सरकार से मदद की गुहार लगाते सचिन के पिता।
– फोटो : अमर उजाला

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दौसा जिले में बीते शुक्रवार 23 फरवरी को डॉक्टरों की लापरवाही से जान गंवाने वाले सचिन के मामले में अभी तक न तो सरकार ने कोई सुध ली है और न ही सरकारी मशीनरी ने। राजस्थान के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में डॉक्टरों के गलत खून चढ़ाने की वजह से एक पूरे परिवार के सामने आज रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है। इस हादसे के बाद अब पूरा परिवार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मदद और न्याय की गुहार लगा रहा है। सचिन के गांव वालों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता की मांग की है।

बता दें कि एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से जान गंवाने वाला सचिन कुमार शर्मा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। सचिन कोटपुतली में FCL कंपनी में अपने पिता की जगह काम करता था। 24 फरवरी को घर लौटते वक्त उसका एक्सीडेंट हो गया था। हादसे के बाद उसे जयपुर एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही बरते हुए सचिन को दूसरे ग्रुप का खून चढ़ा दिया था। इस वजह से उसकी दोनों किडनियां फेल हो गईं और उसका निधन हो गया।

सचिन के परिवार में पिता-मां और एक बहन

सचिन के पिता महेश शर्मा ने बताया कि उनकी किडनी खराब हो जाने की वजह से उनका बेटा उनकी जगह पर नौकरी कर रहा था। सचिन के परिवार में पिता-मां और एक बहन है। बहन की शादी भी नहीं हुई है। पिताजी की किडनी खराब होने के कारण पूरे परिवार जिम्मेदारी सचिन के ऊपर ही थी। बीते शुक्रवार 24 फरवरी को कोटपुतली में रात के समय वो दूध लेकर अपने कमरे पर जा रहा था, तभी उसका एक्सीडेंट हो गया था। दौसा जिले के सचिन शर्मा के पिता ने कहा कि वो गरीब परिवार से हैं, उनकी स्थिति गांव वालों से छिपी नहीं है। सचिन शर्मा के पिता अपने परिवार की मालिया हालत को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल से न्याय के साथ आर्थिक सहायता की गुहार लगा रहे हैं।

सरकार ने नहीं दिया ध्यान

सचिन की मौत के बाद काफी हंगामा हुआ, लेकिन इस मामले में ज्यादा कुछ निकलकर सामने नहीं आया। गौर करने वाली बात ये थी कि राजस्थान के सबसे बड़े अस्पताल में गलत खून चढ़ाने की वजह से सचिन की मौत हुई। उसके बाद वहां दोषी लोगों पर कार्रवाई कर मामले की इतिश्री कर ली गई। सचिन और उसके परिवार की ओर सरकार ने एक बार भी ध्यान नहीं दिया। 

एंबुलेंस का किराया नहीं दे पाया परिवार

अंतिम संस्कार के लिए सचिन शर्मा की डेड बॉडी को उसके गांव एंबुलेंस से लाया गया तो सचिन शर्मा के परिवार के पास एंबुलेंस को देने तक का किराया नहीं था। बताया जा रहा है कि सचिन शर्मा के अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों ने मदद की तब सचिन का अंतिम संस्कार हुआ। 

परिवार में कमाने वाला एकलौता शख्स था सचिन

उधर सचिन अपने परिवार में कमाने वाला एकलौता ही शख्स बचा था। अब सचिन का परिवार सरकार से मदद की आस लगाए हुए है। लगाए देख रहे हैं कि आखिर अब उनका सहारा बनेगा कौन, हालांकि समाज के कुछ जिम्मेदारों ने एक मुहिम चलाकर व्हाट्सएप पर एक ग्रुप बनाया जिसके तहत लोगों को जोड़कर जितना संभव हो सके आम आदमी मदद कर रहा है लेकिन यह मदद सचिन के परिवार की आजीविका के लिए पर्याप्त नहीं होगी जबकि बताया जा रहा है कि स्थानीय विधायक ने भी सचिन की मौत के बाद उसके गांव जाकर आज तक परिवार का हाल भी नहीं जाना।

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