तस्वीरों में दानपात्र में नोट डालते हुए दिखाई दे रहे हैं पीएम मोदी।
– फोटो : अमर उजाला

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राजस्थान के भीलवाड़ा में भगवान श्री देवनारायण जी के 1111वें ‘अवतरण महोत्सव’ समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी ने दानपात्र में जो लिफाफा डाला उसमें  21 रुपये निकले। बीते सोमवार को आठ महीने बाद दानपात्र खुलने के बाद खोलने के बाद मंदिर के पुजारी हेमराज पोसवाल ने ये दावा किया था। लेकिन, मंदिर के पुजारी का ये दावा झूइ साबित हुआ। कुछ तस्वीरों और वीडियो में सामने आया है कि पीएम मोदी ने मंदिर में रखे दानपात्र में लिफाफा नहीं, नोट डाले थे। ऊपर दी गईं तस्वीरों में भी ये साफ दिखाई दे रहा है। 

दरअसल, 25 सितंबर सोमवार को गुर्जर समाज के आराध्य स्थल मालासेरी डूंगरी मंदिर में रखा दानपात्र खोला गया था। एक दिन में दानपात्र से 19 लाख रुपए निकले थे। ये दानपात्र साल में सिर्फ एक बार ही खुलता है। सोमवार को दानपात्र खुलने से पहले चर्चा थी कि आठ महीने पहले यहां आए पीएम नरेंद्र मोदी ने दानपात्र में एक लिफाफा डाला था। ऐसे में सभी को उस लिफाफे को ले उत्साहित थे। दानपात्र खुलने के समय बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ थी। 

इस दौरान मंदिर के पुजारी हेमराज पोसवाल ने एक लिफाफा खोला जिसमें से 21 रुपये निकले। पुजारी ने दावा करते हुए कहा कि ये लिफाफा पीएम मोदी ने ही दानपात्र में डाला था। पुजारी हेमराज ने कहा था कि कि दानपात्र से तीन लिफाफे निकले हैं। एक लिफाफे से 2100 और से दूसरे 101 रुपए निकले हैं। यह दोनों लिफाफे अलग रंग के थे। पीएम मोदी ने दानपात्र में जो सफेद लिफाफा डाला था उसमें से 21 रुपए निकले हैं। हालांकि, अब वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद ये साफ हो गया है कि पुजारी हेमराज का दावा झूठा था। 

बतादें के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जनवरी 2023 को भगवान श्री देवनारायण जी के 1111वें ‘अवतरण महोत्सव’ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में शामिल हुए थे। भाजपा नेताओं का भी कहना है कि पीएम मोदी ने दानपात्र में लिफाफा नहीं, रुपये डाले थे।

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