सत्ता का संग्राम
– फोटो : अमर उजाला



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‘सत्ता का संग्राम’ के तहत अमर उजाला का चुनावी रथ रविवार को झालावाड़ पहुंचा। यहां पर लोगों ने अमर उजाला के साथ सरकार और विकास सहित अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखी। साथ ही लोगों ने सरकार से क्या अपेक्षाएं की और क्या हुआ, इस पर भी राय व्यक्त की।

 

रविवार सुबह चाय की चर्चा के दौरान लोगों से बात के सिलसिले में पूछा गया कि झालावाड़ में चुनाव को लेकर इस समय क्या स्थिति है और क्या मुद्दे हैं इस सवाल के जवाब में झालावाड़ के निवासी ओम पाठक ने झालावाड़ में बेरोजगारी को मुख्य मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि झालावाड़ में बहुत तेजी से बेरोजगारी बढ़ रही है। उन्होंने मांग करते हुए काह कि यहां जो भी विधायक बने वो स्थानीय हो तभी यहां का विकस हो सकता है। महंगाई से लड़ाई पर उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने गैस के दाम कम कर के लोगों महंगाई से लड़ने में कुछ रहात तो दी है।

झालावाड़ की जनता को परिवर्तन की उम्मीद 

झालावाड़ निवासी नफीस शेख ने कहा कि झालावाड़ में विकास नहीं है और इसके लिए कोई भी सरकार हो सभी दोषी है। यहां की वसुंधरा राजे दो बार की मुख्यमंत्री रहीं, लेकिन विकास के नाम पर कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि आज कोटा में जाकर देखिए वहां एक अदना सा मंत्री ने कोटा का सिंगापुर बना दिया। झालावाड़ की जनता को परिवर्तन की उम्मीद है। यहां जो व्यापारी आता है उससे यहां के सत्ताधारी पहले ही इतनी डील कर लेते हैं कि वो यहां रुकता ही नहीं है। यहां झालावाड़ के अस्पताल में जाकर देखिए कोई सुविधा नहीं है। मरीज की स्थिति देकर आप दंग रह जाएंगे। चार मंजिल होने से अस्पताल बड़ा नहीं हो जाता। यहां पर डॉक्टर नहीं है। बाहर जाकर इलाज कराना पड़ता है। दो फैक्ट्रियां यहां लगाई जरूर गई लेकिन कुछ ही दिन में बंद हो गईं। यहां तानाशाही चल रही है।

लोगों ने कहा जो भी सरकार रही है सभी ने लोगों को बेवकूफ बनाया है। वसुंधरा राजे की सरकार यहां रही है, लेकिन यहां एक भी धंधा ऐसा चालू नहीं हुआ जिससे यहां के युवाओं को रोजगार मिला हो। पाटन क्षेत्र के करीब 40 गांव आज भी ऐसे जहां बिजली, पानी, रोड जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं और 35 साल से कोई भी सरकार रही हो किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। यहां पार्टी बस अपने ही लोगों को फायदा पहुंचाती है। अभी तक यहां कांग्रेस का प्रत्याशी ही तय नहीं हो पाया इसका क्या मतलब निकाला जाए।

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