामधेनु योजना पर कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन फड़के के समाने  राजस्थान सरकार ने कामधेनु योजना को लागू कर मात्र एक लाख किसानों को पैसा दिया, यदि सरकार को गोवंश की चिंता होती, तो और बचे हुए गोपालकों के खाते में सरकार पैसे डालती। प्रभु लाल सैनी यही नहीं रुके, सैनी ने आगे कहा कि गहलोत सरकार के महंगाई राहत कैंप से लोग राहत नहीं, आहत महसूस कर रहे है ।

 

हिंडोली विधायक और वर्तमान में गहलोत सरकार में राज्य मंत्री अशोक चांदना को लेकर भी प्रभु लाल सैनी ने  राजस्थान की गहलोत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब सरकार का मंत्री अगर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ जाये फिर तो भ्रष्टाचार का मामला स्पष्ट संकेत देता है। पूर्व मंत्री प्रभु सैनी ने आगे कहा- गहलोत के मंत्रियों का लोकतंत्र में विश्वास नहीं रहा। एक मंत्री ने जब विधानसभा पटल पर लाल डायरी का जिक्र करते हुए सरकार के भ्रष्टाचार का खुलासा करने की बात कही, तो गहलोत सरकार ने उसको मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया। 

प्रदेश में 14 से अधिक बोर्डो का गठन किया है। जिसका भी जनता को कोई लाभ नहीं मिला। आज राजस्थान में कर्ज का बोझ चढ़ा हुआ है। सात लाख करोड रुपए का कर्ज राजस्थान का है। एक लाख रूपए प्रति राजस्थान के व्यक्ति पर कर्ज है। वर्ष 2022 में रिजर्व बैंक के आंकड़े कहते हैं कि 10 राज्यों पर अधिक कर्ज है। ये आरबीआई के आंकड़े बताते हैं। कर्ज माफी को लेकर चुटकी लेते हुए उन्होंने तेजाब  फिल्म का जिक्र करते हुए गाना गाते हुए राहुल गांधी पर हमला बोला और कहा एक से 10 की गिनती गिनेंगे और कर्ज माफ हो जाएगा। उन्होंने कहा हमारी पिछली तात्कालीन भाजपा सरकार ने 8000 करोड़ किसानों का कर्ज माफ किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *