राज्यसभा
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राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव एवं डॉ. मनमोहन सिंह का कार्यकाल पूरा होने एवं डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के राजस्थान सरकार में मंत्री बनने के कारण इन तीन सीटों के लिए चुनाव किए जाने हैं। वोटों के बंटवारे के नजरिये से देखा जाए तो एक सीट को जीतने के लिए 51 वोटों की आवश्यकता होगी। इस हिसाब से भारतीय जनता पार्टी की झोली में दो और कांग्रेस की झोली में एक सीट का जाना तय माना जा रहा है।

कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी का नाम प्रमुखता से चल रहा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी में भी बड़े नेताओं ने राज्यसभा जाने के लिए लॉबिंग शुरू कर दी है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ वरिष्ठ नेता ओम माथुर, राजस्थान में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, भाजपा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और अलका गुर्जर का नाम भी इस लिस्ट में सुनाई दे रहा है। ये सभी नेता फिलहाल अपने-अपने स्तर पर लॉबिंग करने में लगे हुए हैं। 

अगर कांग्रेस सिर्फ एक सीट पर ही अपना उम्मीदवार उतारती है तो भाजपा के दोनों उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा चले जाएंगे लेकिन अगर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारती है तो  27 तारीख को मतदान होना तय है। 15 फरवरी नॉमिनेशन की प्रक्रिया का आखिरी दिन है तो उसी दिन यह भी तय हो जाएगा कि राज्यसभा सांसदों का चुनाव मतदान से होगा या नहीं। 

राजस्थान में भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जातीय समीकरणों को साधने का प्रयास करते हुए अपने उम्मीदवारों का चयन कर सकती है। 

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