करवा चौथ का पर्व
– फोटो : सोशल मीडिया

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1 नवंबर को पूरे देश में करवा चौथ का पर्व बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। अगर हम बात करें राजस्थान की तो यहां भी महिलाएं अपने पतियों के लिए निर्जला व्रत रखती है। इसके साथ ही रात्रि में चंद्रमा को देखकर पति से आशीर्वाद लेती हैं। बता दें कि करवा चौथ की पूजा इस बार 1 नवंबर को 5 पांच बजकर 44 मिनट से शाम 7 बजकर 2 मिनट तक की जा सकेगी। इसके साथ ही लेक सिटी उदयपुर में 8 बजकर 41 पर चांद नजर आएगा।

इधर, ज्योतिष परिषद एवं शोध संस्थान के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 31 अक्टूबर मंगलवार को रात 9 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 1 नवंबर को रात 9 बजकर 19 मिनट तक है। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार करवा चौथ्र का व्रत 1 नवंबर बुधवार को रखा जाएगा। करवा चौथ की पूजा 1 नवंबर को 5 पांच बजकर 44 मिनट से शाम 7 बजकर 2 मिनट तक की जा सकती है।

करवा चौथ 2023 पर बन रहा महासंयोग

पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ के दिन 100 साल के बाद एक महासंयोग बन रहा है। दरअसल, 100 साल के बाद मंगल और बुध एक साथ विराजमान होंगे, उसकी वजह से बुध आदित्य योग बन रहा है, जो बहुत ही शुभ माना जाता है। 

क्यों मनाया जाता है करवाचौथ पर्व?

ऐसी मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत शादीशुदा महिलाएं करती हैं। ये व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अखंड सुहाग की कामना के लिए रखती है।

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